पूर्व क्रिकेटर ने किया बड़ा खुलासा! बताया आखिर क्यों ICC टूर्नामेंट में धोनी से पीछे रह जाते हैं कोहली

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 01 Jul 2021, 12:00 AM | Updated: 01 Jul 2021, 12:00 AM

भारतीय क्रिकेट टीम दुनिया के सबसे बेहतरीन टीमों में से एक है। कहा जाता है कि मैच फिक्सिंग के दाग के बाद सौरव गांगुली ने भारतीय टीम को संभाला और उनकी कप्तानी में टीम ने काफी बेहतरीन प्रदर्शन किया। जिसके बाद एम एस धोनी को कप्तानी मिली और उनकी कप्तानी में टीम ने सभी आईसीसी ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। 

भारतीयी टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली की तुलना हमेशा से सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी से होती रही है लेकिन आईसीसी के टूर्नामेंट में कोहली की विफलता जगजाहिर है। इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने इन तीनों कप्तानों की तुलना करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

आकाश चोपड़ा ने बताई वाजिब वजह

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा, धोनी की कप्तानी इस तरह की थी कि वह किसी खिलाड़ी को असुरक्षित महसूस नहीं होने देते थे। आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘अगर आप लीग स्टेज से नॉकआउट स्टेज में उनकी टीम को देखेंगे तो टीम और मुख्य खिलाड़ी लगभग वही रहते थे। वह हमेशा ऐसे खिलाड़ी चुनते थे जो बड़े मैचों में रन करें।‘

उन्होंने कहा, ‘जब आप क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में पहुंचते हो तो वो टीम जीतती हैं जो कम गलतियां करती हैं, जो टीम कम घबराती हैं। वो टीम जीतती है जो लगातार एक ही एकादश से खेलती हैं ताकि अंत तक सभी खिलाड़ी सुरक्षित रहें।‘

2014 के बाद चल रहा सिर्फ कोहली का बल्ला

आकाश चोपड़ा ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे विश्व कप में जीत के हीरो रहे गौतम गंभीर और युवराज सिंह का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ‘धोनी ने अपनी टीम के लिए यह किया। अगर आप 2007 और 2011 का फाइनल देखें तो आपको गौतम गंभीर याद आते हैं। आप 2011 विश्व कप याद करेंगे तो आपको युवराज सिंह याद आते हैं, और फाइनल में धोनी। 2013 में उनकी टीम में से हर किसी ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया।‘

वहीं, विराट कोहली को लेकर आकाश चोपड़ा ने कहा कि 2014 के बाद सिर्फ कोहली का बल्ला ही चल रहा है। पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने कहा, ‘2014 में, आप पीछे छूट गए क्योंकि सिर्फ कोहली का बल्ला चला और बाकी खिलाड़ी कुछ खास नहीं कर पाए। धोनी हमेशा कुछ खिलाड़ियों पर निर्भर रहते थे। बड़े मंच के खिलाड़ियों के लिए, वह सभी नॉकआउट मैचों में दमदार खेलते थे।’

गांगुली और धोनी दिला चुके हैं ICC ट्रॉफी

बता दें, सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम ने पहली बार 2002 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में जीत हासिल की थी।  जिसके बाद टीम साल 2003 विश्वकप के फाइनल तक पहुंची थी। जिसके बाद एम एस धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2007 में जीत हासिल की। उसके बाद वर्ल्ड कप 2011 में टीम ने 28 सालों बाद ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। फिर धोनी की कप्तानी में ही टीम ने साल 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। जिसके बाद से भारतीय टीम अभी तक आईसीसी ट्रॉफी के लिए तरस रही है।

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds