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नहीं रहे देश के जाने-माने शायर मुनव्वर राना, 71 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 14 Jan 2024, 12:00 AM | Updated: 14 Jan 2024, 12:00 AM

देश के जाने-माने शायर मुनव्वर राना का निधन हो गया है. मुनव्वर राना कई समय से बीमार थे और हालत में सुधार नहीं होने के बाद मुनव्वर राणा को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया.

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लखनऊ में ली आखिरी सास सांस 

जानकारी के अनुसार, शायर मुनव्वर राना पहले लखनऊ में स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती थे लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान यानी SGPGI लखनऊ में भर्ती किया गया जहाँ पर उन्होंने आखिरी सांस ली. शायर मुनव्वर राना को गले का कैंसर था साथ ही वो क्रोनिक किडनी रोग (Chronic kidney disease) के पेशेंट थे और इस किडनी रोग की वजह से हफ्ते में तीन बार उनका डायलसिस होता था. वहीं पिछले दिनों डायलिसिस के लिए गए थे, उसके बाद अचानक से चेस्ट पेन हुआ इसके बाद चेकअप में पता चला कि उनके फेफड़ों में पानी भरा हुआ और इस वजह से उन्हें निमोनिया हो गया था . इस कारण सांस लेने में दिक्कत आई. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था.

मुनव्वर राना देश के जाने-माने शायर हैं. उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कर और माटी रतन सम्मान से भी नवाजा जा चुका है. पिछले काफी समय से वो सत्ता विरोध बयानबाजियों को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं.

इस तरह शुरू हुआ शायरी का सफर

मुनव्‍वर राणा का जन्‍म साल 1952 में 26 नवंबर को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुआ था लेकिन पैदा होने के बाद कोलकाता में रहने लगे. रिपोर्ट के अनुसार, मुनव्वर कोलकाता में ही पढ़े-लिखे और ट्रांसपोर्ट का बिजनेस शुरू किया लेकिन इसके बाद वो लखनऊ आ गए. जहाँ पर उन्हें  उस्ताद वाली आसी की शागिर्दी मिली और यहाँ से उनका शायरी का सफर शुरू हुआ.

कई पुरस्‍कारों से किया गया था सम्‍मानित

मुनव्वर राना को उर्दू साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है. 2014 में कविता ‘शहदाबा’ के लिए उन्‍हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. वहीँ उनकी शायरी बेहद सरल शब्दों पर आधारित थी और इसी तरह की शायरी की वजह से वो लोगों के बीच लोकप्रिय हुए. मुनव्‍वर राणा को कई सम्‍मानों और पुरस्‍कारों से नवाजा जा चुका है, राना को अमीर खुसरो पुरस्कार, मीर तकी मीर पुरस्कार, गालिब पुरस्कार, डॉ. जाकिर हुसैन पुरस्कार और सरस्वती समाज पुरस्कार सहित कई पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. बता दें, हिंदुस्तान के सबसे मशहूर शायरों में शुमार किए जाने वाले मुनव्वर राना की नज्म ‘‘मां” का उर्दू साहित्य जगत में एक अलग स्थान है. उर्दू शायरी की मशहूर शख्सियत रहे राणा की शायरी को पसंद करने वाले लोग दुनिया भर में हैं.

CM योगी पर दिया था बयान

प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पाकिस्तान-पलायन और जिन्ना को लेकर हो रही सियासत को बेमतलब करार देते हुए शायर मुनव्वर राणा ने कहा, वर्तमान सरकार पलायन-पलायन खेल रही है. उन्होंने योगी सरकार पर उन्हें और मुसलमानों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर प्रदेश में भाजपा की सरकार आ जाती है और योगी फिर से मुख्यमंत्री बनते हैं तो हमें यहां रहने की जरूरत नहीं है, मैं यहां से पलायन कर लूंगा.

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