Bihar Politics: वो कहते हैं न, हर चीज करने की एक सही जगह और वक्त होता है। एक आम इंसान को भी पता होता है कि उसे सार्वजनिक रूप से कहां क्या करना चाहिए और क्या नहीं। लेकिन जब आप एक प्रतिष्ठित संवैधानिक पद पर बैठे हों, तो इस बात का ख्याल रखना और भी जरूरी हो जाता है। यह सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि एक सामान्य समझ (Common Sense) है कि जिस संस्थान की मर्यादा की शपथ आपने ली है, वहां आपका आचरण सवालिया नहीं होना चाहिए। तो चलिए इस लेख के जरिए बताते हैं कि आज अचानक ‘कॉमन सेंस’ की बात क्यों कर रहे हैं और क्यों बिहार के डिप्टी सीएम का एक वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानें क्या है पूरा मामला
बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लेकर विपक्ष ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वायरल वीडियो में सम्राट चौधरी एक हाथ से दूसरे हाथ को ढकते हुए कुछ चेहरे के पास ले जाते और मुंह में डालते नजर आ रहे हैं। इसी के आधार पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने दावा किया कि वे सदन में खैनी यानी तंबाकू खा रहे थे। हालांकि वीडियो में साफ तौर पर यह दिखाई नहीं देता कि उन्होंने वास्तव में क्या खाया।
विपक्ष ने कसा तंज
आरजेडी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से वीडियो शेयर करते हुए व्यंग्य किया और लिखा कि सदन में खैनी खाने की निंजा तकनीक! वहीं कांग्रेस ने भी भोजपुरी गाने के साथ वीडियो क्लिप पोस्ट करते हुए तंज कसा और कैप्शन में लिखा कि “बनावो खैनी रे…”
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि डिप्टी सीएम सदन में खैनी खा रहे थे, जबकि कई यूजर्स इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर किए जा रहे हमले के तौर पर देख रहे हैं।
सत्ता पक्ष का जवाब
सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने इसे विपक्ष की हताशा बताया, जबकि जेडीयू प्रवक्ता अरविंद निषाद का कहना है कि विपक्ष ये सब असली मुद्दों से ध्यान को भटकाने के लिए कर रहा है।
बता दें कि इस वीडियो में स्पष्ट रूप से यह साबित नहीं होता कि सम्राट चौधरी ने वास्तव में खैनी ही खाई थी। ऐसे में मामला फिलहाल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वह पदार्थ क्या था, लेकिन बहस अब मर्यादा पर छिड़ गई है।




























