2025 Top 10 News: साल 2025 अब धीरे-धीरे अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। यह साल सिर्फ तारीखों और घटनाओं का संग्रह नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा दौर बनकर उभरा जिसने दुनिया की राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और सोच सब कुछ को गहराई से प्रभावित किया। कहीं युद्ध की आग तेज हुई, कहीं सत्ता बदली, तो कहीं युवाओं ने सड़कों से संसद तक अपनी आवाज बुलंद की। प्राकृतिक आपदाओं से लेकर अंतरिक्ष की उपलब्धियों तक, 2025 ने दुनिया को कई बार झकझोरा और कई बार उम्मीद भी दी। आइए नजर डालते हैं साल 2025 की उन 10 बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबरों पर, जिन्होंने वैश्विक मंच पर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं।
गाजा संकट: इस्राइल-हमास संघर्ष की मार झेलता रहा आम इंसान
साल 2025 में भी गाजा पट्टी शांति से कोसों दूर रही। इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले सका। युद्धविराम की तमाम कोशिशों के बावजूद इस्राइल ने गाजा में हवाई और जमीनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी। जवाब में हमास और उससे जुड़े संगठनों ने रॉकेट हमलों से पलटवार किया।
इस टकराव का सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ा। अस्पतालों में दवाओं और ईंधन की भारी कमी रही। पानी, भोजन और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतें भी संकट में रहीं। हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की तलाश करनी पड़ी, जिनमें महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।
संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और कई अरब देशों ने बार-बार युद्धविराम और मानवीय गलियारे खोलने की अपील की। अमेरिका ने इस्राइल की सुरक्षा को लेकर अपना रुख बनाए रखा, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा पर भी जोर दिया। वहीं ईरान और उसके समर्थक गुटों की भूमिका ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ा दिया।
म्यांमार–थाईलैंड भूकंप: दक्षिण-पूर्व एशिया कांप उठा
28 मार्च 2025 को म्यांमार और थाईलैंड में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई। भूकंप का केंद्र म्यांमार में था, लेकिन झटके थाईलैंड तक महसूस किए गए। म्यांमार के कई शहरों और गांवों में इमारतें ढह गईं, सड़कें टूट गईं और बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया।
अब तक 1700 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि हजारों घायल हुए और सैकड़ों लापता रहे। थाईलैंड में भी एहतियातन ऊंची इमारतें खाली कराई गईं। राहत और बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन के साथ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां जुटी रहीं।
पोप लियो XIV: कैथोलिक चर्च में नया इतिहास
21 अप्रैल 2025 को पोप फ्रांसिस के निधन के बाद कैथोलिक चर्च ने एक नया अध्याय देखा। कई दौर की गोपनीय वोटिंग के बाद 8 मई को अमेरिकी मूल के कार्डिनल रॉबर्ट प्रेवोस्ट को नया पोप चुना गया। उन्होंने पोप लियो XIV का नाम अपनाया और पहले अमेरिकी पोप बने। यह फैसला चर्च के इतिहास में एक बड़ा मोड़ माना गया।
यूक्रेन-रूस युद्ध: चौथे साल में भी नहीं थमी जंग की लपटें (2025 Top 10 News)
यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा युद्ध 2025 में चौथे साल में प्रवेश कर गया और हालात और ज्यादा जटिल हो गए। साल की शुरुआत से ही रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे, बिजली ग्रिड और सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की संख्या बढ़ा दी। कीव, खारकीव और ओडेसा जैसे शहरों पर बार-बार हुए हवाई हमलों ने आम लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया। बिजली, पानी और हीटिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं कई इलाकों में ठप हो गईं।
दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी जवाबी रणनीति अपनाते हुए रूस के सीमावर्ती क्षेत्रों और सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए। युद्ध धीरे-धीरे ऐसे मोड़ पर पहुंच गया, जहां किसी भी पक्ष को निर्णायक बढ़त मिलती नहीं दिखी। अमेरिका, यूरोपीय संघ और नाटो देशों ने यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक मदद जारी रखी, जबकि रूस ने चीन, ईरान और अन्य सहयोगी देशों के साथ रिश्ते और मजबूत किए। शांति वार्ताओं की कई कोशिशें हुईं, लेकिन अविश्वास और जमीनी हालात के चलते कोई ठोस समझौता नहीं हो सका।
