सलमान खुर्शीद ने G-23 नेताओं को लिखा खुला पत्र, पूछा- क्या पाला बदलने का कर रहे विचार?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 04 मार्च 2021, 05:30 AM Updated: 04 मार्च 2021, 05:30 AM
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देश के 5 महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव और देश की सबसे पुरानी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में अंदरुनी कलह इन दिनों काफी चर्चा में है। कांग्रेस के 23 असंतुष्ट नेताओं का गुट कथित तौर पर लगातार पार्टी नेतृत्व पर हमलावर है। पार्टी के कई बड़े, प्रतिष्ठित और दिग्गज नेता इस गुट में शामिल हैं। 

दूसरी ओर इस तरह की खबरें भी सामने आई है कि G-23 में शामिल कई नेताओं के संपर्क गुलाम नबी आजाद से नहीं है। तो वहीं, कुछ नेताओं ने यह भी कहा है कि 23 नेताओं ने एक पत्र पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन अब जो कर रहे हैं वे 5 से 6 लोग ही कर रहे। इसी बीच कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने G-23 नेताओं को खुला पत्र लिखकर पूछा है कि क्या वह पाला बदलने का विचार कर रहे हैं?

‘…इतिहास उन्हें कैसे याद रखेगा?’

सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने पार्टी के असंतुष्ट नेताओं से सवाल किया है कि जिस सीढ़ी पर चढ़कर वे जिंदगी के सबसे ऊंचे मुकाम पर पहुंचे हैं, क्या उसे गिराना सही है? कांग्रेस के इस दिग्गज नेता ने G-23 के नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा, उन्हें वर्तमान में सही स्थान तलाशने की बजाय इस पर चिंतन करना चाहिए कि इतिहास उन्हें कैसे याद रखेगा। 

उन्होंने अपने पत्र में लिखा, G-23 नेताओं का नाम पार्टी में उपलब्धियों के शानदार इतिहास के साथ जुड़ा है। साथ ही हजारों गुमनाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना योगदान दिया है लेकिन उन्हें बदले में बहुत कम या कुछ भी नहीं मिला हो, वे भी लोकतंत्र में भरोसा रखते हैं।

‘पिछले 50 सालों का इतिहास आसान नहीं रहा’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में लिखा, ‘हमने सोचा था कि जी-23 नेताओं ने अपने विषयों को रख दिया है और उन्हें बताया भी गया कि पार्टी का चुनाव सही समय पर होगा। लेकिन जम्मू में सार्वजनिक तौर पर सभा कर या हरियाणा में होने वाली सभा से क्या वे एक बार फिर चीजों को खराब कर रहे हैं?’

सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘पिछले 50 सालों का हमारा इतिहास आसान नहीं रहा है। BJP-RSS की विभाजनकारी राजनीति हमारे सामने नई चुनौतियों के रूप में है। सांप्रदायिक ताकतों के बढ़ते कदम ने हमें सचेत होने पर मजबूर कर दिया है। इसके परिणाम में, हम अल्पसंख्यकों के बारे में बात करने से बचते हैं और बीजेपी द्वारा बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले बहुसंख्यावादी सांस्कृतिक चिह्नों को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करते हैं।’

जम्मू-कश्मीर में किया था आक्रोश प्रदर्शन

बता दें, कांग्रेस के दिग्गज नेता जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कई दफा कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सांसद रह चुके गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में पिछले दिनों G-23 के नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में सार्वजनिक तौर पर सभा पर आक्रोश प्रदर्शन किया था। उस सभा में कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और मनीष तिवारी जैसे तमाम दिग्गजों ने पार्टी पर कई तरह के सवाल उठाए थे। 

तब सिब्बल ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी कमजोर हो रही है लेकिन अनुभवी नेता गुलाम नबी आजाद के व्यापक राजनीतिक अनुभव का उपयोग नहीं कर रही है जो हाल ही में राज्यसभा से सेवानिवृत्त हुए हैं। दूसरी ओर आनंद शर्मा ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस गठबंधन को लेकर पार्टी के विचारधारा पर सवाल उठाए थे। 

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