Trending

Baba Khatu Shyam Vart: कब रखना चाहिए खाटू श्याम का व्रत? जानें एकादशी के दिन पूजा विधि और आशीर्वाद पाने के खास तरीके

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 03 Jul 2025, 12:00 AM | Updated: 03 Jul 2025, 12:00 AM

Baba Khatu Shyam Vart: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर को भक्तों का प्रिय स्थल माना जाता है। हर दिन यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा खाटू श्याम के दर्शन के लिए आते हैं, क्योंकि माना जाता है कि खाटू श्याम की पूजा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और हर तरह की बाधाएं दूर होती हैं। इस मंदिर में विशेष रूप से एकादशी के दिन पूजा और व्रत करना अत्यधिक पुण्यकारी माना जाता है। खाटू श्याम के भक्तों के लिए एकादशी का दिन खास होता है, और शुक्ल पक्ष की एकादशी तो विशेष रूप से महत्व रखती है।

और पढ़ें: Rath Yatra 2025: एक मुस्लिम शख्स की भक्ति: जिसकी मजार के सामने आज भी रुकता है भगवान जगन्नाथ का रथ

खाटू श्याम और एकादशी का संबंध- Baba Khatu Shyam Vart

एकादशी का दिन खाटू श्याम के भक्तों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन व्रत और पूजा करने से बाबा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। एकादशी हर महीने में दो बार होती है: शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। लेकिन शुक्ल पक्ष की एकादशी बाबा खाटू श्याम के भक्तों के लिए बहुत खास मानी जाती है। इस दिन विशेष पूजा की जाती है और बाबा के दर्शन करने से भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

शुक्ल पक्ष की एकादशी पूजा विधि

शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन बाबा खाटू श्याम के भक्त विशेष रूप से व्रत रखते हैं। इस दिन भक्त बाबा श्याम को गुलाब के इत्र से स्नान करवाकर उनका फूलों से विशेष श्रृंगार करते हैं और 56 भोग अर्पित करते हैं। बाबा की आरती की जाती है और इस दिन विशेष भजन कीर्तन भी होते हैं। भक्त सच्चे मन से खाटू श्याम की आरती करते हैं, जिससे उनकी कृपा प्राप्त होती है और जीवन की सारी मुश्किलें हल हो जाती हैं।

खाटू श्याम की आरती

खाटू श्याम के भक्त अपनी श्रद्धा के साथ बाबा की आरती गाते हैं। खाटू श्याम की आरती में यह शब्द होते हैं:

ओम जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।

खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे।।

ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।

रतन जड़ित सिंहासन,सिर पर चंवर ढुरे।

तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े।।

ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।

गल पुष्पों की माला, सिर पार मुकुट धरे।

खेवत धूप अग्नि पर, दीपक ज्योति जले।।

ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।

मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे।

सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे।।

ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।

झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे।

भक्त आरती गावे, जय-जयकार करे।।

ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।

जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे।

सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम-श्याम उचरे।।

ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।

श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे।

कहत भक्त-जन, मनवांछित फल पावे।।

ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।

जय श्री श्याम हरे, बाबा जी श्री श्याम हरे।

निज भक्तों के तुमने, पूरण काज करे।।

ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।

ओम जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।

खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे।।

यह आरती भक्तों को बाबा की विशेष कृपा की प्राप्ति के साथ-साथ मानसिक शांति और संतोष भी देती है। इस आरती को गाने से भक्तों के सारे दुखों का निवारण होता है और उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं।

व्रत के नियम

एकादशी के दिन व्रत रखने के कुछ खास नियम होते हैं जिन्हें भक्तों को पालन करना चाहिए। इस दिन क्रोध नहीं करना चाहिए, और न ही किसी से द्वंद्व में उलझना चाहिए। व्रत के दौरान पूर्ण ब्रह्मचारी का पालन करना चाहिए और दिनभर उपवासी रहकर भगवान का ध्यान करना चाहिए। इस दिन बाबा खाटू श्याम का जाप और स्मरण करते हुए पूजा करनी चाहिए।

इसके अलावा, एकादशी के दिन श्रद्धालु को गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए और श्याम बाबा के समक्ष दीप जलाकर उन्हें इत्र अर्पित करना चाहिए।

व्रत का पुण्य और आशीर्वाद

खाटू श्याम का व्रत और पूजा भक्तों के जीवन में कई सकारात्मक बदलाव लाती है। इस व्रत के पुण्य से भगवान श्याम का आशीर्वाद मिलता है और भक्तों के जीवन से सभी परेशानियाँ दूर होती हैं। जिन लोगों का जीवन किसी भी तरह की बाधाओं या परेशानियों से जूझ रहा है, वे इस दिन व्रत रखकर खाटू श्याम बाबा से आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

Disclaimer: यहाँ दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और सूचना पर आधारित है। यहाँ यह बताना ज़रूरी है कि किसी भी मान्यता या सूचना की पुष्टि नहीं की जाती है। किसी भी जानकारी या विश्वास पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

और पढ़ें: Devshayani Ekadashi 2025: 6 या 7 जुलाई, कब है देवशयनी एकादशी? जानें सही तिथि और इसका गूढ़ महत्व

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2025- All Right Reserved. Designed and Developed by  Marketing Sheds