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Diwali Air Pollution: दिवाली के बाद दिल्ली से कोलकाता तक प्रदूषण का कहर, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की उड़ी धज्जियां

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 21 Oct 2025, 12:00 AM | Updated: 21 Oct 2025, 12:00 AM

Diwali Air Pollution: दिवाली के त्योहार के बाद देशभर में वायु गुणवत्ता का स्तर एक बार फिर चिंताजनक हो गया है। खासकर दिल्ली, कोलकाता और मुंबई जैसे बड़े शहरों में हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। पटाखों की गूंज और धुएं ने हवा में ज़हर घोल दिया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिया था कि केवल हरित पटाखों का सीमित समय में इस्तेमाल किया जाए।

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दिल्ली का दम निकला, AQI पहुँचा ‘गंभीर’ श्रेणी में- Diwali Air Pollution

राजधानी दिल्ली में दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली का औसतन AQI 354 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सुबह के समय कुछ इलाकों में AQI 500 के पार तक चला गया, जो सीधे ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

दिल्ली के 35 में से 32 AQI मॉनिटरिंग स्टेशनों ने 300 से ऊपर का स्तर दर्ज किया है। बवाना 427, वज़ीरपुर 408, जहांगीरपुरी 407 और बुराड़ी 402 के साथ सबसे ज़्यादा प्रदूषित क्षेत्रों में शामिल रहे। आनंद विहार का AQI 360 रहा, जो पहले से ही वायु गुणवत्ता को लेकर संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश बेअसर, पटाखे देर रात तक फोड़े गए

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि दिवाली पर रात 8 से 10 बजे तक केवल हरित पटाखों का ही प्रयोग किया जाए, लेकिन हकीकत इससे उलट रही। दिल्ली-NCR में रातभर पटाखों का शोर और धुआं छाया रहा। लोग न केवल तय समय के बाद पटाखे फोड़ते नजर आए, बल्कि हरित पटाखों के बजाय तेज आवाज़ और धुएं वाले बैन किए गए पटाखों का इस्तेमाल भी जमकर हुआ।

बंगाल भी चपेट में, काली पूजा के बाद बिगड़ी हवा

दिवाली के साथ-साथ बंगाल में काली पूजा के मौके पर भी भारी मात्रा में पटाखे जलाए गए, जिससे कोलकाता और हावड़ा की हवा भी बुरी तरह प्रभावित हुई।
WBPCB के अनुसार, हावड़ा के बेलूर में रात 10 बजे AQI 364 तक पहुंच गया। वहीं, कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल इलाके में PM 2.5 का स्तर 186 दर्ज किया गया।

हावड़ा के पद्मापुकुर में AQI 361, घुसुड़ी में 252, बल्लीगंज में 173 और जादवपुर में 169 रहा। रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय (सिंथी) क्षेत्र में AQI 167 तक पहुंच गया। पर्यावरणविद् सोमेंद्रमोहन घोष ने बताया कि काली पूजा की रात प्रतिबंध के बावजूद कई जगहों पर तेज आवाज़ वाले पटाखों का इस्तेमाल किया गया।

बाकी शहरों की भी हालत खराब

दिल्ली और कोलकाता के अलावा मुंबई में भी दिवाली के बाद हवा का हाल बेहाल रहा। मुंबई का AQI 214 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। पटना (224), जयपुर (231), और लखनऊ (222) में भी यही स्थिति रही।
हालांकि, बेंगलुरु (94) की हवा ‘संतोषजनक’ और हैदराबाद (107) व चेन्नई (153) की हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में रही।

GRAP लागू, लेकिन असर नहीं

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पहले से ही GRAP (Graded Response Action Plan) का चरण 2 लागू कर रखा है, ताकि प्रदूषण पर काबू पाया जा सके। लेकिन दिवाली की रात जो हुआ, उससे यह साफ है कि नियमों का पालन ज़मीन पर न के बराबर रहा।

नतीजा? सांस लेना भी हो रहा मुश्किल

बढ़ता प्रदूषण न सिर्फ आंखों में जलन और गले में खराश ला रहा है, बल्कि सांस की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह हवा जानलेवा बन चुकी है। डॉक्टरों और पर्यावरणविदों की चेतावनी है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

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