तालिबान का अफगानिस्तान पर कब्जा लगातार बढ़ता ही चला जा रहा है। तालिबान एक बार फिर से ताकतवर होता हुआ नजर आ रहा है। मिली गई ताजा जानकारी के मुताबिक तालिबान अब तक अफगानिस्तान के 65 प्रतिशत इलाकों पर कब्जा जमा चुका है। उसका टारगेट काबुल है, जिसको भी आगे आने वाले दिनों में वो अपने कब्जे में कर लेगा।
मदद के लिए की सराहना
तेजी से अफगानिस्तान में अपने दायरे को बढ़ा रहा तालिबान ने अब भारत को भी खुली चेतावनी दी है। एक तरफ तो उसने भारत की परियोजनाओं की तारीफ की, लेकिन इसके साथ ही साथ चेता भी दिया। तालिबान की तरफ से धमकी दी गई है कि अगर भारत अफगानिस्तान में सैन्य दखल देने की कोशिश करता है, तो अच्छा नहीं होगा।
न्यूज एजेंसी ANI ने तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा कि हम अफगानिस्तान के लिए भारत ने जो भी काम किए उसकी सराहना करते हैं। हम बांध, राष्ट्रीय और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट समेत हर उस परियोजना की प्रशंसा करते हैं, जो अफगानिस्तान के विकास, पुनिर्निर्माण और आर्थिक समृद्धि के लिए है।
चेतावनी देते हुए कहा ये
इसके अलावा सुहैल शाहीन ने आगे कहा कि अगल साथ में भारत अफगानिस्तान में अपनी सेना भेजता है, तो मुझे नहीं लगता कि ये उनके लिए अच्छा होगा। भारत ने देखा है कि दूसरे देशों जिन्होंने सेना यहां भेजी उसका क्या हाल हुआ। उनके लिए ये खुली किताब की तरह है।
‘किसी दूतावास या राजनियक को खतरा नहीं’
इसके अलावा अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं होने के भरोसे से जुड़े सवाल पर तालिबान के प्रवक्ता बोले कि ये हमारी एक सामान्य नीति है। हम पड़ोसी देश समेत किसी भी देश के खिलाफ अफगानिस्तान की जमी का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देनेके लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही तालिबान ने ये भी साफ किया है कि किसी भी दूतावास या राजनियक को खतरा नहीं है। हम किसी दूतावास या राजनियक को निशान नहीं बना रहे, जिसके बारे में हम पहले भी कई बार अपने बयानों में कह चुके हैं।
गौरतलब है कि अमेरिकी और नाटो देशों के सैनिकों को छोड़ने के बाद तालिबान का अफगानिस्तान के अलग अलग शहरों में प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। 8 दिनों में वो ने 13 शहरों पर कब्जा जमा चुका है। तालिबान की इस बेलगाम रफ्तार से खतरा लगातार बढ़ता ही चला जा रहा है। वो काबुल से सिर्फ 50 किमी ही दूर रह गया है।





























