16 सालों में 7 टीमों ने जीता टाइटल, चेन्नई की जीत का बड़ा कारण

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 30 May 2023, 12:00 AM | Updated: 30 May 2023, 12:00 AM

कल का फाइनल मैच तो आपने ही देखा होगा? नहीं देखा तो आपने बहुत बड़ा सुनहरा मौका गंवा दिया. और जिसने देखा उसकी तो बल्ले बल्ले. दरअसल मैच जिस दिन होना था उस दिन तो बारिश की वजह से नहीं हुआ लेकिन जब रिज़र्व डे के दिन मैच हुआ और फिर जो मैच हुआ उसका क्या ही कहना. पहली 4 चार गेंदों पर सिंगल उसके बाद जडेजा स्ट्राइक पर फिर 5वीं गेंद पर छक्का और 6वीं गेंद पर चौका मारकर जो मैच जिताया न अच्छे अच्छों के पसीने छूट गए. ऐसा बहुत कम लोग कर पाते है. और ऐसे मैच को देख भी बहुत कम लोग देख पाते हैं.

वैसे कल की जीत के साथ ही सीएसके ने कई सारे खिताब अपने नाम कर लिए हैं जैसे इस 5वीं ट्राफी जीत के साथ चेन्नई ने मुंबई के 5 ट्रोफीज की बराबरी कर ली है जो कि आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा बार खिताब जीतने टीम है वहीँ दूसरी तरफ देखा जाए तो गुजरात के कैप्टेन हार्दिक पंड्या ने लगातार दो बार चैंपियन बनने का मौका गवां दिया. वैसे अब तक आईपीएल के 16 सीजन हो चुके हैं लेकिन ट्राफी के कोटे को देखा जाए तो कुल 4 टीमों की झोली में ही 14 ट्राफियां हैं कुछ टीमों ने तो आजतक खाता ही नहीं खोला.

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इनके पास हैं इतने खिताब

मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के नाम सर्वाधिक 5-5 आईपीएल खिताब हैं. वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2 (2012, 2014) खिताब हासिल किए हैं. राजस्थान रॉयल्स- 2008 और गुजरात टाइटन्स- 2022 का भी नाम चैम्पियन बनने वाली टीमों की लिस्ट में शामिल है. वहीं हैदराबाद ने दो बार यह ख‍िताब जीता है. एक बार सनराइजर्स हैदराबाद टीम के तौर पर 2016 में, वहीं दूसरी बार डेक्कन चार्जर्स- के तौर पर 2009 में.

यानी 16 सालों में सिर्फ सात टीमों ने IPL खिताब जीता है, उसमें भी 4 टीमों के पास 14 टाइटल हैं. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सनराइजर्स हैदराबाद और डेक्कन चार्जर्स तकनीकी तौर पर एक टीम हैं. हालांकि, टीम के मालिक अलग होने के कारण इसके नाम अलग हो गए.

आईपीएल के सारे विनर्स की लिस्ट

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मैच का लेखा-जोखा

फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटन्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए गुजरात टाइटन्स ने चार विकेट पर 214 रन बनाए थे. गुजरात टाइटन्स की ओर से साई सुदर्शन ने 47 गेंदों पर 96 रनों की पारी खेली, जिसमें आठ चौके और छह छक्के शामिल रहे. वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा ने 39 गेंदों का सामना करते हुए 54 रन बनाए. सीएसके की ओर से तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना ने सबसे ज्यादा दो विकेट लिए. आईपीएल फाइनल में पहली बार किसी टीम ने इतना बड़ा स्कोर बनाया.

हालांकि बारिश के चलते चेन्नई सुपर किंग्स को 15 ओवरों में डकवर्थ लुईस नियम के तहत 171 रनों का संशोधित टारगेट मिला. इस टारगेट को सीएसके ने 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर हासिल कर लिया. सीएसके की जीत के हीरो रवींद्र जडेजा रहे, जिन्होंने 15वें ओवर में मोहित शर्मा की आखिरी दो गेंदों पर क्रमश: छक्का एवं चौका लगाकर टीम को जीत दिलाई. चेन्नई की ओर से सबसे ज्यादा रन प्लेयर ऑफ द मैच रहे डेवोन कॉन्वे (47) ने बनाए, वहीं शिवम दुबे ने नाबाद 32 और रहाणे ने 27 रनों की पारी खेली.

टॉप 5 स्कोरर ऑफ़ आईपीएल -2023

  • शुभमन गिल (गुजरात टाइटन्स)- 890 रन
  • फाफ डु प्लेसिस (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु)- 730 रन
  • डेवोन कॉन्वे (चेन्नई सुपर किंग्स)- 672 रन
  • विराट कोहली (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु)- 639 रन
  • यशस्वी जायसवाल (राजस्थान रॉयल्स)- 625 रन

टॉप 5 विकेट टेकर ऑफ़ आईपीएल -2023

  • मोहम्मद शमी (गुजरात टाइटन्स)- 28 विकेट
  • मोहित शर्मा (गुजरात टाइटन्स)- 27 विकेट
  • राशिद खान (गुजरात टाइटन्स)- 27 विकेट
  • पीयूष चावला (मुंबई इंडियंस)- 22 विकेट
  • युजवेंद्र चहल (राजस्थान रॉयल्स)- 21 विकेट

क्या है चेन्नई की जीत का असली मंत्र?

वैसे तो लोग कहते हैं कि धोनी ही एक ऐसा खिलाड़ी है चाहे वो टीम इंडिया में रहा हो या आईपीएल के टीम में ये खिलाड़ी विकेट के पीछे से गेम बदलने का माद्दा रखता है लेकिन साथ ही इस बात इनकार भी नहीं कर सकते कि क्रिकेट का खेल अकेले दम पर नहीं जीता जा सकता. वो आपने सुना होगा कि ‘अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता’ ये मामले पर सबसे सटीक बैठता है. चेन्नई हमेशा से ही बुड्ढों की कही जाती रही है और जब भी मैच हारती है तो खूब खरी खोटी सुनी पड़ती है कि इसकी उमर इतनी है उसकी उमर इतनी है फिर भी मैच खेल रहा है. लेकिन CSK मैनेजमेंट और धोनी वो हमेशा से खिलाड़ी के अन्दर छिपे पोटेंशिअल को देखता है और उनको वक़्त देता है ग्रूम करने का एक्स्प्लोर करने का. ऋतुराज, शिवम् दूबे, महीषा, रहाणे, चहर इस बात का सबसे बड़ा उदहारण है.

ये ऐसे खिलाड़ी है जो पहले भी कई टीमों से खेल चुके हैं और ख़राब प्रदर्शन के चलते या तो किसी टीम में ऑक्शन में ध्यान नहीं दिया या फिर बेंच पर बैठा रखा लेकिन धोनी की तकनीक हमेशा से खिलाड़ियों में उनका बेस्ट बाहर लाने और उनका कॉन्फिडेंस बूस्ट करने में सबसे ज्यादा मदद करती है. और एक खिलाड़ी को अपने कैप्टेन के सपोर्ट से ज्यादा और क्या चाहिए प्रदर्शन करने के लिए. और यही वजह रही है कि हर खिलाड़ी एक बार CSK के साथ खेलना चाहता है. ऐसे ही नहीं सब धोनी को ‘कैप्टन कूल’ कहते हैं.

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