Bihar News: विदेशी डिग्री, देसी इरादा! बेलहर से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं चाणक्य रंजन, जानें क्यों आए चर्चा में

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Published: 12 Oct 2025, 12:00 AM | Updated: 12 Oct 2025, 12:00 AM

Bihar News: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नया नाम तेजी से उभर रहा है चाणक्य प्रकाश रंजन। नाम जितना खास, उनकी प्रोफाइल उससे भी ज्यादा दिलचस्प है। बांका लोकसभा सीट से जदयू सांसद गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य ने हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दामन थामकर सभी को चौंका दिया। अब माना जा रहा है कि वह बेलहर विधानसभा सीट से 2025 का चुनाव लड़ सकते हैं और टिकट लगभग तय ही माना जा रहा है।

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चाणक्य का राजनीति में धमाकेदार एंट्री- Bihar News

राजनीति में चाणक्य नाम का बड़ा प्रतीकात्मक महत्व है, और जब कोई युवा पढ़ा-लिखा चेहरा इस नाम के साथ राजनीतिक मैदान में उतरता है, तो चर्चा होना तय है। चाणक्य प्रकाश रंजन न सिर्फ एक राजनीतिक परिवार से आते हैं, बल्कि उनकी अपनी पहचान और प्रोफाइल भी काबिल-ए-तारीफ है। उनके RJD जॉइन करते ही बेलहर विधानसभा में सियासी हलचल तेज हो गई है।

लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़े हैं चाणक्य

चाणक्य ने साल 2023 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंसेज़ से मास्टर्स इन पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई पूरी की है। इससे पहले उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया और 2016 में इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ से इंटरनेशनल ट्रेड एंड बिजनेस लॉ में डिप्लोमा किया। उनकी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल से हुई है।

सामाजिक सेवा से गहरा नाता

सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, चाणक्य ने समाज सेवा के क्षेत्र में भी खुद को साबित किया है। वे नीलगिरी एजुकेशन एंड डेवलपमेंट एसोसिएट्स बोर्ड से जुड़कर आदिवासी लड़कियों की शिक्षा और जनजातीय समुदाय के अधिकारों के लिए काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘ट्राइबआइब’ नामक एक सोशल एंटरप्राइज की स्थापना की है, जिसे कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मान्यता भी मिल चुकी है।

कला के क्षेत्र में भी बेहतरीन प्रदर्शन

राजनीति और समाजसेवा के साथ-साथ चाणक्य एक कला प्रेमी और पेंटर भी हैं। उन्होंने 19वीं सदी के नामी कलाकारों की कला का अध्ययन कर स्व-शिक्षा से चित्रकारी सीखी। उनकी बनाई गई पेंटिंग्स न केवल भारत की प्रमुख आर्ट गैलरियों में प्रदर्शित हो चुकी हैं, बल्कि लंदन के म्यूजियम्स में भी जगह बना चुकी हैं। इस कला से जो भी आमदनी होती है, चाणक्य उसे समाजसेवा में लगा देते हैं।

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़ाव

राजनीति में कदम रखने से पहले चाणक्य राष्ट्रमंडल सचिवालय, विश्व बैंक, और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं। उन्हें नेशनल यंग डेवलपमेंट एंथूज़ियास्ट अवॉर्ड (2020) और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 2016 में सम्मानित किया जा चुका है।

बेलहर में मुकाबला हो सकता है रोचक

बेलहर विधानसभा सीट पर अगर चाणक्य प्रकाश रंजन को टिकट मिलता है, तो यह मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। एक तरफ उनका पढ़ा-लिखा और सामाजिक छवि वाला चेहरा, दूसरी तरफ स्थानीय राजनीतिक समीकरण  ये सब मिलकर बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय लिख सकते हैं।

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