दुनिया की आबादी का 30% मुस्लिम जनसंख्या, ब्रिटेन में कम हुई इसाईओं की आबादी, जानिए हिंदुओं का हाल

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Published: 30 Nov 2022, 12:00 AM | Updated: 30 Nov 2022, 12:00 AM

ब्रिटेन में कम हुई इसाईओं की आबादी

ईसाई धर्म (Christianity) दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाली धर्म है और इस धर्म को विश्व भर में प्रचलित करने में ब्रिटेन (Britain) का महत्वपूर्ण हाथ है। इसलिए ईसाई धर्म के लिए यह खबर थोड़ी चिंता का विषय हो सकती है। ब्रिटेन में भी ईसाई धर्म बहुसंख्यक थी लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में बहुसंख्यक ईसाई धर्म की जनसंख्या तेजी के साथ घट रही है। जबकि, दूसरी तरफ  मुस्लिमों (Islam) की आबादी में बढ़ोतरी हो रही है। मंगलवार को ब्रिटेन में जनगणना रिपोर्ट जारी हुई, जिसके अनुसार, इंग्लैंड और वेल्स में केवल 46.2 प्रतिशत लोग यानी की दो करोड़ 75 लाख लोग अपने आपको ईसाई बताया। ONS यानि की यूके ऑफिस फॉर नेशनल स्टेटिस्टिक्स  के अनुसार, साल 2011 के ईसाई आबादी में आंकड़ों के हिसाब से साल 2021 के आंकड़ों में 13.1 फीसदी की गिरावट है। वहीं दूसरी तरफ इन 10 सालों में मुस्लिमों की आबादी में 4.9 प्रतिशत से इजाफा हुआ है। 

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तेज़ी से बढ़ रही देश में मुस्लिम जनसंख्या 

ब्रिटेन में मुस्लिम जनसंख्या ताज़ा आकड़ों के अनुसार 4.9 फीसदी से बढ़कर 6.5 प्रतिशत तक पहुंच गई। देश में पहले मुस्लिम जनसंख्या 27 लाख थी, जबकि अब बढ़कर यह 39 लाख पहुंच गई है। इस जनगणना के अनुसार हिंदू आबादी 1.5 प्रतिशत से बढ़कर 1.7 प्रतिशत तक पहुंची है। 

हिंदुओं और नास्तिकों की आबादी में भी हुई बढ़ोतरी 

2011 के जनगणना के मुताबिक, पहले ब्रिटेन में 8.18 लाख हिंदू (Hindu) थे, जो अब बढ़कर 10 लाख हो गए हैं। वहीं नास्तिकों (atheists) की यानि कोई भी धर्म न मानने वाले की आबादी में 37.2 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जो पूरी जनसँख्या का एक चौथाई से अधिक हिस्सा है। 

  • यह रिपोर्ट समाज के लिए एक सन्देश 

इस रिपोर्ट पर यॉर्क स्टीफन कॉट्रेल चर्च के प्रधान पादरी ने कहा कि, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। समय के साथ ईसाइयों की जनसंख्या तेजी के साथ घट रही है। प्रधान पादरी ने अध्यात्म पर बोलते हुए आगे कहा कि यूरोप में जीवित संकट की कीमत और युद्ध झेल रहे लोगों को अध्यात्म का सहारा लेने की जरूरत है। वहीं दूसरी तरफ नास्तिकों के अधिकारों के लिए बात करने वाले ग्रुप ह्यूमनिस्ट के चीफ एग्जीक्यूटिव एंड्रयू कोपसन बताते है कि धर्म से जुड़े मुद्दों पर सरकारी नीतियों में बदलाव करने की जरूरत है। ब्रिटेन की सरकार के इन मुद्दों पर चर्च ऑफ इंग्लैंड और धार्मिक स्कूलों का सहयोग शामिल है। ग्रुप ह्यूमनिस्ट के चीफ एंड्रयू धर्मगुरुओं पर आगे कहते हैं कि दुनिया में ईरान  इकलौता देश है, जहां आम सदन में वोटिंग के लिए धर्मगुरुओं को भी शामिल किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह जनगणना रिपोर्ट देश के समाज में धर्म की भूमिका पर पुनर्विचार के लिए एक सन्देश है। 

दुनिया की आबादी का 30% मुस्लिम जनसंख्या 

प्यू रिसर्च सेंटर की मुस्लिमों की आबादी पर एक रिपोर्ट चौकाने वाली है। प्यू रिसर्च सेंटर के रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे धर्मों के मुकाबले इस्लाम दुनियाभर में सबसे तेजी से बढ़ने वाला धर्म है। रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक इनकी जनसंख्या बढ़कर दुनिया की आबादी के 30 फीसदी हिस्से तक पहुंच जाएगी।

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