डोनाल्ड ट्रंप की वापसी: दूसरी बार व्हाइट हाउस में एंट्री
अमेरिका की राजनीति के लिए 2025 ऐतिहासिक साल रहा। 20 जनवरी 2025 को डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। वे ऐसे दूसरे राष्ट्रपति बने, जिन्होंने गैर-लगातार दो कार्यकाल पूरे किए। नवंबर 2024 के चुनाव में ट्रंप को 312 इलेक्टोरल वोट मिले, जबकि कमला हैरिस को 226 वोटों से संतोष करना पड़ा।
7 जनवरी को कैपिटल हिल में इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की गिनती के बाद उनकी जीत की औपचारिक घोषणा हुई। दिलचस्प बात यह रही कि इस प्रक्रिया की अध्यक्षता उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने ही की।
पदभार संभालते ही ट्रंप ने अपने अंदाज में ताबड़तोड़ फैसले लिए। उन्होंने पूर्व प्रशासन की कई नीतियों को पलटने के लिए कार्यकारी आदेश जारी किए। 2021 के कैपिटल हमले से जुड़े कुछ लोगों को क्षमादान देना और संघीय स्तर पर भर्तियों पर रोक जैसे फैसले खास चर्चा में रहे। ट्रंप की वापसी ने न सिर्फ अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति को नए सिरे से प्रभावित किया।
Gen Z का उभार: युवाओं ने बदले सत्ता के समीकरण
2025 में यह साफ हो गया कि राजनीति अब सिर्फ बुजुर्ग नेताओं तक सीमित नहीं रही। जेन-जी यानी 1997 के बाद जन्मी पीढ़ी ने दुनिया भर में अपनी ताकत दिखाई। सोशल मीडिया कैंपेन, छात्र आंदोलनों और बढ़ती चुनावी भागीदारी के जरिए युवाओं ने सरकारों को फैसले बदलने पर मजबूर किया।
बांग्लादेश में बेरोजगारी, महंगाई और चुनावी पारदर्शिता को लेकर छात्रों के बड़े आंदोलन हुए, जिनके दबाव में सरकार को नीतिगत सुधार और कैबिनेट में बदलाव करने पड़े। नेपाल में सितंबर 2025 में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का फैसला युवाओं के गुस्से का कारण बना। भ्रष्टाचार और सत्ता पर बुजुर्ग नेताओं के कब्जे के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए, जिनके बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। फिलहाल देश में पूर्व सीजेआई सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार है, जिसने मार्च 2026 में चुनाव कराने का ऐलान किया है।
श्रीलंका में आर्थिक संकट के बाद युवाओं का दबाव इतना बढ़ा कि समय से पहले चुनाव कराने पड़े। यूरोप में फ्रांस और पोलैंड में भी जलवायु परिवर्तन, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर युवाओं का असर चुनावी नतीजों में साफ दिखा।
अंतरिक्ष से धरती तक: महीनों बाद लौटे अंतरिक्ष यात्री
नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर आठ दिन के मिशन पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन गए थे, लेकिन तकनीकी खराबियों के चलते महीनों तक वहीं फंसे रहे। कई बार वापसी टली, लेकिन आखिरकार 18 मार्च 2025 को दोनों सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए। इस चुनौतीपूर्ण मिशन के दौरान उन्होंने कई अहम वैज्ञानिक प्रयोग पूरे किए।
नए टैरिफ: वैश्विक व्यापार में हलचल
2 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘मुक्ति दिवस’ पर नई टैरिफ नीति का ऐलान किया। सभी आयातित वस्तुओं पर 10% शुल्क और भारत, चीन, यूरोपीय संघ जैसे देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए गए। इसे 1930 के दशक के बाद अमेरिका का सबसे बड़ा टैरिफ कदम माना गया। इसके बाद दुनिया भर में व्यापारिक बातचीत और समझौतों की नई लहर शुरू हो गई।
चांद और मंगल की ओर दुनिया की नजर
2025 अंतरिक्ष अनुसंधान के लिहाज से भी खास रहा। भारत ने चंद्रयान-5 मिशन को मंजूरी दी, जिसमें चंद्रमा से नमूने लाने की योजना है। अमेरिका, जापान और निजी कंपनियों ने भी चंद्र मिशनों की तैयारी तेज की। मंगल ग्रह की ओर नासा ने अर्सिया मॉन्स की पहली विस्तृत तस्वीरें जारी कीं, जबकि स्पेसएक्स ने 2026 में रोबोटिक मिशन भेजने की योजना दोहराई।
थाईलैंड–कंबोडिया सीमा विवाद: सीजफायर से राहत
साल के आखिर में थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा तनाव पर अस्थायी विराम लगा। 27 दिसंबर से लागू हुए सीजफायर के बाद हालात कुछ हद तक सामान्य हुए। इससे पहले जुलाई और दिसंबर में हुई झड़पों में दर्जनों लोगों की जान गई थी और लाखों लोग विस्थापित हुए थे।
कुल मिलाकर, साल 2025 ने दुनिया को यह एहसास कराया कि बदलाव अब धीमे नहीं, तेज रफ्तार से हो रहे हैं। युद्ध, आंदोलन, आपदाएं और वैज्ञानिक उपलब्धियां मिलकर इस साल को इतिहास के पन्नों में खास बना दिया।






























