पूजा खेडकर अब नहीं रही IAS अफसर, झूठ से शुरू हुआ करियर सच के साथ निपट गया

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 02 Aug 2024, 12:00 AM | Updated: 02 Aug 2024, 12:00 AM

महाराष्ट्र कैडर की ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की पोस्ट छीन ली गई है। अब वह अधिकारी नहीं रहीं। पूजा खेडकर के यूपीएससी परीक्षा पास करने को लेकर लंबे समय से चल रही गुत्थी अब सुलझ गई है। दरअसल, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने उनकी प्रोविजनल उम्मीदवारी रद्द कर दी है। इसके साथ ही यूपीएससी ने भविष्य में दोबारा यूपीएससी परीक्षा में बैठने के उनके सारे रास्ते भी बंद कर दिए हैं। यूपीएससी ने उन्हें फर्जी पहचान पत्र का उपयोग कर कई बार परीक्षा में बैठने का दोषी पाया। आइए आपको बताते हैं कि मास्टरमाइंड प्लान के साथ परीक्षा पास करने वाली पूजा ने कहां गलती की कि उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा।

और पढ़ें: दिल्ली की बारिश से पार्लियामेंट की बिल्डिंग टपकी, अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा- ‘पुरानी संसद अच्छी थी’

इस गलती ने बिगड़ा खेल

पूजा खेडकर का मामला तब चर्चा में आया जब उनकी निजी ऑडी कार पर लाल बत्ती लगाने की इच्छा और पुणे के अतिरिक्त कलेक्टर सुहास दिवासे के चैंबर पर कब्जा करने की कोशिश सुर्खियों में आई। दिवासे ने इस संबंध में पूजा के खिलाफ शिकायत भी की, जिसके बाद उनका तबादला वाशिम कर दिया गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।

Pooja Khedkar is no longer an IAS officer
Source: Google

फर्जी सर्टिफिकेट्स का सच आया सामने

पूजा खेडकर के सार्वजनिक रूप से सामने आने और उनके आईएएस दर्जे की जांच शुरू होने के बाद झूठ परत दर परत सामने आने लगा। खुद को क्रीमी लेयर ओबीसी बताने वाली पूजा ने यूपीएससी कोटा के लिए पात्र होने के लिए एक फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। यूपीएससी को ओबीसी प्रस्तुत करने के अलावा, खेडकर ने दिव्यांगता का एक फर्जी प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया। पूजा खेडकर ने पहले यूपीएससी को अपने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों और कम दृष्टि के बारे में बताया था। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के परिणामस्वरूप स्मृति हानि का दावा किया। ऐसे छात्र यूपीएससी द्वारा लगाए गए विकलांगता कोटे के अधीन हैं।

Pooja Khedkar is no longer an IAS officer
Source: Google

इसके बाद यूपीएससी ने पूजा की एम्स में जांच करवाने का फैसला किया। यूपीएससी केवल सरकारी अस्पतालों की रिपोर्ट ही स्वीकार करता है। यूपीएससी ने इस रिपोर्ट के जरिए यह पुष्टि करने की कोशिश की कि पूजा वाकई मानसिक रूप से बीमार है और उसकी आंखें खराब हैं। यूपीएससी ने पूजा की मेडिकल जांच के लिए एम्स के डॉक्टरों के साथ छह बैठकें तय कीं; फिर भी, आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि पूजा लगातार बीमारी का बहाना बनाकर जांच से बचती रही। जांच के बाद पूजा का मानसिक प्रमाण पत्र भी फर्जी पाया गया।

पूजा ने दी सफाई

बता दें, पूजा ने अपनी सफाई देते हुए अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन पटियाला हाउस कोर्ट ने पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पूजा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए कहा था कि उन्होंने किसी तरह की धोखाधड़ी या धांधली नहीं की है बल्कि उनके पास जो भी सही दस्तावेज हैं, वो यूपीएससी के सामने पेश किए हैं।

और पढ़ें: दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश ने मचाई तबाही, कहीं इमारतें ढहीं तो कहीं फटे बादल  

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds