अब क्या है ड्रैगन की मंशा? जिनपिंग ने सेना को ‘जंग की तैयारी’ का दिया मैसेज, बढ़ा रहा सैनिकों की तैनाती और…

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 08 Feb 2021, 12:00 AM | Updated: 08 Feb 2021, 12:00 AM

भारत और चीन के बीच बीते कुछ महीनों में रिश्ते काफी खराब हुए। LAC पर लगातार तनातनी का माहौल बना हुआ है। दोनों देशों के बीच 9 दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन विवाद का हल कुछ नहीं निकल पा रहा। लेकिन बातचीत की टेबल पर जो चीन इस पूरे मसले को सुलझाने की बात कहता है, वहीं वो जमीनी स्तर पर इसे लागू नहीं करता। चीन कई बार पीठ में छुरा घोंपने का काम कर चुका है।

एक बार फिर से ड्रैगन की मंशा पर शक गहराने लगा है। दरअसल, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी PLA को युद्ध के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। चीन की मीडिया का ये कहना है कि चीनी राष्ट्रपति का ये बयान भारत और ताइवान के साथ चल रहे तनावपूर्ण रिश्ते के लिए दिया गया।

वहीं चीन द्वारा पैंगोंग झील वाले क्षेत्र में नए सिरे से बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती, मिसाइल और हथियार इकट्ठे करने की खबरें भी आ रही हैं। इंडियन नेशनल सिक्योरिटी प्लानर्स के मुताबिक तीनों सेक्टरों में PLA नई तैनाती कर रहा है। सैनिकों और भारी सैन्य उपकरणों को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा रही है। साथ में चीन पैंगोंग त्सो के फिंगर क्षेत्रों में नया निर्माण कर भारत को उकसाने की कोशिश की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी लद्दाख के चुमार में LAC से केवल 82 किलोमीटर की दूरी पर स्थित शिंकाने पीएलए कैंप के आसपास चीन ने 35 भारी सैन्य वाहन, चार 155 एमएम पीएलजेड, 83 सेल्फ प्रोपेल्ड होवित्जर तैनात किए।

वहीं चीन की हर हरकत पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए भारत भी उत्तरी सीमाओं पर अपनी सर्विलांस क्षमता बढ़ाने जा रहा है। वहां पर बड़ी संख्या में ड्रोन, सेंसर, सैनिक सर्वेक्षण और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरण तैनात किए जाएंगे, जिससे चीनी सेना की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

गौरतलब है कि चीन और भारत के बीच तनातनी का माहौल बीते साल अप्रैल-मई के महीने से चला आ रहा है। ये टकराव तब और गहरा गया था, जब जून के महीने में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों में हिंसक झड़प हुई और भारतीय सेना 20 जवान शहीद हो गए। चीन ने झड़प के दौरान मारे गए अपने सैनिकों के सच को आज तक छिपा कर  रखा हुआ है। हालांकि बताया जाता रहा है कि चीन को भी इस दौरान काफी नुकसान पहुंचा। इसके बाद से कई बार भारत और चीन आमने-सामने आ चुके है।

जब दोनों देशों के बीच बातचीत होती है, तब तो चीन विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की बात कहता हुआ नजर आता है। लेकिन जमीनी स्तर पर वो इसे लागू नहीं करता। चीन की हर हरकत से भारत काफी वाकिफ है, इसलिए पहले से ज्यादा कई सतर्क भी।

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