अंतरिक्ष में फंसे NASA के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के सामने भोजन का संकट, पेशाब से बना सूप पीकर कर रहे गुजारा

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 25 Nov 2024, 12:00 AM | Updated: 25 Nov 2024, 12:00 AM

Sunita Williams Rescue Mission: भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (59) और बुच विल्मोर (61) पिछले छह महीने से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर फंसे हुए हैं। वे पांच जून से शुरू हुए आठ दिवसीय मिशन के तहत आईएसएस गए थे, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण उनकी धरती पर वापसी संभव नहीं हो पाई। लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के कारण दोनों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी हालिया तस्वीरों में वे काफी वजन घटाते नजर आए। अब वे फरवरी 2025 में धरती पर लौट सकते हैं। यह समय अंतरिक्ष में सीमित संसाधनों और स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच उनके धैर्य और संघर्ष की परीक्षा है।

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अंतरिक्ष में कैसे जी रहे हैं? (Sunita Williams Rescue Mission)

ISS पर रह रहे दोनों अंतरिक्ष यात्री पिछले कुछ समय से बेहद सीमित संसाधनों पर निर्भर हैं। पानी और भोजन (Sunita Williams Food in Space) की कमी को पूरा करने के लिए वहां मौजूद एडवांस रिसाइकिलिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सिस्टम पसीने और पेशाब को रिसाइकिल कर पीने लायक पानी और सूप में बदल देता है।

शुरुआत में सुनीता और विल्मोर को ताजे फल, पिज्जा और रोस्ट चिकन जैसे स्वादिष्ट भोजन मिल रहे थे। लेकिन अब उनके मेन्यू में सिर्फ पाउडर वाला दूध, डिहाइड्रेटेड कैसरोल और फ्रीज-ड्राई सूप ही बचा है।

स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही है

नासा के डॉक्टर लगातार इन अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। हाल ही में आई तस्वीरों में दोनों अंतरिक्ष यात्री कमजोर नजर आ रहे थे। हालांकि सुनीता विलियम्स ने भोजन की कमी की चिंताओं को खारिज कर दिया है, लेकिन स्वास्थ्य में गिरावट और सीमित भोजन की स्थिति नासा के लिए चुनौती बनी हुई है।

ISS पर जीवन: भोजन और जल प्रबंधन

आईएसएस में पानी की हर बूंद को रिसाइकिल किया जाता है ताकि कोई संसाधन बर्बाद न हो। वहां भोजन चुंबकीय ट्रे और धातु के बर्तनों में परोसा जाता है ताकि भोजन सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में तैर न जाए। प्रत्येक यात्री को प्रतिदिन 3.8 पाउंड भोजन दिया जाता है।

तकनीकी खराबी और घर वापसी की योजना

बोइंग स्टारलाइनर (Boeing Starliner) की खराबी के कारण दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं। अब उनकी वापसी स्पेसएक्स ड्रैगन क्राफ्ट के जरिए फरवरी 2025 में हो सकती है। इसका मतलब है कि विल्मोर और विलियम्स को अगले तीन महीने इसी स्थिति में बिताने होंगे।

चुनौतियां और अपेक्षाएं

अंतरिक्ष में भोजन और स्वास्थ्य में गिरावट के अलावा, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। नासा की प्राथमिकता दोनों यात्रियों को सुरक्षित वापस लाना है। इस स्थिति ने अंतरिक्ष में रहने की जटिलताओं और नासा की रिसाइकिलिंग तकनीक की मजबूती को भी उजागर किया है।

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