31 March Financial Deadlines: मार्च का महीना खत्म होना वाला है लेकिन अगर आपने नहीं किए है ये काम तो आपको हो सकती है दिक्कत 1 अप्रैल से नया वित्तीय साल शुरू हो जाएगा। ऐसे में 31 मार्च से पहले कुछ जरूरी काम निपटा लेना बहुत जरूरी है, नहीं तो बाद में परेशानी हो सकती है या फिर जुर्माना भी देना पड़ सकता है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं उन 5 जरूरी कामों की चेकलिस्ट, जिन्हें आपको 31 मार्च की डेडलाइन से पहले हर हाल में पूरा कर लेना चाहिए।
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8th Pay Commission की आखिरी तारीख
सबसे पहले बात करते हैं 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की। अगर आप केंद्रीय कर्मचारी, पेंशनभोगी हैं या किसी कर्मचारी यूनियन से जुड़े हैं, तो अपनी मांगें या सुझाव रखने का आपके पास 31 मार्च 2026 तक का ही समय है। इसके लिए आपको MyGov पोर्टल पर जाकर आधिकारिक प्रश्नावली (Questionnaire) का उत्तर देना होगा। ध्यान रखें, ईमेल, हाथ से दिए गए पत्र या डाक से भेजी गई कोई भी प्रतिक्रिया स्वीकार नहीं की जाएगी।
31 मार्च तक अपडेटेड रिटर्न कर सकते है फाइल
अब आते हैं इनकम टैक्स से जुड़े जरूरी काम पर। अगर आपने असेसमेंट ईयर 2021-22 (यानी वित्त वर्ष 2020-21) का टैक्स रिटर्न अब तक नहीं भरा है या उसमें कोई आय दिखाना भूल गए हैं, तो उसे ठीक करने का यह आखिरी मौका है। आप 31 मार्च 2026 तक अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) फाइल कर सकते हैं। ध्यान रखें, इसके बाद इस साल के लिए यह खिड़की हमेशा के लिए बंद हो जाएगी और आपको अतिरिक्त टैक्स या जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
Revised Return सुधारने का बेहतरीन मौका
अगर आपने रिटर्न तो भर दिया था लेकिन उसमें कोई गलती रह गई है जैसे गलत डिडक्शन क्लेम करना या कोई इनकम छिपाना, तो आपके पास इसे सुधारने का बेहतरीन मौका है। बजट 2026 में हुए नए बदलावों के बाद, अब आप 31 मार्च तक अपना रिवाइज्ड रिटर्न (Revised Return) फाइल कर सकते हैं। पहले यह मौका सिर्फ 31 दिसंबर तक ही मिलता था। हालांकि 31 दिसंबर के बाद सुधार करने पर आपको एक मामूली लेट फीस देनी होगी, लेकिन यह भविष्य में आने वाले भारी जुर्माने और इनकम टैक्स नोटिस से कहीं बेहतर है।
मार्च तक ‘लेट फीस’ में सुधार सकते है गलती
इनकम टैक्स नियमों में हुए इस बड़े बदलाव को आसान भाषा में समझें तो पहले आपको अपनी गलती सुधारने (Revised Return) के लिए सिर्फ 31 दिसंबर तक का ही समय मिलता था और उसके बाद सुधार का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता था। लेकिन अब बजट 2026 के बाद सरकार ने आपको 31 मार्च तक का 3 महीने का अतिरिक्त समय दिया है। हालांकि, 31 दिसंबर के बाद रिटर्न रिवाइज करने पर आपको 1,000 या 5,000 की एक मामूली ‘लेट फीस’ देनी होगी। पर याद रखें, यह छोटी सी फीस उस भारी-भरकम जुर्माने (टैक्स का 50% से 200%) और कानूनी नोटिस से कहीं बेहतर है, जो विभाग द्वारा आपकी गलती पकड़े जाने पर आपको भरना पड़ता। यानी अब आप थोड़ी सी फीस देकर अपनी भूल सुधार सकते हैं और भविष्य की बड़ी मुसीबत से बच सकते हैं।
