Namaz Row in Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बिशारतगंज थाना क्षेत्र से सामने आए एक मामले ने स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। मोहम्मद गंज गांव में खाली पड़े एक मकान में बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के सामूहिक नमाज अदा करने के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस वक्त की गई, जब इस गतिविधि से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया और पुलिस तक शिकायत पहुंची।
और पढ़ें: Budget 2026: बजट से पहले टैक्सपेयर्स की टेंशन, क्या खत्म हो जाएगी ओल्ड टैक्स रिजीम?
कैसे सामने आया मामला (Namaz Row in Bareilly)
पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद गंज गांव में एक खाली मकान को अस्थायी तौर पर मदरसे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था। यहां पिछले कई हफ्तों से सामूहिक जुमा की नमाज अदा की जा रही थी। शनिवार को इसकी जानकारी पुलिस को मिली, जिसके बाद एहतियातन कार्रवाई करते हुए टीम गांव पहुंची। पुलिस ने मौके पर नमाज को रुकवाया और वहां मौजूद 12 लोगों को शांति भंग की धाराओं में चालान कर गिरफ्तार किया।
मजिस्ट्रेट से मिली जमानत, तीन आरोपी फरार
पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी 12 लोगों को शनिवार को ही मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। वहीं, इस मामले में तीन अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
हनीफ का बताया जा रहा है मकान
जांच में सामने आया है कि जिस मकान में नमाज अदा की जा रही थी, वह हनीफ नाम के व्यक्ति का है। पुलिस के अनुसार, इस मकान को अस्थायी मदरसे के रूप में उपयोग किया जा रहा था। जब पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से लिखित अनुमति या कोई वैध दस्तावेज मांगा, तो कोई भी कागजात पेश नहीं किए जा सके। ग्रामीणों का भी आरोप है कि इस मकान में लगातार जुमे की नमाज पढ़ी जा रही थी, जबकि इसके लिए प्रशासन से कोई इजाजत नहीं ली गई थी।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी सख्ती
इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें खाली मकान के अंदर सामूहिक नमाज अदा करते लोग दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इस वीडियो को जांच का हिस्सा बना लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह गतिविधि कब से और किसके निर्देश पर चल रही थी।
पुलिस की साफ चेतावनी
एसपी अंशिका वर्मा ने साफ कहा कि बिना अनुमति किसी भी तरह की नई धार्मिक गतिविधि या आयोजन करना कानून का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में अगर इस तरह की गतिविधियां सामने आती हैं, तो पुलिस और सख्त कार्रवाई करेगी। साथ ही उन्होंने आम लोगों से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील भी की है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया: ‘इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता’
इस मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है। बीजेपी नेता शम्सी आजाद ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बंद मकान में मदरसा बनाकर नमाज पढ़ना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि इस्लाम कभी भी ऐसी जमीन पर नमाज की इजाजत नहीं देता, जहां एक इंच भी बेईमानी हो। जब तक जमीन के मालिक की अनुमति न हो और वह भी संविधान व कानून के दायरे में न हो, तब तक वहां नमाज अदा नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि भारत में संविधान सबसे ऊपर है और अगर हम संविधान का पालन नहीं करते, तो यह अपने मजहब से भी गद्दारी है। पहले जमीन के मालिक से इजाजत लेनी चाहिए और फिर कानून के तहत ही कोई धार्मिक गतिविधि करनी चाहिए।
फिलहाल स्थिति शांत, पुलिस नजर बनाए हुए
फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह से कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
और पढ़ें: इंदौर का भिखारी निकला करोड़पति: 3 मकान और कार होने के बावजूद मांगता था भीख!































