कभी 500 की सैलरी पाने वाला ये डिजाइनर आज कमाता है करोड़ों, कुछ ऐसा था फर्श से अर्श तक का सफ़र

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 01 Mar 2020, 12:00 AM | Updated: 01 Mar 2020, 12:00 AM

आज के समय में फैशन की दुनिया में मनीष मल्होत्रा एक बड़ा नाम हैं. भारत के सबसे नामी डिज़ाइनर में गिने जाने वाले मनीष के डिजाईन किये हुए कपड़े हर सेलेब से लेकर बड़े बड़े उद्योगपतियों के घरानों में पहने जाते हैं. लेकिन इस मुकाम को पाना मनीष के लिए बिलकुल भी आसान नहीं था. उन्हें अपनी जिंदगी में इस दौरान काफी मुश्किलों से जूझना पड़ा जिसका जिक्र उन्होंने हाल ही में अपने इंटरव्यू में किया है.

मां के कपड़े देख हुआ फैशन से प्यार

हाल ही में दिए गए इंटरव्यू में मनीष ने बताया कि उन्हें पढ़ाई करना बिलकुल पसंद नहीं था. हालांकि इस मामले में उनका घरवालों की तरफ से कोई दबाव नहीं था. वो जो भी करना चाहते थे बचपन से ही उन्हें अपनी मां का हमेशा से सपोर्ट मिला. वो ये भी बताते हैं कि फैशन की तरफ उनका झुकाव मां के कपड़ों से होता चला गया. बचपन में वो अपनी मां के लिए कपड़े सेलेक्ट करने में उनकी मदद करते थे.

सिर्फ 500 रुपये थी पहली कमाई

पंजाबी माहौल में पले बढ़े मनीष ने छठी कक्षा में पेंटिंग और आर्ट की क्लास ज्वाइन की थी. उन्हें ये क्लास बेहद पसंद थी. स्कूल में मनीष को अपना इन्ट्रेस्ट तो पता चल गया लेकिन उसको सही आकार कॉलेज में आकर मिला. कॉलेज में उनके कनेक्शन बनते गए. जिसके बाद उन्होंने मॉडलिंग के साथ ही बुटीक में काम करना शुरू किया. यहां उन्होंने बारीकी से डिजाईनिंग सीखी जिसकी उन्हें मासिक मात्र 500 रुपये तनख्वाह मिलती थी. लेकिन वो इस सैलरी में संतुष्ट थे क्योंकि उस दौरान उनके पास विदेश से डिजाईनिंग सीखने के पैसे नहीं हुआ करते थे.

श्रीदेवी की मौत ने दिया गहरा सदमा

आख़िरकार उनकी मेहनत और लगन काम आई, और अपने करियर में उन्हें एक बड़ा ब्रेक मिला. 25 साल की उम्र में उन्हें जूही चावला की एक फिल्म में बतौर डिजाइनर काम करने का मौका मिला. लेकिन उनके लिए टर्निंग पॉइंट ‘रंगीला’ फिल्म साबित हुई जिसके लिए उन्हें फिल्म फेयर अवार्ड से नवाजा गया. इसके बाद तो जैसे प्रसिद्धि उनके कदम चूमती गई और 2005 में उन्होंने खुद का लेबल लांच कर दिया.

हालांकि एक वक़्त ऐसा भी आया जिसने मनीष को अंदर तक झकझोर कर रख दिया. 24 फरवरी 2018 में श्रीदेवी की मौत उनके लिए किसी गहरे झटके से कम नहीं थी. श्रीदेवी का यूं आकस्मिक तरीके से दुनिया से चले जाने की स्थिति से उबर पाना मनीष के लिए आसान नहीं था लेकिन इस स्थिति का सामना करने में भी उनके काम ने ही उनकी मदद की.

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