Jagdish Raj: हिंदी सिनेमा में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिन्होंने अपने अभिनय से वर्षों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। कुछ सितारों ने रोमांस से पहचान बनाई, कुछ कॉमेडी से और कुछ ने विलेन बनकर दर्शकों को डराया। लेकिन एक ऐसे दिग्गज एक्टर भी रहे, जिन्होंने अपने करियर में एक ही तरह के रोल को इतनी बार निभाया कि उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। हम बात कर रहे हैं वेटरन एक्टर जगदीश राज की, जिन्हें बॉलीवुड का ‘सबसे ज्यादा पुलिस इंस्पेक्टर बनने वाला एक्टर’ कहा जाता है।
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11 साल की उम्र में शुरू हुआ सफर (Jagdish Raj)
जगदीश राज ने बेहद कम उम्र में फिल्मों की दुनिया में कदम रखा। महज 11 साल की उम्र में उन्होंने 1939 की फिल्म एक ही रास्ता से बतौर बाल कलाकार डेब्यू किया। उस समय उन्हें लीड रोल नहीं मिलता था, लेकिन साइड रोल में भी उनकी स्क्रीन प्रेजेंस ऐसी थी कि दर्शक उन्हें नोटिस करते थे। धीरे-धीरे उन्होंने बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई, लेकिन असली पहचान उन्हें पुलिस इंस्पेक्टर के किरदार से मिली।
144 फिल्मों में पुलिस ऑफिसर—बना अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड
जगदीश राज का करियर करीब 5 दशक तक चला, और इस दौरान उन्होंने लगभग 144 फिल्मों में पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया। यह संख्या इतनी बड़ी थी कि यह अपने आप में एक रिकॉर्ड बन गई। इसी वजह से उनका नाम Guinness World Records और Limca Book of Records दोनों में दर्ज हुआ। उन्हें बॉलीवुड का Most Typecast Actor कहा गया। आज भी कोई दूसरा अभिनेता उनका यह रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया है।
ऐसे बना ‘पुलिस ऑफिसर’ उनकी पहचान
फिल्मों में एक बार उन्होंने पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहनी, और उनके अंदाज़ ने दर्शकों को इतना प्रभावित किया कि निर्देशक भी उन्हें अगली फिल्मों में उसी रोल के लिए लेने लगे। कई फिल्मों में उनका स्टाइल, उनकी सख्त आवाज़ और वर्दी में उनका भरोसेमंद चेहरा इतना लोकप्रिय हुआ कि दर्शक भी उन्हें इसी रूप में स्वीकार करने लगे।
धीरे-धीरे उनकी पहचान इतनी मजबूत हो गई कि जब भी किसी फिल्म में ईमानदार या सख्त पुलिस ऑफिसर चाहिए होता, नाम सबसे पहले जगदीश राज का लिया जाता।
इन फिल्मों में मिला खास प्यार
जगदीश राज की फिल्मोग्राफी बेहद लंबी रही है। उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं। उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं
- मधुमती
- कानून
- काला बाजार
- पासपोर्ट
- धर्मपुत्र
- बंबई का चोर
- वक्त
- भूत बंगला
इन फिल्मों में उनके पुलिस ऑफिसर किरदार ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। फिल्म सीमा से उन्हें खास लोकप्रियता मिली थी। इस रोल के बाद तो जैसे उन्हें फिल्मों में एक ही किरदार के लिए पहचान मिल गई और फिर यह सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं लिया।
पर्सनलिटी की वजह से मिला हर बार एक ही रोल
कहा जाता है कि जगदीश राज की कद-काठी, उनकी आंखों का सख्त भाव और उनकी डायलॉग डिलीवरी उन्हें पुलिस ऑफिसर की वर्दी में बिल्कुल फिट बनाती थी। फिल्मों में वो अक्सर ईमानदार, शांत लेकिन बेहद सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में दिखते थे और दर्शकों ने उन्हें उसी रूप में पसंद किया। निर्देशक भी इस किरदार में उन्हें ‘परफेक्ट मैच’ मानते थे, इसलिए उन्हें बार-बार वही रोल ऑफर होते रहे।
आखिरी सफर और विरासत
दर्शकों के दिलों पर वर्षों तक राज करने वाले इस दिग्गज कलाकार ने 28 जुलाई 2013 को दुनिया को अलविदा कहा। लेकिन आज भी उनका रिकॉर्ड, उनका काम और उनका योगदान हिंदी सिनेमा की विरासत में एक गर्व की तरह दर्ज है। जगदीश राज की बेटी अनीता राज भी आज टीवी और फिल्मों की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं, और इस तरह उनका फिल्मी सफर आगे भी जारी है।
एक किरदार, लेकिन पहचान पूरी उम्र की
जगदीश राज की कहानी इस बात का उदाहरण है कि फिल्मों में हर रोल महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने सिर्फ एक ही तरह का किरदार निभाया, लेकिन उस किरदार को इस तरह निभाया कि वो बॉलीवुड इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गए।


