सारी मेहनत जा सकती है बेकार
रिवाइज्ड रिटर्न भरने के बाद उसे ई-वेरिफाई (e-Verify) करना बिल्कुल न भूलें। अगर आप इसे वेरिफाई नहीं करते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग आपके सुधार को स्वीकार नहीं करेगा और आपकी सारी मेहनत बेकार जा सकती है। आप इसे आधार ओटीपी (Aadhaar OTP) या नेट बैंकिंग के जरिए मिनटों में कर सकते हैं।
घबराएं नहीं अभी भी है मौका
वहीं अगर आप जुलाई की तय तारीख तक अपना रिटर्न नहीं भर पाए थे, तो घबराएं नहीं अभी भी आपके पास मौका है। आप 31 मार्च 2026 तक बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) फाइल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको लेट फीस देनी होगी। अगर आपकी सालाना आय 5 लाख से कम है, तो यह फीस 1,000 है और 5 लाख से ज्यादा होने पर आपको 5,000 देने होंगे। ध्यान रखें, 31 मार्च के बाद आप इस साल का रिटर्न बिल्कुल नहीं भर पाएंगे। अगर आपने रिटर्न भर दिया था और उसमें सुधार करना चाहते हैं, या फिर आप जुलाई की डेडलाइन चूक गए थे और अब पहली बार रिटर्न भरना चाहते हैं, तो आपके पास 31 मार्च तक का मौका है
टैक्स बचाने के लिए बहुत अहम समय
टैक्स बचाने के लिए निवेश करने वालों के लिए भी यह बहुत अहम समय है। अगर आपने पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनी है, तो धारा 80C के तहत PPF, ELSS या LIC में निवेश करके 1.5 लाख तक की छूट पाने का यह आखिरी मौका है। वहीं, अगर आप नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में हैं, तो आपको 80C जैसी छूट तो नहीं मिलेगी, लेकिन आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। बजट 2026 के नए नियमों के मुताबिक, अब नई व्यवस्था में 12 लाख तक की सालाना आय पूरी तरह टैक्स-फ्री कर दी गई है। यानी अगर आपकी कमाई 12 लाख तक है, तो आपको 1 का भी टैक्स नहीं देना होगा।
TDS सर्टिफिकेट जारी करने की डेडलाइन
इसके अलावा, TDS सर्टिफिकेट (Form 16A) से जुड़ा काम भी 31 मार्च तक पूरा करना जरूरी है। सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के लिए TDS सर्टिफिकेट जारी करने की डेडलाइन को बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दिया है। यह उन लोगों के लिए बहुत जरूरी है जिन्हें अपनी बैंक एफडी (Bank FD) या अन्य निवेशों पर कटे हुए टैक्स का मिलान करना है, ताकि वे अपना इनकम टैक्स रिटर्न सही-सही भर सकें।
PPF, NPS या सुकन्या समृद्धि योजना
आखिर में अगर आपका PPF, NPS या सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) खाता है, तो उसे चालू रखने के लिए 31 मार्च 2026 तक न्यूनतम राशि जमा करना न भूलें।
- PPF: सालाना कम से कम 500 (The Economic Times)
- SSY: सालाना कम से कम 250 (Post Office India)
- NPS: सालाना कम से कम 500 (NPS Trust)
फ्रीज हो सकता है खाता!
अगर आप यह छोटी सी राशि जमा करना भूल जाते हैं, तो आपका खाता ‘डॉर्मेंट’ (Dormant) या फ्रीज हो सकता है। इसे दोबारा चालू करवाने के लिए आपको न केवल भाग-दौड़ करनी होगी, बल्कि जुर्माना (Penalty) भी भरना पड़ेगा। इसलिए, समय रहते इन खातों में अपनी न्यूनतम राशि जरूर डाल दें।





























