कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के निशाने पर नवजोत सिद्धू, क्या चुनाव से पहले सुलझ पाएगा विवाद?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 09 Jul 2021, 12:00 AM | Updated: 09 Jul 2021, 12:00 AM

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस शासित पंजाब में साल 2022 की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिसे लेकर राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारियों में लग गई है। लेकिन चुनाव से ठीक पहले पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरुनी उठा-पटक को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। 

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तमाम मुद्दों पर आमने-सामने है। पार्टी इन दोनों के बीच चल रही कलह को शांत करने के लिए कई तरह के कदम उठा रही है लेकिन स्थिति अभी भी ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता मनीष तिवारी ने पंजाब कांग्रेस में चल रही कलह को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

उन्होंने पार्टी के नेता नवजोत सिद्धू पर जमकर हमला बोला है। उनका कहना है कि प्रदेश इकाई में कोई परेशानी नहीं है। कुछ लोग हैं जो अपने निजी एजेंडे के लिए पार्टी में कलह पैदा किए हुए हैं। एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता ने यह बात कही।

पंजाब में लाजवाब है कांग्रेस का प्रदर्शन

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने आगे कहा कि राज्य में कोई समस्या नहीं है, केंद्र सरकार के सौतेले व्यवहार के कारण कुछ मसले हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई ट्विटर या किसी अन्य माध्यम के जरिये निजी एजेंडे पर काम करता है तो पार्टी नेताओं को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा, साल 1996 में पंजाब के राज्य के रुप में अस्तित्व में आने के बाद से 2017 तक राज्य के विधानसभा चुनाव में कोई पार्टी 117 में से 77 सीट हासिल नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने तीन विधानसभा उपचुनावों में जीत हासिल की है साथ ही पंजाब की 13 लोकसभा सीटों में से 8 सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया है।

कांग्रेस नेतृत्व ने बनाई थी कमेटी

बताते चले कि पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ महीनों से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू कई मसलों पर अपनी ही पार्टी की सरकार को निशाने पर लेते दिख रहे हैं। कांग्रेस की केंद्रीय नेतृत्व ने इस मामले के निपटारे के लिए दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। 

जिसके सामने राज्य के सारे विधायक, सांसद, कैबिनेट मंत्री और खुद मुख्यमंत्री पेश हुए थे। कमेटी के गठन के बाद इस बात की चर्चा तेज थी कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू के बीच चल रही तनातनी पर ब्रेक लग जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं…सिद्धू अभी भी कांग्रेस सरकार को निशाने पर लेने से नहीं चूक रहे हैं।

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