Patna Shambhu Girls Hostel: पटना की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज है। इस केस की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, जो लगातार छापेमारी कर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। SIT ने प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल और शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जाकर कई अहम सबूत इकट्ठा किए हैं।
इस पूरे मामले के केंद्र में शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मालिक मनीष रंजन उर्फ मनीष चंद्रवंशी है, जिसकी गिरफ्तारी के बाद कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
हॉस्टल मालिक की गिरफ्तारी, बढ़ी जांच की रफ्तार (Patna Shambhu Girls Hostel)
पुलिस ने सबूत मिटाने के आरोप में हॉस्टल मालिक मनीष चंद्रवंशी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद से उसके आर्थिक लेन-देन, संपत्तियों और संपर्कों को लेकर जांच और गहरी हो गई है। पुलिस अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर मनीष का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मनीष रंजन,शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बिल्डिंग का मालिक,करोड़ों का मालिक,जिस बिल्डिंग में हॉस्टल चलता था उसी बिल्डिंग में मनीष रंजन परिवार के साथ रहता था,हॉस्टल के आस-पास के लोगों का प्रत्यक्ष रूप से कहना है कि हॉस्टल के नीचे बड़ी-बड़ी VIP गाड़ियां आती है,उस गाड़ी से कौन लोग आते… pic.twitter.com/fXLrpZVZnR
— SOURAV RAJ (@souravreporter2) January 19, 2026
15 हजार की नौकरी से करोड़ों की संपत्ति तक का सफर
मनीष चंद्रवंशी मूल रूप से जहानाबाद का रहने वाला है और साल 2020 में पटना आया था। शुरुआत में उसकी हालत बेहद साधारण थी। उसने एक प्राइवेट अस्पताल में फोर्थ ग्रेड कर्मचारी के तौर पर महज 15 हजार रुपये महीने की नौकरी से काम शुरू किया था।
लेकिन कोरोना काल के दौरान उसने ऑक्सीजन सप्लाई की एजेंसी खोल ली। यहीं से उसकी किस्मत तेजी से बदलती चली गई। कुछ ही वर्षों में मनीष के नाम पर पटना में कई कीमती जमीनें और आलीशान इमारतें हो गईं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक वह अपने गांव से मुखिया का चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहा था और इलाके में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था।
आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है दागदार
मनीष चंद्रवंशी का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। छात्रा की मौत से पहले भी वह पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है। एक शादी समारोह के दौरान उस पर हर्ष फायरिंग का केस दर्ज हुआ था, जिसमें एक युवक को गोली लग गई थी। अब पुलिस उसके पुराने टेंडर, ऑक्सीजन सप्लाई से जुड़े फंड और इसके पीछे काम कर रहे कथित ‘असली चेहरों’ की तलाश में जुटी है।
शंभू गर्ल्स हॉस्टल में क्या हुआ था?
यह पूरा मामला पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा है, जहां जहानाबाद की रहने वाली 18 साल की छात्रा NEET की तैयारी के लिए रह रही थी। 6 जनवरी को छात्रा अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म, बल्कि गैंगरेप किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने छात्रा के शरीर पर चोट के निशान होने की भी बात कही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा
शुरुआती जांच में पुलिस ने मामला नींद की गोलियों के ओवरडोज का बताया था, लेकिन हालिया पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन शोषण की आशंका जताई गई है। इसके बाद केस ने गंभीर मोड़ ले लिया है। अब SIT हर पहलू से जांच कर रही है और पुलिस का दावा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद पटना में सुरक्षा व्यवस्था और छात्रावासों की निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं।






























