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KashiBugga Temple Stampede: श्रीकाकुलम के वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ से 10 की मौत, 15 हजार की भीड़ बनी हादसे की वजह

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 01 Nov 2025, 12:00 AM | Updated: 01 Nov 2025, 12:00 AM

KashiBugga Temple Stampede: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित काशीबुग्गा के वेंकटेश्वर मंदिर में शनिवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। एकादशी के मौके पर दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से कम से कम 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल फैल गया और चारों ओर चीख-पुकार मच गई।

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कैसे हुआ हादसा- KashiBugga Temple Stampede

सुबह करीब 8 बजे के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बढ़ने लगी। एकादशी होने की वजह से मंदिर में हजारों की संख्या में भक्त पहुंच रहे थे। मंदिर प्रशासन ने करीब 3,000 श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था की थी, लेकिन वास्तविक संख्या 15,000 से ज्यादा पहुंच गई।
इतनी भीड़ में जब श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने में दिक्कत हुई, तो कुछ लोग रेलिंग तोड़कर अंदर जाने लगे। तभी एक हिस्सा टूट गया और कई लोग नीचे गिर पड़े। गिरते ही भगदड़ मच गई लोग खुद को बचाने के लिए भागने लगे, लेकिन इस अफरातफरी में कई लोग कुचल गए।

स्थानीय पुलिस के अनुसार, मौके पर राहत कार्य शुरू करने में कुछ देर हुई क्योंकि मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास दोनों ही रास्ते बहुत संकरे थे। पुलिस ने बताया कि घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मंदिर प्रशासन की लापरवाही उजागर

जांच में सामने आया है कि मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। न तो प्रवेश पर बैरिकेडिंग थी और न ही भीड़ को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की कोई व्यवस्था। सूत्रों के मुताबिक, कई श्रद्धालु पिछले रात से ही लाइन में लगे हुए थे, जिससे सुबह भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वेंकटेश्वर मंदिर में त्योहारों और खास मौकों पर हमेशा बड़ी भीड़ रहती है, लेकिन इस बार प्रशासन पूरी तरह तैयार नहीं था। मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की कमी को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।

‘छोटा तिरुपति’ कहे जाने वाले मंदिर का इतिहास

काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर को स्थानीय लोग ‘छोटा तिरुपति’ भी कहते हैं। यह मंदिर करीब 5 एकड़ में फैला हुआ है और इसका निर्माण भक्त हरि मुकुंद पांडा ने कराया था। उन्होंने इस मंदिर की प्रेरणा तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर से ली थी। आम दिनों में भी यहां बड़ी संख्या में भक्त आते हैं, लेकिन एकादशी और विशेष पर्वों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है।

प्रधानमंत्री और सीएम ने जताया दुख

इस हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गहरा शोक जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायडू ने भी राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त मुआवजे और पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।

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