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Canada’s richest Sikh: कनाडा के वो सिख, जिन्होंने अपनी मेहनत से विदेशी धरती पर गाड़े कामयाबी के झंडे!

Shikha Mishra | Nedrick News

Published: 24 Jan 2026, 05:44 AM | Updated: 24 Jan 2026, 05:44 AM

Canada’s richest Sikh: कहते हैं न कि जहां सिख होंगे वहां वो नहीं बल्कि उनकी उपलब्धियां बताती है कि वहां सिखों ने झंडे गाड़े है। उसका शोर चारों तरफ होता है। सिख अगर बंजर जमीन पर भी खड़ा हो जाए तो उसमें भी फसले लहलहाने का दम रखते है, खेती हो या जमींदारी, बिजनेस हो या नौकरी, सभी क्षेत्र में अपनी मेहनत से सफलता  हासिल करते है, सिखो के जज्बे और हौसले की कई कहानियां मौजूद है एक सिख बहुल देश कनाडा में। कनाडा जो न केवल सिख बहुल आबादी का देश है बल्कि सिख कनाडा के इकॉनमी में भी बड़ा योगदान देते है। वहां सिख काफी सम्पन्न और ऊंचे ओहदे पर है।अपने इस वीडियो में हम कनाडा के कुछ ऐसे सिखों के बारे में जानेंगे जो वहां के अमीर सिख कहलाते है। आइए जानते है कि कौन है कनाडा के 5 सबसे अमीर सिख।

सबसे पहले नंबर है बॉब सिंह ढिल्लो

जापान के कोबे में जन्मे बॉब सिंह ढिल्लो का असली नाम नवजीत सिंह ढिल्लो है। कनाडा के कैलगरी में मौजूद मेनस्ट्रीट इक्विटी कॉर्प के संस्थापक और सीईओ हैं। मेनस्ट्रीट इक्विटी कॉर्प असल में पश्चिमी कनाडा और टोरंटो में आवासीय अपार्टमेंट भवनों के स्वामित्व और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखने वाली एक सार्वजनिक कंपनी है। उनकी कुल संपति 650 मिनियन डॉलर है। बॉब सिंह ढिल्लो का जन्म 1965 में जापान के कोबे में हुआ था, उनके दादा जी सप्रून सिंह ढिल्लो अपनी शिपिंग कंपनी को स्टैबलिश करने के लिए हांगकांग चले गए थे। जहां से वो जापान तक अपना व्यापार करते थे।

हालांकि जब बॉब शिमला में रह कर पढ़ाई कर रहे थे तब उनके परिवार को युद्ध के कारण लाइबेरिया छोड़कर कनाडा जाना पड़ा। वहीं पर 1997 में बॉब ने मेनस्ट्रीट इक्विटी कॉर्प की स्थापना की, थी और साल  2000 में इसे टोरंटो स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध किया था। बॉब ने केवल व्यापार के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया है, 29 दिसंबर, 2021 को महामहिम माननीय मैरी साइमन जो कि गवर्नर जनरल रहे थे उन्होंने बॉब सिंह ढिल्लों को ऑर्डर ऑफ कनाडा से सम्मानित किया है।

हर्ब डोमेनहरबंसे सिंह डोमन

हरबंस सिंह डोमन, जिन्हें हर्ब डोमन के नाम से भी जाना जाता है, वो पंजाब के होशियारपुर जिले के पालदी गांव के रहने वाले थे। 18 अगस्त 1932 तो जन्मे हरबंसे सिंह डोमन कनाडाई फॉरेस्टर, फॉरेस्ट्री इंडस्ट्रियलिस्ट और डोमन इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन थे। उन्होंने ये बिजनस अपने पिता के लिए एक ट्रिब्यूट के तौर पर शुरु किया था। और साल 1953 में हर्ब ने अपने छोटे भाइयों, टेड डोमन और गॉर्डन डोमन के साथ मिलकर डोमन लंबर कंपनी की स्थापना की, जिसे 1955 में डोमन’स लंबर एंड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के रूप में शामिल किया गया था। बाद में वानिकी, शिपिंग और आरा मिलिंग के विशाल कारोबार में तब्दील हो गई।

