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Nipah virus news: निपाह वायरस के खतरे के बीच आम लोग क्या करें, क्या न करें? जानिए जरूरी सावधानियां

Nandani | Nedrick News

Published: 30 Jan 2026, 01:50 PM | Updated: 30 Jan 2026, 03:00 PM

Nipah virus news: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि के बाद एक बार फिर इस खतरनाक बीमारी को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। हालांकि भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) दोनों का कहना है कि फिलहाल हालात पूरी तरह कंट्रोल में हैं और किसी तरह का कम्युनिटी ट्रांसमिशन सामने नहीं आया है। इसी बीच एशिया के कई देशों ने एहतियात के तौर पर अपने हवाई अड्डों पर कोविड जैसी स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।

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अभी क्या है स्थिति, कितने केस सामने आए? (Nipah virus news)

जनवरी 2026 तक पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के सिर्फ दो कन्फर्म केस मिले हैं। दोनों मरीज 25 साल के नर्स हैं एक पुरुष और एक महिला जो उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में काम करते थे। दोनों में बीमारी के लक्षण दिसंबर 2025 के आखिरी हफ्ते में दिखने शुरू हुए थे।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पुरुष मरीज की हालत में सुधार है और वह रिकवरी की ओर है, जबकि महिला मरीज अभी क्रिटिकल कंडीशन में है। इन दोनों के संपर्क में आए 196 लोगों की पहचान कर जांच की गई, लेकिन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है और किसी में भी लक्षण नहीं मिले हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स में पांच मामलों की बात कही गई थी, लेकिन जांच के बाद सिर्फ दो ही केस की पुष्टि हुई।

सरकार और WHO का क्या कहना है?

केंद्र और राज्य सरकार दोनों का कहना है कि संक्रमण को समय रहते कंटेन कर लिया गया है। WHO ने भी साफ किया है कि यह फैलाव अस्पताल के अंदर स्वास्थ्यकर्मियों के बीच सीमित रहा और यह समुदाय में नहीं फैला है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी बताया गया है।

एशियाई देशों में एयरपोर्ट स्क्रीनिंग क्यों बढ़ी?

पश्चिम बंगाल में केस सामने आने के बाद थाईलैंड, सिंगापुर, हांगकांग, मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और पाकिस्तान जैसे देशों ने अपने हवाई अड्डों पर स्वास्थ्य जांच कड़ी कर दी है। यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य घोषणापत्र और संदिग्ध लक्षणों पर नजर रखी जा रही है, ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके।

निपाह वायरस का इतिहास क्या है?

निपाह वायरस पहली बार 1998 में मलेशिया और सिंगापुर में सूअर पालने वाले किसानों में पाया गया था। इसके बाद यह समय-समय पर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों जैसे बांग्लादेश, भारत, फिलीपींस में सामने आता रहा है।
भारत में केरल में 2018 के बाद कई बार इसके मामले सामने आए, जिनमें 2025 में भी चार केस शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में इससे पहले 2007 में निपाह के कारण पांच लोगों की मौत हुई थी।
दिसंबर 2025 तक दुनिया भर में निपाह के करीब 750 कन्फर्म केस और 415 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। इसकी मृत्यु दर 40 से 75 फीसदी तक मानी जाती है, इसी वजह से WHO इसे प्रायोरिटी पैथोजन मानता है।

निपाह वायरस कैसे फैलता है?

निपाह वायरस का नेचुरल होस्ट फल खाने वाले चमगादड़ होते हैं। ये खुद बीमार नहीं होते, लेकिन वायरस फैला सकते हैं। संक्रमण जानवर से इंसान तब फैलता है, जब लोग चमगादड़ों की लार, पेशाब या मल से दूषित फल या कच्चा खजूर का रस खाते हैं। सूअर और घोड़े जैसे जानवर भी बीच के होस्ट बन सकते हैं।
इंसान से इंसान में यह बीमारी करीबी संपर्क से फैलती है खासतौर पर मरीज की सांस की बूंदों, लार, खून या पेशाब के संपर्क से। अस्पतालों में डॉक्टर और नर्स सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं। इसका इंक्यूबेशन पीरियड आमतौर पर 4 से 14 दिन का होता है, लेकिन कुछ मामलों में 45 दिन तक भी हो सकता है।

लक्षण कितने गंभीर हो सकते हैं?

शुरुआत में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी, उल्टी और सांस लेने में परेशानी होती है। गंभीर मामलों में मरीज को चक्कर, भ्रम, दौरे और दिमाग में सूजन तक हो सकती है, जिससे कोमा की स्थिति बन जाती है। जो लोग बच जाते हैं, उनमें से करीब 20 फीसदी को लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल समस्याएं रह सकती हैं।

इलाज और बचाव पर ही जोर

फिलहाल निपाह वायरस के लिए कोई पुख्ता दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इलाज सिर्फ सपोर्टिव होता है। हालांकि वैक्सीन और एंटीबॉडी पर रिसर्च चल रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बचाव ही सबसे बड़ा हथियार है फल अच्छे से धोकर खाना, कच्चा खजूर का रस न पीना, बीमार जानवरों से दूरी रखना और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

विशेषज्ञों के मुताबिक निपाह वायरस खतरनाक जरूर है, लेकिन इसका फैलाव सीमित रहता है। भारत पहले भी केरल जैसे राज्यों में इसे सफलतापूर्वक कंट्रोल कर चुका है, इसलिए सतर्कता के साथ घबराने की जरूरत नहीं है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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