Increase car mileage: आजकल लगभग हर किसी के पास कार है, लेकिन इसे खरीदना और भी मुश्किल होता जा रहा है। पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों के साथ, हर कोई चाहता है कि उनकी कार बढ़िया माइलेज दे। लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि उनकी कार उतना माइलेज नहीं दे रही है जितना मैन्युफैक्चरर दावा करता है। ऐसा आपकी ड्राइविंग की आदतों या कार के सही मेंटेनेंस पर ध्यान न देने की वजह से हो सकता है। तो चलिए आपको इस लेख में उन सभी तरीको के बारे में बताते है जिनसे गाडी का mileage बढ़ाया जा सकता हैं।
कार का माइलेज बढ़ाने के असरदार और आसान तरीके
टायर प्रेशर (Tyre Pressure) सही रखें
टायर का प्रेशर कम होने से सड़क और टायरों के बीच घर्षण बढ़ जाता है, जिससे इंजन को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है और फ्यूल की खपत बढ़ जाती है। हर 15 दिन में अपने टायरों का प्रेशर चेक करें और मैन्युफैक्चरर द्वारा बताए गए PSI लेवल को बनाए रखें। साथ ही स्मूथ ड्राइविंग अपनाएं (Drive Smoothly) ये काफी अच्छा माना जाता है। अचानक तेज़ी से स्पीड बढ़ाना और फिर ज़ोर से ब्रेक लगाना, अच्छी फ्यूल एफिशिएंसी के सबसे बड़े दुश्मन हैं। अपनी कार को धीरे-धीरे एक्सीलरेट करें। हाईवे पर 60 से 80 km/h की स्थिर स्पीड बनाए रखने से आपको सबसे अच्छा माइलेज मिलेगा।
सही समय पर गियर बदलें
गलत गियर में गाड़ी चलाने से इंजन पर बेवजह दबाव पड़ता है। कम स्पीड पर ऊंचे गियर में या बहुत ज़्यादा स्पीड पर निचले गियर में गाड़ी चलाने से बचें। आजकल की कारों में गियर शिफ्ट इंडिकेटर होता है उसकी सलाह मानें। साथ ही, अपनी कार की रेगुलर सर्विस करवाएं, क्योंकि अच्छी तरह से मेंटेन की गई कार खराब तरीके से मेंटेन की गई कार की तुलना में 40% तक कम फ्यूल खर्च करती है। वही गाड़ी का एयर फिल्टर चेक करते रहे गंदा एयर फिल्टर इंजन तक ऑक्सीजन कम पहुंचाता है, जिससे ज्यादा फ्यूल जलता है और हमेशा अच्छी क्वालिटी का और सही ग्रेड का इंजन ऑयल इस्तेमाल करें। ।
ट्रैफिक में इंजन बंद कर दें (Idling)
अगर आपको रेड लाइट पर या ट्रैफिक जाम में 30 सेकंड से ज़्यादा रुकना पड़े, तो इंजन बंद कर देना समझदारी है। जब गाड़ी खड़ी होती है और इंजन चालू रहता है, तो बहुत ज़्यादा फ्यूल बर्बाद होता है। साथ ही, क्लच का सही इस्तेमाल करने पर भी ध्यान दें… कुछ लोगों को गाड़ी चलाते समय क्लच पर पैर रखने की आदत होती है (क्लच राइडिंग)। इससे न सिर्फ़ क्लच प्लेट्स जल्दी खराब होती हैं, बल्कि फ्यूल एफिशिएंसी भी कम होती है, जिससे ज़्यादा फ्यूल खर्च होता है। इसके अलावा, कार में फालतू सामान रखने से बचें। भारी औजार, खाली डिब्बे वगैरह गाड़ी का वज़न बढ़ाते हैं। गाड़ी जितनी भारी होगी, उसे चलाने के लिए इंजन को उतनी ही ज़्यादा एनर्जी की ज़रूरत होगी।
खिड़कियां और AC का तालमेल
कम स्पीड पर AC बंद करके खिड़कियां खोलना फ़ायदेमंद होता है। हालांकि, हाईवे पर ज़्यादा स्पीड पर, खिड़कियां बंद रखना और AC चलाना बेहतर होता है, क्योंकि खुली खिड़कियों से हवा का रेजिस्टेंस (एरोडायनामिक ड्रैग) बढ़ता है, जिससे फ्यूल एफिशिएंसी कम हो जाती है। साथ ही, याद रखें कि फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ाना कोई जादू नहीं है; यह आपकी छोटी-छोटी आदतों पर निर्भर करता है। अगर आप ऊपर बताए गए टिप्स अपनाते हैं, तो आपको हर महीने अपने पेट्रोल और डीज़ल के खर्च में काफ़ी बचत दिखेगी।






