24 जुलाई 2007 को हर्ब की 74 साल की उम्र में मौत हो गई थी। फिलहाल हर्ब के बेटे रिक डोमन अब EACOM टिम्बर लिमिटेड के प्रेसिडेंट और CEO हैं। रिक मॉन्ट्रियल QC में काम करते हैं और रहते हैं। वहीं अमर डोमन जो कि टेड डोमन का बेटे है….B.C. की सबसे बड़ी प्राइवेट कंपनियों में से एक, Futura Corporation, साथ ही कनाडा की सबसे बड़ी बिल्डिंग मटीरियल कंपनियों में से एक, CanWel को चलाते है।18 अगस्त, 2021 को अमर को CFL के BC लायंस के मालिक के तौर पर पेश किया गया। फिलहाल ये दोनो भी ही अपने पिता की लेगेसी को आगे बढ़ा रहे है।

नव भाटिया-नव भाटिया

जिन्हे जिन्हें रैप्टर्स सुपरफैन के नाम से भी जाना है, 5 जुलाई 1951 को दिल्ली में जन्में नव भाटिया असल में 1984 के सिख दंगो के बाद अपनी जान बचाने के लिए टोरंटो चले गए थे। जहां उन्होंने नौकरी न मिलने पर कार सेलर के रूप में काम किया था और मात्र 3 महीनों में 127 कारें बेंच दी थी, जिसमें उनके अंदर के सेलर को दुनिया के सामने ला दिया था, उन्होंने तय किया कि वो डीलर के तौर पर काम करेंगे और उन्होंने हुंडई कार की डीलरशिप ले ली। आज के समय में कनाडा में उनकी कंपनी सबसे ज्यादा हुंडई की कारे बेचती है। नव भाटिया 1995 से टोरंटो रैप्टर्स बास्केटबॉल टीम के इतने बड़े फैन है कि उन्होंने सुपरफैन फाउंडेशन की शुरुआत की थी। 19 जून, 2018 को भाटिया को शीर्ष 25 कनाडाई अप्रवासियों के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वो हर साल 300000 डॉलर्स खर्च करते है ताकि उनके फैन क्लब के जरिये बच्चे बास्केटबॉल के मैच का लुफ्त उठाते है।

मनजीत मिन्हास

मनजीत मिन्हास एक टेलीविजन हस्ती होने के साथ साथ वह मिन्हास ब्रुअरीज एंड डिस्टिलरी की सह-मालिक हैं , जो माउंटेन क्रेस्ट क्लासिक लेगर, बॉक्सर लेगर, लेज़ी मट एले और ह्यूबर बॉक जैसे बीयर ब्रांडों का निर्माण करती है। मार्केटिंग में रुचि होने के कारण मंजीत ने मार्केटिंग के क्षेत्र में काफी नाम कमाया। 1999 में मिन्हास ने अपने भाई के साथ मिलकर शराब व्यापार शुरु किया था, औऱ 2006 में संयुक्त राज्य अमेरिका की दूसरी सबसे पुरानी ब्रूअरी, जोसेफ ह्यूबर ब्रूइंग कंपनी को खरीद लिया था, और मोनरो ब्रूअरी का नाम बदलकर मिन्हास क्राफ्ट ब्रूअरी कर दिया गया। 2020 तक, मिन्हास क्राफ्ट ब्रूअरी संयुक्त राज्य अमेरिका में 18वीं सबसे बड़ी क्राफ्ट ब्रूअरी कंपनी थी।

मनजीत को प्रॉफिट पत्रिका का “टॉप ग्रोथ एंटरप्रेन्योर” में शामिल किया गया था इसके अलावा वो कनाडा की शीर्ष 100 महिला उद्यमी में शामिल किया गया था। चैटलेन पत्रिका की “टॉप एंटरप्रेन्योर वुमन ऑफ द ईयर 2011”, अर्न्स्ट एंड यंग का एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर प्रेयरी रीजन और सिख सेंटेनियल फाउंडेशन अवार्ड 2015 से सम्मानित किया गया। मनजीत मिन्हास कनाडा के सबसे बड़ी महिला उद्धमियों में शामिल है। इसके अलावा बलजीत सिंह चड्डा, सुनीत सिंह टुली जैसे कई सिख है जो कनाडा में एक प्रसिद्ध और स्थापित व्यापारी है, और काफी अमीर है, ये लोग न केवल व्यापार करते है बल्कि कई परोपकार के काम भी करते है, जिससे उनका सम्मान सामाजिक तौर पर भी काफी होता है। ये वो सिख है जिनपर हर कोई गर्व करता है।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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