NEET PG Cut-Off Revised: नीट पीजी 2025 की रिवाइज्ड कट-ऑफ सामने आने के बाद मेडिकल एजुकेशन को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है। सवाल सिर्फ कट-ऑफ घटाने का नहीं है, बल्कि इस बात का है कि क्या अब बिना सवाल हल किए या नेगेटिव मार्क्स लाने वाले उम्मीदवार भी डॉक्टर बन सकेंगे? खासतौर पर SC, ST और OBC कैटेगरी के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग कट-ऑफ को 40 पर्सेंटाइल से घटाकर सीधे जीरो पर्सेंटाइल यानी माइनस 40 नंबर करने के फैसले ने सभी को चौंका दिया है।
NBEMS ने जारी की रिवाइज्ड कट-ऑफ (NEET PG Cut-Off Revised)
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशों के बाद NEET-PG 2025 की न्यूनतम क्वालिफाइंग कट-ऑफ को आधिकारिक तौर पर संशोधित कर दिया है। यह फैसला 2025–26 एकेडमिक सेशन की काउंसलिंग के तीसरे राउंड में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों पर लागू होगा। NBEMS के मुताबिक, इस बदलाव का मकसद खाली पड़ी पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों को भरना है।
जुग जुग जियो मेरे शेर… शानदार वीडियो बनाई है, लेकिन सरकार वोटों के लिए इस देश को बर्बाद कर देगी, सत्ता के लालची लोगों को सिर्फ कुर्सी प्यारी है उन्हें देश से प्यार नहीं है।
आपने देश वासियों को सही समझाया, ऐसे में अब देश वासियों को ऐसी अपंग पार्टियों और सरकारों को सबक सिखाना ही… pic.twitter.com/mVl2f9O2EP
— Anuj Agnihotri Swatntra (@ASwatntra) January 14, 2026
रिजर्व कैटेगरी के लिए सबसे बड़ा बदलाव
13 जनवरी 2026 को जारी नोटिस के अनुसार, SC, ST और OBC कैटेगरी के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल को 40वें पर्सेंटाइल से घटाकर जीरो पर्सेंटाइल कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि 800 अंकों की परीक्षा में माइनस 40 स्कोर करने वाले उम्मीदवार भी अब PG काउंसलिंग में शामिल हो सकते हैं।
यह पहली बार है जब NEET PG की कट-ऑफ को जीरो पर्सेंटाइल तक लाया गया है। इससे पहले पिछले साल भी कट-ऑफ घटाई गई थी, लेकिन तब इसे 5 पर्सेंटाइल तक सीमित रखा गया था।
Bro seriously, NEET PG qualifying marks at -40 for SC/ST/OBC categories this year?
Like you can blank out the entire paper, get negative marking like crazy and still be called “qualified” for MD/MS. Ye kya system banaya hai bhai? Patient ka kya hoga jo inke pas jayega? #NEETPG pic.twitter.com/Cw3y7BqWpC— Ankit Pandey (@iamankitpande) January 14, 2026
जनरल और PwD कैटेगरी में भी राहत
सिर्फ रिजर्व कैटेगरी ही नहीं, बल्कि जनरल और EWS उम्मीदवारों के लिए भी कट-ऑफ में बड़ी कटौती की गई है।
- जनरल और EWS कैंडिडेट्स के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटाकर 7 कर दी गई है, जिससे कट-ऑफ स्कोर 276 से घटकर 103 हो गया है।
- जनरल PwD कैटेगरी के लिए पर्सेंटाइल 45 से घटाकर 5 कर दी गई है और स्कोर 255 से गिरकर 90 पहुंच गया है।
NBEMS ने साफ किया है कि केवल एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया बदला गया है, NEET-PG 2025 की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं होगा।
In NEET-PG 2025, candidates with scores as low as –40 out of 800 are allowed to participate in PG counselling.
The merit cutoff has fallen so low that a negative score is now considered qualifying.
A serious crisis in academic standards. pic.twitter.com/aqojMqCFmz
— Anshul Saxena (@AskAnshul) January 14, 2026
सोशल मीडिया पर भड़की बहस
कट-ऑफ में इतनी बड़ी गिरावट के बाद सोशल मीडिया पर डॉक्टरों की योग्यता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
एक यूजर ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “NEET-PG 2025 में SC/ST/OBC के लिए कट-ऑफ -40 है। क्या आप ऐसे डॉक्टर से अपने माता-पिता या बच्चों का इलाज करवाएंगे?”
एक अन्य यूजर ने इसे मेहनती छात्रों के साथ अन्याय बताते हुए लिखा, “इस सिस्टम में मेहनत करने वालों के लिए कोई भविष्य नहीं बचा है।”
Exam- NEET PG
Cur off – Minus 40 marks
Result – SelectedThis is the new criteria for SC/ST/OBCs.
Someone who just sits for the exam will become doctor and do surgeries.
This country has no future for hardworking people.
The collapse has already begun ! pic.twitter.com/dVFa78k3FJ
— Anuradha Tiwari (@talk2anuradha) January 14, 2026
कुछ लोगों ने इसे मेडिकल एजुकेशन में गंभीर संकट बताया। एक पोस्ट में लिखा गया, “800 में से -40 स्कोर करने वालों को PG काउंसलिंग में शामिल करना मेरिट की परिभाषा ही बदल देता है।”
This is inhuman!!
NEET-PG 2025 cut off is -40 marks for ST/SC/OBC.
Will you allow such doctors to treat yours parents/wife/kids? https://t.co/lGOFeCgH6w
— Satyajeet Mishra (@SatyajeetM72938) January 13, 2026
आखिर क्यों घटाई गई कट-ऑफ?
NEET-PG 2025 का रिजल्ट 19 अगस्त 2025 को जारी हुआ था। इसके बाद सामने आया कि बड़ी संख्या में PG मेडिकल सीटें खाली रह गई हैं। इन्हें भरने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने न्यूनतम क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में भारी कमी को मंजूरी दी। NBEMS ने अपने नोटिस में यह भी कहा है कि पात्रता अस्थायी है और एडमिशन के वक्त MBBS या FMGE अंकों, फेस आईडी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए जांच की जाएगी।
पहली बार जीरो पर्सेंटाइल कट-ऑफ
नीट पीजी के इतिहास में यह पहली बार है जब क्वालिफाइंग कट-ऑफ को जीरो पर्सेंटाइल तक लाया गया है। जहां सरकार और NBEMS इसे सीटें भरने की जरूरत बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस फैसले ने मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और भविष्य के डॉक्टरों की काबिलियत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।






























