सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाला सुपरहिट शो कौन बनेगा करोड़पति का आपको एक ऐड जरूर याद होगा, जिसमें एक कंटेस्टेंट सिक्किम किस देश का हिस्सा है यह जानने के लिए ऑडियंस पोल लेती है जिसका जवाब आता है हंड्रेड परसेंट इंडिया का और… वहां बहुत ही खूबसूरत जवाब देती है कि जानते तो सब है लेकिन मानते कितने लोग हैं यह तो केवल एक एडवरटाइजमेंट था लेकिन सच्चाई इससे भी ज्यादा कड़वी है। भारत के नॉर्थ ईस्ट राज्य जहां के लोगों को शायद भारतीय होने की दर्जा तक नहीं है, उनके साथ भारत के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह का व्यवहार होता है जैसे कि वह भारत की नहीं बल्कि किसी और देश का नागरिक हो।
उनके लिए जाति या धार्मिक पहचान तो छोड़िए भारतीय होने की पहचान ही मिल जाए तो काफी है, जी हां, नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ बाकी के क्षेत्रों में होने वाले व्यवहार का एक सीधा उदाहरण इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। एक 24 साल का युवक, आंखों में अनगिनत सपने लेकर, भारतीय होने का गुमान लेकर त्रिपुरा से उत्तराखंड MBA करने के लिए आया था, लेकिन तब शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि एक नॉर्थ ईस्ट नागरिक होने की कीमत उसे जान देकर चुकानी पड़ेगी। 17 दिनों तक कि जंग आखिर वो मौत के आगे हार गया, और घर का चिराग बुझ गया।
क्या है पूरा मामला
24 साल के एंजेल चकमा MBA की पढ़ाई के लिए त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के नंदनगर से उत्तराखंड के देहरादून पढ़ने आए थे। रोज की तरह 9 दिसंबर को एंजेल और उसके छोटे भाई माइकल बाजार सब्जियां लाने गए थे। इस दौरान कुछ लोगों ने एंजेल के छोटे भाई पर नस्लिय टिप्पणियां की, इतना ही नहीं जब माइकल ने उन लोगो से ऐसा करने का कारण पूछा तो उन लोगो ने माइकल पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन उसी बीच एंजेल वहां आ गया और उसने बीच बचाव करने की कोशिश की।
एंजेल पर चाकुओ से कई वार
लेकिन ऐसा लगता है कि जैसे वो पहले से ही हत्या की साजिश करके आये थे, उन लोगो के पास तेजधार हथियार थे, और उन लोगो ने एंजेल पर चाकुओ से कई वार किये.. जिसमें एंजेल को गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर गहरी चोट आई,करीब 17 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ते लड़ते एंजेल अंत में हार गया। 27 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। एंजेल की मौत से पूरे नोर्थ ईस्ट में काफी गुस्सा है। टिपरा मोथा पार्टी के चेयरमैन प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने एंजेल के परिवार वालों को सात्वना देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई का आश्वासन दिलाया है तो वहीं उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि वो इस तरह के नस्लीय भेदभाव नहीं को किसी भी हाल में राज्य में होने नहीं देंगे। उन्होंने प्रशासन को फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
हत्या के खिलाफ मोर्चा खोलकर प्रदर्शन शुरु
वही उत्तर-पूर्व के छात्र संगठनों के साथ साथ देहरादून में भी छात्र संगठनों ने एकजुट होकर एंजेल की नस्लीय भेदभाव के कारण हुई हत्या के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन शुरु कर दिया है। छात्र संघ ने देश भर में नस्लीय नफरत के कारण होने वाले अपराधों के खिलाफ सख्त राष्ट्रीय कानून बनाने और उसपर सख्ती से पालन करने की मांग नॉर्थ ईस्ट के छात्रों को पूरी सुरक्षा और सम्मान दिलाने के लिए सरकार से कदम उठाने की मांग की है।
इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है वहीं मुख्य आरोपी के नेपाल फरार होने की खबर सामने आई है, जिसपर पुलिस ने 25 हजार रूपयों का ईनाम भी घोषित कर दिया है साथ ही पुलिस की एक टीम नेपाल रवाना कर दी गई है। गिरफ्तार हुए पांचो आरोपियों में दो अभी भी नाबालिग है, जिन्हें जुवेनाईल जेल भेजा गया है। हैरानी की बात है कि पूरा नॉर्थ ईस्ट देश के विकास में बड़ा योगदान देता रहा है लेकिन बावजूद इसके उनके साथ होने वाले व्यवहार..केवल नस्लीय भेदभाव को ही नहीं बल्कि कुछ लोगो की विकृत मानसिकता को भी दर्शाते है।






























