Nobel Prize Literature 2025: हंगरी के लेखक लास्ज़लो क्रास्ज़्नाहोरकाई को मिला सम्मान, उपन्यास ‘हर्श्ट 07769’ के लिए मिला पुरस्कार

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 10 अक्टूबर 2025, 05:30 AM Updated: 10 अक्टूबर 2025, 05:30 AM
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Nobel Prize Literature 2025: साहित्य के सबसे बड़े मंच पर इस साल हंगरी के चर्चित लेखक लास्ज़लो क्रास्ज़्नाहोरकाई ने बाज़ी मारी है। उन्हें 2025 का नोबेल पुरस्कार उनके उपन्यास ‘हर्श्ट 07769’ के लिए दिया गया है। यह उपन्यास एक छोटे से थुरिंजियन शहर की कहानी कहता है, जहां सामाजिक अराजकता, हिंसा और आगजनी की चपेट में आई ज़िंदगी को बेहद प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है। इसे आलोचकों ने “एक महान समकालीन जर्मन उपन्यास” करार दिया है।

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नोबेल समिति ने क्रास्ज़्नाहोरकाई की लेखनी को मध्य यूरोपीय परंपरा का विस्तार बताते हुए कहा कि उनका लेखन काफ्का से लेकर थॉमस बर्नहार्ड तक की शैली को समेटता है। समिति ने यह भी कहा कि उनका विजेता उपन्यास केवल एक शहर की कहानी नहीं है, बल्कि इंसानी भावना में आतंक और सौंदर्य को एक साथ पिरोने वाला साहित्यिक अनुभव है।

गहराई, जटिलता और आत्मनिरीक्षण से भरा लेखन- Nobel Prize Literature 2025

1954 में हंगरी और रोमानिया की सीमा के पास बसे छोटे से कस्बे ‘ग्युला’ में जन्मे क्रास्ज़्नाहोरकाई का साहित्यिक सफर आसान नहीं रहा। लेकिन उनके लेखन ने हमेशा गहराई और दार्शनिकता से पाठकों को बांधे रखा। वे लंबे, जटिल वाक्यों और असामान्य लेकिन गहरे भावों से भरी कहानियों के लिए पहचाने जाते हैं।

उनकी रचनाओं की तुलना अक्सर फ्रांज काफ्का और थॉमस बर्नहार्ड जैसे दिग्गज लेखकों से की जाती रही है। इनमें बेतुकापन, आध्यात्मिक खोज और जटिल मानसिक द्वंद्व की झलक मिलती है।

पहली सफलता और पूर्व का प्रभाव

क्रास्ज़्नाहोरकाई को अंतरराष्ट्रीय पहचान 1985 में आई उनकी पहली फिल्म आधारित रचना ‘सतन्तांगो’ से मिली, जिसमें एक बिखरते गांव की जिंदगी को बेहद शायराना लेकिन निराशाजनक अंदाज़ में दिखाया गया था।

सिर्फ यूरोप ही नहीं, लेखक ने चीन और जापान की यात्राओं से भी अपने विचारों को विस्तार दिया। उनके 2003 के उपन्यास ‘उत्तर में एक पर्वत, दक्षिण में एक झील, पश्चिम में रास्ते, पूर्व में एक नदी’ को इसी पूर्वी सोच से उपजा बताया जाता है। यह उपन्यास क्योटो के दक्षिण-पूर्व में घटने वाली एक रहस्यमयी यात्रा को बयान करता है।

पुरस्कार और दावेदार

नोबेल पुरस्कार के साथ क्रास्ज़्नाहोरकाई को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 8.7 लाख पाउंड) की धनराशि भी दी जाएगी। इस साल चीन की लेखिका कैन जू भी इस पुरस्कार की प्रबल दावेदार थीं। वह पिछले साल भी इस दौड़ में थीं, लेकिन तब यह सम्मान दक्षिण कोरियाई लेखक हान कांग को मिला था।

क्यों खास है ‘हर्श्ट 07769’?

‘हर्श्ट 07769’ को सिर्फ एक उपन्यास नहीं, बल्कि समाज, मनोविज्ञान और कलात्मक अभिव्यक्ति का संगम कहा जा रहा है। इसमें जोहान सेबेस्टियन बाख की सांस्कृतिक विरासत की छाया है और इस बात की पड़ताल है कि कैसे इंसानी भावना में एक ही समय पर डर और सुंदरता, दोनों रह सकते हैं।

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