देश की सर्वोच्च अदातल सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने विजय माल्या केस (Vijay Mallya Case) पर बड़ा फैसला सुनते हुए अवमानना मामले में चार महीने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही भगोड़े बिज़नेस मैन (Vijay Mallya) पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माना न चुकाने पर दो महीने की और अतिरिक्त कैद की सजा भी माल्या को सुनाई है। इसके अलावा विदेश में ट्रांसफर किए गए 40 मिलियन डॉलर 4 हफ्ते में माल्या को चुकाने के लिए भी कहा गया है। माल्या के बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने के कारण भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में बैंकों के एक कंसोर्टियम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ”माल्या 9,000 करोड़ रुपए से अधिक के लोन के रिपेमेंट पर अदालत के आदेशों का पालन नहीं कर रहा है”। 2016 से माल्या यूके में जमानत पर है।
माल्या की पुनर्विचार याचिका ख़ारिज हो गयी थी ख़ारिज
विजय माल्या को अपनी संपत्ति का सही ब्यौरा न देने के लिए 2017 में अदालत के आदेशों की अवहेलना का दोषी ठहराया गया था। कोर्ट के इस फैसले पर माल्या की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिका भी सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने 10 फरवरी को माल्या को अपने खिलाफ अवमानना मामले में व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से पेश होने के लिए दो सप्ताह का अंतिम मौका दिया था। विजय माल्या (Vijay Mallya)के वकील ने 10 मार्च को कहा था कि ”ब्रिटेन में रह रहे उनके मुवक्किल से कोई निर्देश नहीं मिल सका है, इसलि वह पंगु हैं और अवमानना के मामले में दी जाने वा ली सजा की अवधि को लेकर विजय माल्या का पक्ष रख पाने में असहाय हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद (Vijay Mallya Case) सही दिशा में जाता दिख रहा है।





























