High Cholesterol: आजकल हमारी खाने की आदतें इतनी खराब हो गई हैं कि हमें अक्सर पता ही नहीं चलता कि हमारा कोलेस्ट्रॉल लेवल कब बढ़ जाता है, और कोलेस्ट्रॉल का यह बढ़ना शरीर के लिए एक “साइलेंट किलर” की तरह काम करता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण साफ़ दिखाई नहीं देते, लेकिन यह अंदर ही अंदर गंभीर बीमारियाँ पैदा कर देता है। लेकिन क्या आप जानते है? कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कौनसी बीमारी हो सकती है, इसके क्या नुकसान है… अगर नहीं तो चलिए आपको इस लेख में विस्तार से बताते है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के मुख्य नुकसान
हृदय रोग (Heart Diseases) – जब शरीर में LDL (Bad cholesterol) का लेवल बढ़ जाता है, तो यह धमनियों की दीवारों पर जमा होने लगता है, इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहते हैं। इससे धमनियां सिकुड़ जाती हैं और खून का बहाव कम हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, दिल की खून की नसों में ब्लॉकेज से ऑक्सीजन की कमी के कारण भी हार्ट अटैक हो सकता है।
दिल में खून का फ्लो कम होने से सीने में भारीपन या दर्द भी महसूस हो सकता है, जिसे एंजाइना कहते हैं।
मस्तिष्क पर प्रभाव (Brain Health)
कई बार कोलेस्ट्रॉल की वजह से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। जी हाँ, अगर कोलेस्ट्रॉल जमा होने की वजह से दिमाग तक खून ले जाने वाली नसें ब्लॉक हो जाएं या फट जाएं, तो स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इससे शरीर के किसी हिस्से में लकवा भी हो सकता है। दूसरी और पैरों में दर्द और समस्या (Peripheral Artery Disease) ये भी एक कारण है…बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल शरीर के निचले अंगों की धमनियों (Arteries) को भी प्रभावित करता है। जिसके कारण चलने में भी दर्द होता है। ऐसा तब होता है जब पैरों में कमजोरी, सुन्नपन या चलने पर तेज दर्द महसूस होता है। कई बार तो ब्लड भी इतना कम हो जाता है कि हाथ-पैर ठंडे पड़ सकते हैं।
पित्त की थैली में पथरी (Gallstones)
जब पित्त में बहुत ज़्यादा कोलेस्ट्रॉल होता है, तो यह सख्त होकर छोटी-छोटी पथरी बना सकता है, जिन्हें गॉलस्टोन कहते हैं। इनसे पाचन संबंधी समस्याएं और तेज़ दर्द हो सकता है। कई बार तो ये दर्द इतना अधिक हो जाता है कि ऑपरेशन तक की नोबत आ जाती है। वही जब आर्टरीज़ सिकुड़ जाती हैं और सख्त हो जाती हैं, तो दिल को ब्लड पंप करने के लिए ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ब्लड प्रेशर (Hypertension) बढ़ जाता है। जो चिडचिडापन अधिक हो जाता है। कई बार तो इसमें दिमाग की नस फटने का खतरा भी बढ़ जाता है।
चेतावनी के कुछ संकेत (Symptoms)
अक्सर कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का पता ब्लड टेस्ट (Lipid Profile) से ही चलता है, लेकिन कुछ शारीरिक लक्षण भी दिख सकते हैं:
- आंखों की पलकों के पास पीले धब्बे (Xanthelasma) उभरना।
- बिना मेहनत किए बहुत अधिक थकान और सांस फूलना।
- हाथों और पैरों में लगातार झुनझुनी या सुन्नपन रहना।
इसके अलवा इस बात का ध्यान अवश्य रखे अगर यदि आपकी उम्र 30 से अधिक है, तो हर 6 महीने में एक बार कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर करवाएं।






























