Trending

Rajyasabha Election:“मार्च के बाद पवार का क्या?” ओवैसी के बयान से महाराष्ट्र की सियासत में हलचल

Nandani | Nedrick News

Published: 06 Jan 2026, 09:02 AM | Updated: 06 Jan 2026, 09:02 AM

Rajyasabha Election: एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार के संसदीय भविष्य को लेकर बड़ा दावा कर दिया है। रविवार को अमरावती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ओवैसी ने कहा कि शरद पवार के पास अब दोबारा राज्यसभा जाने के लिए जरूरी संख्या बल नहीं बचा है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में इस पूरे मुद्दे पर “बड़ा तमाशा” देखने को मिलेगा।

और पढ़ें: Karnataka EVM Survey: EVM पर 91% जनता का विश्वास, कर्नाटक के सर्वे को लेकर BJP बनाम राहुल गांधी

मार्च में खत्म हो रहा है शरद पवार का कार्यकाल (Rajyasabha Election)

शरद पवार का राज्यसभा कार्यकाल मार्च में समाप्त हो रहा है। ऐसे समय में ओवैसी का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है, खासकर तब जब महाराष्ट्र में बीएमसी समेत कई बड़े नगर निकायों के चुनाव नजदीक हैं। ओवैसी ने साफ शब्दों में सवाल उठाया कि अगर पवार दोबारा राज्यसभा जाना चाहते हैं, तो उनके पास जरूरी विधायक कहां हैं।

‘नंबर चाहिए, वो हैं नहीं’:ओवैसी का तंज

ओवैसी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “पवार साहब का राज्यसभा टर्म मार्च तक है। उसके बाद उनके पास ताकत कहां है? उनके गठबंधन में इतने विधायक हैं क्या? राज्यसभा जाने के लिए नंबर चाहिए होते हैं। अगर वह जाएंगे तो कैसे जाएंगे?” उन्होंने आगे कहा कि यह सवाल शरद पवार से ही पूछा जाना चाहिए और आने वाला वक्त बताएगा कि यह पूरा मामला किस दिशा में जाता है।

एनसीपी में टूट का असर

ओवैसी का इशारा साफ तौर पर एनसीपी में हुई हालिया टूट की ओर था। अजित पवार के अलग होने के बाद शरद पवार गुट के पास विधायकों की संख्या काफी कम हो गई है। राज्यसभा चुनाव पूरी तरह विधायकों के गणित पर निर्भर करता है, ऐसे में ओवैसी का मानना है कि पवार के लिए राह आसान नहीं रही। उन्होंने कहा कि मौजूदा सियासी हालात में शरद पवार की पकड़ कमजोर हुई है।

राज्यसभा चुनाव इसलिए भी अहम

आगामी राज्यसभा चुनाव सिर्फ शरद पवार तक सीमित नहीं हैं। इस बार कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इनमें केंद्रीय मंत्री और बड़े दलों के प्रमुख चेहरे शामिल हैं। अगर इनमें से कुछ नेता दोबारा नहीं चुने गए, तो उनकी राजनीतिक भूमिका और सरकार में स्थिति पर सीधा असर पड़ेगा।

किन-किन नेताओं का खत्म हो रहा है कार्यकाल

जिन प्रमुख नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, दिग्विजय सिंह, शरद पवार, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा और जॉर्ज कुरियन शामिल हैं। इसके अलावा प्रेमचंद गुप्ता, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा, प्रियंका चतुर्वेदी, रामदास अठावले, रामगोपाल यादव, नीरज शेखर, शक्ति सिंह गोहिल, अभिषेक मनु सिंघवी, थंबी दुरई, तिरुचि शिवा और मनोनीत सदस्य रंजन गोगोई का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है।

2026 में 72 सीटों पर होंगे चुनाव

2026 में कुल 72 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होंगे। इनमें अप्रैल में 37, जून में 23, जुलाई में एक और नवंबर में 11 सीटों पर मतदान होगा। अप्रैल में असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल की सीटें शामिल हैं। नवंबर में उत्तर प्रदेश की 10 सीटें सबसे अहम रहेंगी, जबकि जून में आंध्र प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की सीटों पर चुनाव होगा।

कुल मिलाकर, ओवैसी के बयान ने शरद पवार और उनकी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मार्च के बाद शरद पवार की सियासी रणनीति क्या होगी और क्या वह एक बार फिर संसद पहुंच पाएंगे या नहीं।

और पढ़ें: Maharashtra Municipal Corporation Elections: चुनाव से पहले तय हो गए नतीजे? महाराष्ट्र में 69 सीटों पर निर्विरोध जीत, चुनाव आयोग ने बैठाई जांच

Nandani

nandani@nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2025- All Right Reserved. Designed and Developed by  Marketing Sheds