Cyber Crime: QR कोड स्कैन करने से साफ हो सकता है आपका बैंक अकाउंट, जानिए इस फर्जीवाड़े से बचने के तरीके

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 29 Jan 2021, 12:00 AM | Updated: 29 Jan 2021, 12:00 AM

देश में डिजिटल पेमेंट का चलन आजकल काफी बढ़ गया है। लोग झटपट हर चीज का भुगतान अपने मोबाइल फोन के जरिए कर देते है। लेकिन जैसे जैसे इंडिया डिजिटल होता जा रहा है, वैसे वैसे फर्जीवाड़े भी बढ़ रहे हैं। साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाते हुए नजर आ रहे हैं।

गृह मंत्रालय की ओर से किया गया अलर्ट

इनमें से एक तरीका क्यूआर कोड का भी है। यही वजह से केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से लोगों को आगाह किया गया कि किसी भी अनजान स्त्रोत से फोन पर आए क्यूआर कोड को भूल से भी स्कैन ना करें। इससे आपका बैक अकाउंट खाली हो सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से ‘साइबर दोस्त’ ने एक ट्वीट करते हुए कहा- ‘किसी अज्ञात स्रोत से प्राप्‍त क्‍यूआर कोड को स्‍कैन न करें। इससे आपके खाते से अनधिकृत रूप से धन निकाला जा सकता है।’ बता दें कि साइबर दोस्त साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में लोगों में जागरूक करने के लिए एक सोशल मीडिया का प्लेटफॉर्म है। क्या होता है क्यूआर कोड और कैसे इसके जरिए फर्जीवाड़ा होता है, आइए आपको बताते है…

जानिए क्या होता है QR कोड?

क्यूआर कोड यानी Quick Response Code। ये कोड संकेत अक्षरों के रूप में होता है, जिसको हम नहीं पढ़ सकते। इसको पढ़ने के लिए उपकरण में लगे स्कैनर की जरूरत होती है। ये एक तरह का मैट्रिक्स बारकोड है, जिसके अंदर कई तरह की जानकारियां मौजूद होती हैं।

वैसे तो QR Code मोटर वाहन उद्योग के लिए शुरू किया गया। लेकिन अब इसका दायरा काफी बढ़ चुका है। ऐसा शायद ही कोई सेक्टर होगा, जहां पर इसका इस्तेमाल ना होता हो। QR Code के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इससे होने वाली फर्जीवाड़े भी लगातार बढ़ रहे हैं। 0

आजकल हर प्रोडक्ट पर एक QR कोड होता है, जिसमें उस प्रोडक्ट से जुड़ी सभी जानकारी होती है। इसका इस्तेमाल पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) पर मोबाइल पेमेंट्स के लिए भी किया जाता है। कोरोना काल के दौरान इसका चलन देखने को बढ़ा है। कोरोना काल में जब लोग किसी भी को छुने से डरने लगे, तब दूध की दुकान से लेकर राशन, ऑटो रिक्शन सब जगह इसका इस्तेमाल किया जाने लगा।

कैसे होता है इससे फर्जीवाड़ा?

मोबाइल पेमेंट के लिए QR कोड का काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इस कोड को स्कैन करते ही वॉलेट या फिर बैंक अकाउंमट से पेमेंट की जा सकती है। जिसके चलते कैश रखने की झंझट लोगों को नहीं होती। लेकिन ये उतना भी सुरक्षित नहीं। किसी अनजान स्त्रोत पर अगर आप QR कोड को स्कैन कर लेते हैं, तो ठगी का शिकार हो सकते हैं और आपका बैंक अकाउंट तक साफ हो सकता है।

सवाल ये भी है कि आखिर QR कोड के जरिए फर्जीवाड़ा होता कैसे है? दरअसल, जो लोग ठगना चाहते है वो मोबाइल फोन पर किसी तरह क्यूआर कोड भेजते हैं, जिसके बाद ये उसे स्कैन कराने के लिए लोगों झांसे में लेते है। इसके लिए वो कई तरह के लालच भी देते हैं। लेकिन कोड के स्कैन करते ही कुछ ऐसी जानकारियां ठग के हाथों लग जाती, जिससे वो आपके अकाउंट को खाली कर सकते हैं। ऐसे कई मामले सामने आ चुके है, जब लोग QR कोड स्कैन करने की वजह से ठगी का शिकार हुए। यही वजह है कि सरकार इससे लोगों को अलर्ट करती रहती है और कहती है कि जब तक आपको QR कोड की पूरी जानकारी ना हो तब तक इसे स्कैन ना करें।

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