Lucknow Latest News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों, भरोसे और कानून तीनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कहानी है अमीनाबाद के रहने वाले वासिफ, उनकी पत्नी अमीना खातून और भोपाल के युवक आमान की, जिसमें प्यार, धोखा और साजिश का ऐसा जाल बुना गया कि एक परिवार की पूरी जिंदगी उलट-पुलट हो गई।
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इंस्टाग्राम से शुरू हुआ रिश्ता ( Lucknow Latest News)
अमीनाबाद निवासी वासिफ की पत्नी अमीना खातून की मुलाकात साल 2022 में इंस्टाग्राम के जरिए भोपाल के युवक आमान से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। अमीना अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है, जबकि आमान ने भोपाल से बीटेक किया है। वासिफ खुद भी बीटेक पास है, लेकिन वह अमीनाबाद में अपने परिवार का करीब 80 साल पुराना डायरी-स्टेशनरी का कारोबार संभाल रहा है।
लेकिन अमीना और आमान के रिश्ते में सबसे बड़ी रुकावट वासिफ बन रहा था। इसी रुकावट को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने एक खतरनाक प्लान तैयार किया।
थार गाड़ी में गोमांस और वासिफ की गिरफ्तारी
करीब दो महीने पहले वासिफ की थार गाड़ी से गोमांस बरामद होने का मामला सामने आया। बजरंग दल ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद वासिफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वह करीब एक महीने तक जेल में रहा। उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि इसके पीछे उसकी पत्नी और उसका प्रेमी हैं।
जांच में जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला था। पुलिस के मुताबिक, अमीना ने खुद थार की चाबी अपने प्रेमी आमान को दी थी और उसी ने गाड़ी में गोमांस रखवाया था, ताकि वासिफ फंस जाए।
काकोरी लोडर कांड: दूसरी साजिश
यहीं कहानी खत्म नहीं होती। 14 जनवरी को अमीना और आमान ने दूसरी साजिश रची। काकोरी इलाके में एक लोडर से गोमांस मिलने पर जमकर हंगामा हुआ। यह लोडर पोर्टर ऐप के जरिए बुक किया गया था, इसलिए ड्राइवर को छोड़ दिया गया।
जांच में पता चला कि लोडर वासिफ के मोबाइल नंबर से बुक हुआ था, लेकिन असल में यह बुकिंग उसकी पत्नी अमीना ने चुपके से की थी। लोडर में रखे गत्तों के अंदर भोपाल से लाया गया करीब 12 किलो गोमांस था, जिसे आमान ने खुद रखा था।
राहुल बनकर बजरंग दल में घुसा आमान
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि आमान ने खुद को ‘राहुल’ बताकर बजरंग दल की टीम में सदस्यता ले ली। उसने दो हजार रुपये देकर मेंबरशिप ली और इंस्टाग्राम के जरिए लखनऊ के एक बजरंग दल कार्यकर्ता से संपर्क बनाया।
इसी फर्जी नाम ‘राहुल’ से उसने थार और लोडर दोनों मामलों की सूचना बजरंग दल को दी। 14 जनवरी को वह फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड से लोडर ड्राइवर से बात कर रहा था। यह सिम ‘रामेश्वर’ नाम की आईडी पर लिया गया था, जो 30 दिसंबर को एक्टिव हुआ और 14 जनवरी को बंद कर दिया गया।
पुलिस कार्रवाई और विवाद
जब पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ तो पुलिस अमीना को पकड़ने हाईकोर्ट परिसर पहुंची। इस दौरान गिरफ्तारी के तरीके को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मामले में कार्रवाई करते हुए दो दरोगा और एक सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है और तीनों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हुई हैं।
लखनऊ पश्चिम पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने अमीना के प्रेमी आमान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अमीना की भूमिका भी साफ हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी हिरासत में लिया जाएगा।





























