2025 Top Controversy: साल 2025 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। यह साल सिर्फ उपलब्धियों या खुशियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई ऐसे विवादों और घटनाओं से भी भरा रहा, जिन्होंने देश की राजनीति, कूटनीति, खेल, न्यायपालिका और मनोरंजन जगत तक को हिला दिया। चाहे वह अंतरराष्ट्रीय तनाव हो, देश के अंदर राजनीतिक उठापटक हो, या खेल और फिल्म जगत के मुद्दे, इस साल हर क्षेत्र में बहसें गर्म रही।
साल का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा चर्चित विवाद था ऑपरेशन सिंदूर, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के हालात बन गए। हालांकि चार दिन के संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा और भारत ने इसे स्वीकार कर लिया। इसके अलावा अमेरिका के ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ, देशभर में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण यानी SIR और उससे जुड़ी राजनीतिक बहसें, वक्फ संशोधन कानून, न्यायपालिका में उठे विवाद और खेल-मनोरंजन जगत की घटनाएं, साल 2025 को यादगार और विवादास्पद बना गईं।
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SIR विवाद: वोटर सूची ने सियासत गरमाई
साल 2025 का सबसे बड़ा सियासी मुद्दा रहा SIR (Special Intensive Revision)। बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का एलान किया। इस कदम से देशभर में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर सरकार के इशारे पर काम करने और निष्पक्षता खोने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने तो इसे “वोट चोरी” करार दिया।
हालांकि चुनाव आयोग और सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। बिहार में SIR के तहत करीब 65 लाख नाम हटाए गए, और इसके बाद 12 राज्यों में भी यह प्रक्रिया लागू हुई, जिसमें ड्राफ्ट में लगभग साढ़े तीन करोड़ नाम कट चुके हैं। चुनाव आयोग का लक्ष्य पूरे देश में SIR प्रक्रिया पूरी करना है। इस विवाद ने देशभर की राजनीति को गर्म कर दिया और मतदाता सूची की पारदर्शिता पर बहस को जन्म दिया।
पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर (2025 Top Controversy)
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला पूरे देश के लिए एक सदमे जैसा था। आतंकियों ने लोगों का धर्म पूछकर निर्दोष नागरिकों को बेरहमी से मारा। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई। यह हमला देश में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की साजिश के तौर पर देखा गया।
इस हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन में आतंकियों को उनके घरों में मार गिराया गया, लेकिन आम नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। पाकिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला माना और भारत के खिलाफ कई उकसावे की कार्रवाई की, लेकिन चार दिन के संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष विराम की पेशकश की, जिसे भारत ने स्वीकार किया। इस घटना ने देश में एक बार फिर राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा पर बहस को उजागर किया।
वक्फ संशोधन विधेयक: विवादों के बीच सुधार
साल 2025 में वक्फ कानून (1995) में संशोधन को लेकर भी देशभर में बहस हुई। सरकार ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से संशोधन किया। नए कानून के तहत कलेक्टर को वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण और स्वामित्व तय करने का अधिकार मिला। इसके अलावा वक्फ बोर्ड में महिलाओं और गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का प्रावधान भी किया गया।
विरोधियों ने इसे धार्मिक हस्तक्षेप माना और कई जगह प्रदर्शन हुए। सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी गई, लेकिन अदालत ने रोक लगाने से इनकार किया। हालांकि कुछ प्रावधानों पर अस्थायी रोक लगी। इस विवाद ने पूरे साल मुस्लिम संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच बहस का दौर कायम रखा।
मोदी-ट्रंप रिश्ते और टैरिफ विवाद
भारत-अमेरिका संबंधों में इस साल खटास देखने को मिली। डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया। इसका आरोप था रूस से तेल खरीद और यूक्रेन युद्ध के वित्तपोषण को लेकर।
साल की शुरुआत में भारत-अमेरिका संबंध लगातार मज़बूत होते दिख रहे थे, लेकिन ट्रंप प्रशासन के इस कदम से रिश्तों में ठंडापन आ गया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी ट्रंप ने पाकिस्तान का समर्थन किया। इससे भारत को संयमित प्रतिक्रिया देने के अलावा फिलहाल ज्यादा विकल्प नहीं थे।
उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ का इस्तीफा
जुलाई 2025 में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्वास्थ्य कारण बताया, लेकिन विपक्ष ने इसे दबाव में लिए गए इस्तीफे के रूप में देखा। इस्तीफे के बाद वह सार्वजनिक तौर पर लगभग दिखाई नहीं दिए। सीपी राधाकृष्णन के पद संभालने के बाद विवाद धीरे-धीरे थमा।
न्यायपालिका में विवाद और चर्चा
साल 2025 में न्यायपालिका भी विवादों से अछूती नहीं रही। 6 अक्टूबर को सीजेआई जस्टिस बीआर गवई पर एक वकील ने जूता फेंका। जूता सीजेआई को नहीं लगा और उन्होंने इसे तूल नहीं दिया, लेकिन वकील का लाइसेंस बाद में बार काउंसिल द्वारा सस्पेंड कर दिया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा के घर में आग लगने पर भारी नकदी मिलने के मामले ने भी न्यायपालिका की छवि पर सवाल खड़े किए। इसके खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया शुरू हुई।
खेल और मनोरंजन के विवाद
एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान हैंडशेक विवाद ने खेल और कूटनीति को जोड़ दिया। भारतीय टीम ने पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में पाकिस्तान खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया, जिससे पाकिस्तानी टीम नाराज हुई। मैच के बाद भी भारत ने एसीसी अध्यक्ष से ट्रॉफी लेने से इनकार किया।
इस बीच, फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तानियों की मौजूदगी ने भी विवाद खड़ा कर दिया। सरदार जी 3 और अबीर गुलाल जैसी फिल्मों की रिलीज़ का विरोध हुआ क्योंकि पाकिस्तानी कलाकार कास्ट का हिस्सा थे।
समय रैना विवाद
कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर समय रैना के लिए 2025 का साल विवादों से भरा रहा। India’s Got Latent शो को लेकर हुए बवाल में उनके खिलाफ FIR दर्ज हुईं, एपिसोड हटाए गए और कई लाइव शोज़ रद्द करने पड़े। सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना के बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हुआ, लेकिन इसके बाद समय रैना ने जोरदार वापसी की। वह कुनाल कामरा के साथ Air Learn के एक वायरल कैंपेन में नजर आए, जिसने दो विवादों से गुजर चुके चेहरों को एक साथ लाकर फिर चर्चा छेड़ दी।
रणवीर अलाहबादिया विवाद
वहीं, रणवीर अलाहबादिया को भी India’s Got Latent से जुड़े बयान भारी पड़े। इस मामले में उनके खिलाफ कई FIR दर्ज हुईं, जिसके बाद कुछ समय के लिए ब्रांड्स ने उनसे दूरी बना ली। हालांकि, विवादों के बीच ही रणवीर ने 2025 में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। उनके यूट्यूब चैनल BeerBiceps ने 10 मिलियन सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार किया, जिसके साथ उन्हें YouTube का डायमंड प्ले बटन मिला।
राजनीतिक परिवारों के विवाद
साल 2025 में राजनीति की दुनिया भी विवादों से अछूती नहीं रही। इस साल की शुरुआत में लालू परिवार में बगावत हुई। लालू प्रसाद यादव ने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से बाहर किया। तेज प्रताप ने अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब विवाद ने भी साल की राजनीति को गरमाया। एक सरकारी कार्यक्रम में महिला डॉक्टर के हिजाब को हटाने को लेकर विपक्ष और मुस्लिम संगठनों ने सवाल उठाए।
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