Maharashtra New Deputy CM: नए साल की शुरुआत महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद दुखद और चौंकाने वाली साबित हुई. डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार की एक प्लेन क्रैश में मौत की खबर सामने आते ही सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया. वर्षों से राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने वाले अजित पवार के अचानक चले जाने से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) गहरे सदमे में है. पार्टी में शोक का माहौल है, लेकिन इसके साथ ही संगठन और सरकार के भविष्य को लेकर बेचैनी भी साफ नजर आ रही है.
नेतृत्व को लेकर शुरू हुई चर्चाएं (Maharashtra New Deputy CM)
अजित पवार के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया है कि अब उनकी जगह कौन लेगा. पार्टी के अंदर इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि एनसीपी की कमान किसे सौंपी जाए और उपमुख्यमंत्री पद का अगला दावेदार कौन होगा. इसी सिलसिले में पार्टी नेतृत्व ने जल्द ही अहम बैठक बुलाने का फैसला किया है, जिसमें बड़े पदों और जिम्मेदारियों को लेकर मंथन होगा.
छगन भुजबल बोले- पार्टी और सरकार चलाना जरूरी
एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने आजतक से बातचीत में पार्टी की मौजूदा स्थिति पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि अजित पवार के जाने के बाद जो हालात बने हैं, वह सबके सामने हैं और इसका असर पार्टी कार्यकर्ताओं पर भी पड़ा है. भुजबल ने कहा कि यह एक बड़ा नुकसान है, लेकिन जिंदगी आगे बढ़ती है. पार्टी और सरकार को चलाने की जिम्मेदारी अब किसी न किसी को उठानी ही होगी.
विधायकों की बैठक जल्द, CLP नेता पर होगा फैसला
छगन भुजबल ने बताया कि वह जल्द ही एनसीपी के सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक बुलाएंगे. इस बैठक में कांग्रेस लेजिस्लेटिव पार्टी (CLP) नेता के पद को लेकर फैसला लिया जाएगा. यह पद पहले अजित पवार के पास था, जो अब खाली हो चुका है. भुजबल के मुताबिक, इस पद के लिए सुमित्रा पवार के नाम पर चर्चा है. उन्होंने कहा कि इसमें कोई आपत्ति की बात नहीं है, लेकिन अंतिम फैसला बैठक में सभी की सहमति से ही होगा. कुछ तकनीकी पहलुओं पर प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे से बातचीत अभी बाकी है.
उपमुख्यमंत्री पद और अहम विभागों पर एनसीपी का जोर
एनसीपी नेतृत्व उपमुख्यमंत्री पद को जल्द भरने के पक्ष में है. इसी कड़ी में छगन भुजबल, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके ‘वर्षा’ बंगले पर मुलाकात की. इस दौरान अजित पवार के पास रहे वित्त, राज्य उत्पाद शुल्क और खेल जैसे महत्वपूर्ण विभागों को एनसीपी कोटे में बनाए रखने की मांग रखी गई. पार्टी का कहना है कि इससे महायुति गठबंधन में संतुलन बना रहेगा. सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव भी मजबूती से सामने आया है, जबकि वित्त मंत्रालय दिलीप वाल्से पाटिल को मिल सकता है.
गुटों के विलय पर चुप्पी, राष्ट्रीय अध्यक्ष की भी चर्चा
एनसीपी के अजित पवार गुट और शरद पवार गुट के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों पर छगन भुजबल ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने साफ किया कि आने वाली बैठक का मुख्य एजेंडा CLP नेता का चयन है. वहीं, पार्टी के भीतर प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की मांग भी उठने लगी है.
शपथ ग्रहण पर नजरें, 41 विधायक सरकार की ताकत
भुजबल ने कहा कि अगर सभी नेताओं की सहमति बन जाती है, तो शपथ ग्रहण में ज्यादा देरी नहीं होगी. आगे का फैसला पार्टी की बैठक में लिया जाएगा. एनसीपी के 41 विधायक महायुति सरकार के लिए बेहद अहम माने जाते हैं और यही संख्या सरकार की स्थिरता की बड़ी वजह है. ऐसे में आने वाले दिनों में एनसीपी के फैसले महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं.
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