BMC Election 2026: मुंबई की जनता ने आज साफ कर दिया कि बीएमसी की असली कमान अब किसके हाथ में होगी। फडणवीस-शिंदे की जोड़ी पर भरोसा जताते हुए पहली बार भाजपा को सत्ता की चाबी सौंपी गई। इस जीत के साथ अब केंद्र और राज्य के बाद देश की सबसे अमीर नगर पालिका बीएमसी में भी ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार का परचम लहराएगा।
वहीं, ठाकरे परिवार के लिए यह चुनाव सबसे बड़ा झटका साबित हुआ। 25 साल का वर्चस्व टूट गया। राज और उद्धव ठाकरे का साथ 20 साल बाद भी जनता को प्रभावित नहीं कर सका। वहीं, कांग्रेस का हाल भी बुरा रहा। अलग होकर चुनाव लड़ने के बावजूद उसकी पार्टी दहाई के आंकड़ों तक ही सीमित रही।
BMC चुनाव 2026 के रुझान (BMC Election 2026)
कुल 2869 वार्डों में से 1486 के रुझान आने के बाद स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
- बीजेपी: 737
- शिवसेना (शिंदे): 190
- कांग्रेस: 175
- शिवसेना (ठाकरे): 98
- NCP (अजित): 91
- NCP (शरद): 10
- AIMIM: 32
- MNS: 08
भाजपा दफ्तरों में ‘दिवाली’ जैसा जश्न
आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी के दफ्तरों में जीत की खबर मिलते ही मुंबई से लेकर नागपुर तक जश्न का माहौल बन गया। पटाखे फोड़े गए, मिठाइयां बांटी गईं। नागपुर से एक मजेदार वीडियो भी सामने आया, जिसमें भाजपा उम्मीदवार घोड़े पर चढ़कर जश्न मनाते दिखे और समर्थकों का हुजूम उन्हें घेरता रहा।
एकनाथ शिंदे ने कहा: विकास पर मिला वोट
बीजेपी गठबंधन की जीत पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबईकरों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उनका एजेंडा विकास है। उन्होंने बताया कि लोग भाषा या क्षेत्र के मुद्दों से प्रभावित नहीं हुए, बल्कि केवल विकास के मुद्दे पर वोट किया।
संजय निरुपम का संदेश
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा, “जो नेता मुंबई के हित की बात करेगा, वही मुंबई पर राज करेगा। आज की मुंबई को साफ हवा, शुद्ध पानी और एक साफ-सुथरा शहर चाहिए। भाषा और प्रांत के झगड़े अब पीछे रह गए हैं।”
नगर निगम चुनाव में प्रचार का गणित
नगर निगम चुनावों में महायुति के नेताओं ने पूरे राज्य में लगातार सभाएं और रोड शो किए। उपमुख्यमंत्री शिंदे सबसे ज्यादा सक्रिय रहे, उन्होंने कुल 54 चुनावी कार्यक्रम किए… 25 सार्वजनिक सभाएं और 29 रोड शो। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 37 कार्यक्रम किए। अजित पवार ने भी 25 बैठकों और सभाओं को संबोधित किया। इसके विपरीत, उद्धव और राज ठाकरे ने महज तीन संयुक्त बैठकों में हिस्सा लिया।
राज ठाकरे की पार्टी की हालत
दूसरी ओर, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के लिए यह चुनाव बड़ी हार साबित हुआ। 22 शहरों में पार्टी का खाता भी नहीं खुला।
जश्न और सेलिब्रेशन
बता दें, नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के घर शाम 6:30 बजे विजय जश्न का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल होंगे। समर्थक और कार्यकर्ता इस आयोजन के लिए उत्साहित हैं।
मुंबई ने साफ कर दिया कि अब विकास ही प्राथमिकता है। महायुति की सधी रणनीति और लगातार प्रचार के चलते भाजपा ने पहले कभी न देखी जीत हासिल की। ठाकरे परिवार और कांग्रेस की कमजोरी ने इस जीत को और भी स्पष्ट बना दिया। अब सवाल सिर्फ इतना है कि क्या ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार मुंबई को वादा किया गया विकास दे पाएगी, यही आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।
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