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Galgotias University Controversy: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में ‘रोबोट डॉग’ पर बवाल, गलगोटियास यूनिवर्सिटी पर भ्रामक दावे का आरोप

Nandani | Nedrick News
Greater Noida
Published: 19 Feb 2026, 08:10 AM | Updated: 19 Feb 2026, 08:10 AM

Galgotias University Controversy: राजधानी में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान एक रोबोट डॉग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University पर आरोप है कि उसने एक चीनी कंपनी के रोबोट को अपना इनोवेशन बताकर प्रदर्शित किया। जैसे ही इस प्रेजेंटेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, यूनिवर्सिटी को जबरदस्त ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। कई यूजर्स ने इसे ‘फर्जी दावा’ करार दिया, तो एक यूजर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “शर्म आनी चाहिए Galgotias! रियल इनोवेशन चाहिए।”

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समिट में क्या हुआ? (Galgotias University Controversy)

समिट के एग्जीबिशन एरिया में यूनिवर्सिटी की ओर से एक चार पैरों वाला रोबोट डॉग पेश किया गया, जिसका नाम “ओरियन” बताया गया। प्रेजेंटेशन के दौरान प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा कि यह रोबोट यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विकसित किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संस्थान 350 करोड़ रुपये के AI इकोसिस्टम निवेश की घोषणा करने वाली पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी है।

वीडियो में प्रोफेसर ने बताया कि “ओरियन” कैंपस में घूमकर सर्विलांस और मॉनिटरिंग जैसे काम करता है। एक अन्य क्लिप में भी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि ने यही दोहराया कि रोबोट उनके सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तैयार किया गया है। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स और फैक्ट-चेकर्स ने जल्दी ही पहचान लिया कि यह दरअसल Unitree Go2 नाम का रोबोट है, जिसे चीनी कंपनी Unitree Robotics बनाती है।

सोशल मीडिया पर क्यों मचा हंगामा?

जैसे ही यह खुलासा हुआ कि रोबोट चीन में बना एक कमर्शियल प्रोडक्ट है, विवाद बढ़ गया। बताया गया कि यह मॉडल भारत में ऑनलाइन करीब 2 से 3 लाख रुपये में उपलब्ध है। यूजर्स ने आरोप लगाया कि विदेशी टेक्नोलॉजी को स्वदेशी इनोवेशन बताना गलत है।

कई लोगों ने कहा कि अगर यूनिवर्सिटी ने इसे छात्रों को सीखने के लिए खरीदा है तो इसमें कोई बुराई नहीं, लेकिन उसे खुद का आविष्कार बताना भ्रामक है। कुछ यूजर्स ने तो ‘लाइसेंस रद्द हो’ जैसे हैशटैग भी चलाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर बहस का केंद्र यही रहा कि क्या यह महज कम्युनिकेशन गैप था या जानबूझकर किया गया दावा?

क्लैरिफिकेशन में क्या कहा यूनिवर्सिटी ने?

विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि उसने कभी यह दावा नहीं किया कि रोबोट डॉग को उसने खुद बनाया है। बयान में कहा गया कि संस्थान दुनिया भर चीन, सिंगापुर और अमेरिका से उन्नत तकनीक लाकर छात्रों को एक्सपोजर देता है।

यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि यूनिट्री से लिया गया रोबोट सिर्फ प्रदर्शन की वस्तु नहीं, बल्कि “चलता-फिरता क्लासरूम” है। छात्र इसके साथ प्रयोग करते हैं, इसकी सीमाओं को समझते हैं और आगे बेहतर तकनीक विकसित करने की प्रेरणा लेते हैं। हालांकि, यूनिवर्सिटी के इस स्पष्टीकरण के नीचे X पर कम्युनिटी नोट भी जुड़ गया, जिसमें कहा गया कि वीडियो में स्पष्ट रूप से इसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा विकसित बताया गया था, जो दावा भ्रामक है।

प्रोफेसर नेहा सिंह ने क्या सफाई दी?

समिट में प्रस्तुति देने वाली प्रोफेसर नेहा सिंह ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस स्थिति की जिम्मेदारी लेती हैं। उनके अनुसार, उत्साह और जल्दबाजी में बात स्पष्ट रूप से नहीं रखी जा सकी। उन्होंने कहा, “संभव है कि मैं अपनी बात उतनी स्पष्टता से नहीं कह पाई, जितनी कहनी चाहिए थी। हमारा इरादा इसे अपना आविष्कार बताने का नहीं था। हम यह दावा नहीं कर सकते कि हमने इसे बनाया है। इसे छात्रों को प्रेरित करने और सीखने के उद्देश्य से प्रदर्शित किया गया था।” जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार की ओर से स्टॉल खाली करने को कहा गया है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

स्टॉल खाली करने के निर्देश?

सूत्रों के मुताबिक, विवाद सामने आने के बाद समिट के प्रदर्शनी क्षेत्र में स्थित यूनिवर्सिटी के स्टॉल को खाली करने के लिए कहा गया। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मंगलवार को वीडियो वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की बात सामने आई।

यूनिट्री रोबोट डॉग क्या है?

Unitree Robotics चार पैरों वाले यानी क्वाड्रुपेड रोबोट बनाती है। ये रोबोट असली जानवरों की तरह चल सकते हैं, सीढ़ियां चढ़ सकते हैं और बाधाओं को पार कर सकते हैं। इनका इस्तेमाल इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन, रिसर्च और एंटरटेनमेंट तक में होता है। कहा जाता है कि यूनिट्री के रोबोट कीमत के मामले में Boston Dynamics के स्पॉट जैसे मॉडलों से सस्ते हैं और बाजार में आसानी से उपलब्ध भी हैं।

बहस अभी थमी नहीं

यूनिवर्सिटी की सफाई के बाद भी विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। एक तरफ कुछ लोग इसे कम्युनिकेशन की गलती मान रहे हैं, तो दूसरी ओर आलोचकों का कहना है कि वीडियो में किए गए दावे स्पष्ट थे और अब पीछे हटना ठीक नहीं।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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