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Bihar Kathavachak Arrested: दरभंगा में कथावाचक की गिरफ्तारी से हड़कंप, नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, कोर्ट ने भेजा जेल

Nandani | Nedrick News
Bihar
Published: 19 Jan 2026, 02:28 PM | Updated: 19 Jan 2026, 02:28 PM

Bihar Kathavachak Arrested: बिहार के दरभंगा से एक बार फिर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने धर्म और आस्था के नाम पर चल रहे ढोंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के चर्चित कथावाचक श्रवण दास को महिला थाना पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कथावाचक ने शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए। यह मामला 19 दिसंबर 2025 को महिला थाना में दर्ज कराया गया था, जिसके बाद पुलिस लगातार जांच कर रही थी।

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कोर्ट में पेशी, 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Bihar Kathavachak Arrested)

शनिवार को महिला थाना पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत में पेश किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रवण दास को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। यह केस पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज है, जिसमें कड़े कानून और सख्त सजा का प्रावधान है।

दो आरोपी नामजद, मंदिर में रह रहा था कथावाचक

महिला थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, इस कांड में श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर के साथ राम उदित दास उर्फ मौनी को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। दोनों बिरौल थाना क्षेत्र के पर्री गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। फिलहाल वे लहेरियासराय थाना क्षेत्र के पचाढ़ी छावनी स्थित रामजानकी मंदिर, वार्ड संख्या-42 में रह रहे थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दूसरे आरोपी की भूमिका क्या थी और वह इस मामले में किस हद तक शामिल था।

अग्रिम जमानत की कोशिश, लेकिन नहीं हो सकी सुनवाई

मामले में श्रवण दास की ओर से 7 जनवरी को पॉक्सो कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई के लिए 17 जनवरी की तारीख तय थी, लेकिन जिला बार एसोसिएशन के एक अधिवक्ता के निधन के कारण उस दिन शोक सभा आयोजित की गई। इसके चलते अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से दूरी बना ली और सुनवाई नहीं हो सकी। इसी बीच पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिससे उसकी अग्रिम जमानत याचिका निष्प्रभावी हो गई।

अब नियमित जमानत का रास्ता खुला

कानूनी जानकारों के मुताबिक अब आरोपी के पास केवल नियमित जमानत के लिए आवेदन करने का विकल्प है। हालांकि अपराध की गंभीरता, पीड़िता की उम्र और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज धाराओं को देखते हुए उसे राहत मिलना आसान नहीं माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आरोपी को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।

एक साल तक शोषण और गर्भपात का आरोप

प्राथमिकी में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। पीड़िता की ओर से दर्ज शिकायत के मुताबिक, कथावाचक ने शादी का प्रलोभन देकर करीब एक साल तक शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान पीड़िता के गर्भवती होने पर कथित तौर पर उसका गर्भपात भी कराया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बंद कमरे में शादी से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बावजूद आरोपी ने बाद में शादी से साफ इनकार कर दिया।

मां ने दर्ज कराई थी शिकायत

यह मामला महिला थाना कांड संख्या 182/25 के तहत दर्ज किया गया है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए उसकी मां ने महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहला मौका नहीं है, जब किसी कथावाचक या स्वयंभू संत पर इस तरह के आरोप लगे हों। देश में पहले भी कई बड़े नाम धर्म और अध्यात्म की आड़ में यौन शोषण जैसे गंभीर मामलों में फंस चुके हैं। आसाराम बापू को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को भी साध्वियों के यौन शोषण और पत्रकार हत्याकांड में लंबी सजा हुई है। फलाहारी बाबा को 2018 में उम्रकैद सुनाई गई थी, जबकि दाती महाराज का मामला अब भी अदालत में विचाराधीन है। हाल के वर्षों में स्वामी चैतन्यांनंद सरस्वती पर भी कई छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोप सामने आए हैं।

श्रवण दास मामला भी उसी कड़ी में जुड़ा

दरभंगा के कथावाचक श्रवण का मामला भी अब उसी लंबी सूची में जुड़ गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आस्था और विश्वास की आड़ में कुछ लोग कैसे कानून और नैतिकता दोनों को ठेंगा दिखाते हैं। फिलहाल आरोपी जेल में है और पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी है। आगे की कार्रवाई अब कोर्ट के फैसलों पर निर्भर करेगी।

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Nandani

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