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सुसाइड या साजिश? Jalaun Inspector Arun Rai की मौत के पीछे मीनाक्षी शर्मा का बड़ा हाथ

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 10 Dec 2025, 12:00 AM | Updated: 10 Dec 2025, 12:00 AM

Jalaun Inspector Arun Rai: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एसएचओ अरुण राय की मौत के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, अरुण राय को उनकी ही महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। मीनाक्षी ने अरुण राय से 25 लाख रुपये की डिमांड की थी, क्योंकि उसके पास एसएचओ के साथ की अश्लील फोटो और चैट्स थे, जिनके जरिए वह लगातार उसे धमकी दे रही थी। इस मामले में मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। पुलिस अब इस मामले की जांच हत्या के एंगल से भी कर रही है।

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मीनाक्षी के पास थे आपत्तिजनक सबूत (Jalaun Inspector Arun Rai)

मृतक एसएचओ अरुण राय की लाश जब उनके घर से मिली, तो उनकी दाहिनी कनपटी में गोली लगी हुई थी। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन पुलिस ने मीनाक्षी शर्मा के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया। इस मोबाइल में अरुण राय के साथ आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और चैट्स मिले हैं। इनसे साफ़ संकेत मिलता है कि मीनाक्षी ने इन्हीं सबूतों का इस्तेमाल कर अरुण राय को ब्लैकमेल किया था।

25 लाख की मांग

सूत्रों के मुताबिक, मीनाक्षी शर्मा 8 फरवरी 2026 को शादी करने वाली थी, और इसके लिए उसने अरुण राय से 25 लाख रुपये की मांग की थी। मीनाक्षी ने यह रकम अपनी शादी के खर्चों के लिए मांगी थी, जबकि चर्चा है कि उसने अपनी इंगेजमेंट के दौरान भी अरुण राय से साढ़े तीन लाख रुपये का डायमंड सेट लिया था।

मीनाक्षी और अरुण राय की नजदीकी

5 जुलाई 2024 को अरुण राय कोंच कोतवाली के एसएचओ बने थे, जहां उनकी तैनाती के दौरान मीनाक्षी के साथ उनकी नजदीकी बढ़ी। दोनों ने सात महीने तक साथ काम किया, और इस दौरान दोनों के बीच संबंध भी करीब आए। 22 फरवरी 2025 को अरुण राय का तबादला उरई कोतवाली हुआ, जबकि मीनाक्षी को 28 अप्रैल 2025 को यूपी 112 में ट्रांसफर कर दिया गया। बताया जाता है कि मीनाक्षी के तबादले के बाद भी वह अरुण राय पर दबाव डालती रही थी। मौत के कुछ समय पहले भी उनके बीच चैटिंग का विवरण पुलिस ने बरामद किया है, जो मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है।

मीनाक्षी का अतीत

यह पहली बार नहीं है जब मीनाक्षी ने किसी पर आरोप लगाया हो। इससे पहले, मीनाक्षी ने पीलीभीत में तैनाती के दौरान एक कांस्टेबल पर रेप का मुकदमा दर्ज किया था, और उसे जेल भेजवा दिया था। यह मामला भी उसकी विवादास्पद कार्यशैली को लेकर चर्चित रहा था। अब अरुण राय के मामले में उसकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस कार्रवाई और जांच

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी जालौन, डॉ. दुर्गेश कुमार ने एक एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया है। एसआईटी में इंस्पेक्टर अजय पाठक, एसआई शीलवंश सिंह और एक कांस्टेबल शामिल हैं। सीओ शैलेंद्र बाजपेई इस जांच का पर्यवेक्षण करेंगे। पुलिस को उम्मीद है कि एसआईटी की जांच से इस पूरे मामले के और भी राज खुलेंगे और दोषियों को सख्त सजा मिल सकेगी।

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