Heavy Snowfall News: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हुई भारी बर्फबारी ने पूरे पहाड़ी इलाके की तस्वीर बदल दी है. पहाड़, घाटियां और पर्यटन स्थल सफेद चादर में ढक गए हैं. एक ओर जहां इस बर्फबारी ने लोगों को खूबसूरत नजारे दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ जनजीवन, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. कई इलाकों में सड़कें बंद हैं, बिजली गुल है और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जा रही है.
हिमाचल प्रदेश: राहत भी, परेशानी भी (Heavy Snowfall News)
हिमाचल प्रदेश में लंबे शुष्क दौर के बाद हुई बर्फबारी को किसानों और बागवानों के लिए राहत भरी माना जा रहा है. सेब समेत दूसरी फसलों के लिए यह बर्फबारी फायदेमंद है. लेकिन इसके साथ ही आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. शिमला, सोलन, सिरमौर, मनाली और धर्मशाला तक पहाड़ों पर मोटी बर्फ जम गई है.
शिमला के रिज मैदान से लेकर सड़कों तक बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है. गाड़ियां फिसल रही हैं और कई जगह लोग घंटों जाम में फंसे रहे. प्रदेश में 1,291 सड़कें बंद हो चुकी हैं और करीब 4,800 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं. हालात से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग ने 385 मशीनें तैनात की हैं और जेसीबी से लगातार बर्फ हटाई जा रही है. लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इसे जरूरी बर्फबारी बताते हुए सड़कों को जल्द बहाल करने का भरोसा दिलाया है.
पर्यटन स्थलों पर जाम, लेकिन उत्साह बरकरार
सोलन के मशहूर पर्यटन स्थल चायल में हालात सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण नजर आए. चायल हाईवे स्लिप जोन में बदल गया, जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया. इसके बावजूद पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ. कोई बर्फ से खेलता दिखा तो कोई फोटो और वीडियो बनाता नजर आया. कुछ लोग गैस चूल्हे पर मैगी बनाते और अंडे उबालते दिखे, जबकि ठंड से बचने के लिए अलाव भी जलाए गए.
सिरमौर की पहाड़ियों में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मनाली में ढाई फीट से ज्यादा बर्फ जमने से सैलानियों का रोमांच चरम पर है. धर्मशाला के मैक्लॉडगंज, धर्मकोट, नड्डी और ठाठरना लोअर जैसे इलाकों में भी बर्फबारी से पर्यटन को नई रफ्तार मिली है.
उत्तराखंड: केदारनाथ से औली तक सफेद नजारे
उत्तराखंड में बर्फबारी ने पहाड़ों को किसी सपनों की दुनिया में बदल दिया है. केदारनाथ धाम चार फीट तक बर्फ से ढका हुआ है. चारों ओर शांति और सफेदी का ऐसा नजारा है कि देखने वाले मंत्रमुग्ध हो रहे हैं. हालांकि धाम तक जाने वाले पैदल रास्ते बर्फ से ढके हैं और उन्हें खोलने का काम जारी है.
रुद्रप्रयाग के त्रियुगी नारायण, जहां शिव-पार्वती विवाह स्थल माना जाता है, वहां भी पूरी घाटी बर्फ से ढक गई है. वहीं यमुनोत्री और गंगोत्री नेशनल हाईवे कई जगह बंद हैं. धरासू-फुलचट्टी मार्ग पर दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने की कोशिशें जारी हैं.
चकराता, नैनीताल और औली में उमड़े पर्यटक
देहरादून के चकराता में भारी बर्फबारी के बाद पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा. चकराता-कालसी मार्ग पर घंटों लंबा जाम लगा रहा. नैनीताल में साल की पहली बर्फबारी के बाद पूरा शहर सफेद चादर में ढक गया है. लोग बर्फ में मस्ती करते और झील के किनारे तस्वीरें लेते दिखे.
जोशीमठ से औली तक भी भारी बर्फबारी हुई है. औली जाने वाले रास्ते पर भीड़ बढ़ गई है, हालांकि बर्फ के कारण सड़क बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है. बीआरओ की टीमें जेसीबी और मजदूरों की मदद से रास्ता खोलने में जुटी हैं.
जम्मू-कश्मीर: वादियों की खूबसूरती चरम पर
जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी ने पहाड़ों और घाटियों को पूरी तरह सफेद कर दिया है. सोनमर्ग, अनंतनाग, पुंछ, डोडा, भद्रवाह और कुपवाड़ा जैसे इलाकों में बर्फ गिरने से नजारे बेहद खूबसूरत हो गए हैं. सोनमर्ग में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है, जिससे सड़कों पर जाम के हालात बन रहे हैं.
अनंतनाग में बर्फ के बीच पर्यटक जश्न मनाते दिखे. किसानों और कारोबारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं क्योंकि इस बर्फबारी से पानी और फसलों को फायदा होगा. डोडा और भलेसा में लोगों ने राहत की सांस ली है. श्रीनगर में डल लेक के पास बर्फबारी के बाद शिकारा राइड का अलग ही मजा देखने को मिल रहा है.
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा न करें
हालांकि बर्फबारी ने पहाड़ों की सुंदरता बढ़ा दी है, लेकिन प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है. खराब मौसम, फिसलन भरी सड़कों और बंद मार्गों को देखते हुए जरूरी न हो तो यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. प्रशासन और राहत टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि लोगों को सुरक्षित रखा जा सके.





























