Trending

Budget 2026: बजट से पहले टैक्सपेयर्स की टेंशन, क्या खत्म हो जाएगी ओल्ड टैक्स रिजीम?

Nandani | Nedrick News
New Delhi
Published: 19 Jan 2026, 02:09 PM | Updated: 19 Jan 2026, 02:09 PM

Budget 2026: एक फरवरी को आम बजट पेश होने वाला है और उससे पहले टैक्सपेयर्स के मन में कई सवाल घूम रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ओल्ड टैक्स रिजीम का भविष्य क्या होगा। वजह साफ है कि करीब 95 फीसदी टैक्सपेयर्स अब न्यू टैक्स रिजीम में शिफ्ट हो चुके हैं। सरकार पहले ही न्यू टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट विकल्प बना चुकी है, ऐसे में लोगों को लग रहा है कि कहीं इस बजट में ओल्ड टैक्स रिजीम को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान न कर दिया जाए।

और पढ़ें: Delhi high alert January 26 जनवरी से पहले दिल्ली हाई अलर्ट पर, रेलवे स्टेशन से बाजार तक आतंकी पोस्टर, सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क

सरकार का झुकाव साफ, फोकस न्यू टैक्स रिजीम पर (Budget 2026)

पिछले कुछ सालों से सरकार के कदमों को देखें तो साफ समझ आता है कि उसका फोकस न्यू टैक्स रिजीम पर है। इसे डिफॉल्ट बनाने के पीछे भी यही सोच है कि टैक्स सिस्टम को सरल किया जाए, छूट और कटौतियों की जटिलता कम हो और टैक्स से जुड़े विवाद भी घटें। न्यू टैक्स रिजीम इसी सोच पर बनी है, जहां टैक्स स्लैब कम हैं और ज्यादातर छूट खत्म कर दी गई हैं।

क्या ओल्ड टैक्स रिजीम पूरी तरह खत्म हो जाएगी?

टैक्स एक्सपर्ट्स की मानें तो इस बजट में ओल्ड टैक्स रिजीम को पूरी तरह खत्म किए जाने की संभावना कम है। हालांकि, यह जरूर हो सकता है कि सरकार इसे धीरे-धीरे अप्रासंगिक बना दे। जिस तरह से हर बजट में न्यू टैक्स रिजीम को ज्यादा आकर्षक बनाया जा रहा है, उससे यही संकेत मिलते हैं कि सरकार लंबी दूरी की योजना पर काम कर रही है।

किन लोगों के लिए अभी भी फायदेमंद है ओल्ड टैक्स रिजीम?

ओल्ड टैक्स रिजीम आज भी उन टैक्सपेयर्स के लिए फायदेमंद है, जो टैक्स बचाने के लिए अलग-अलग निवेश करते हैं। जैसे जिनके पास होम लोन है, जो HRA का लाभ लेते हैं, LIC, PPF, ELSS या NPS में निवेश करते हैं, उनके लिए ओल्ड रिजीम बेहतर साबित होती है। इस रिजीम में सैलरीड क्लास को 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। इसके अलावा धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट, 80D में हेल्थ इंश्योरेंस, HRA और होम लोन के ब्याज पर टैक्स बचाने का विकल्प मिलता है। टैक्स स्लैब की बात करें तो 2.5 लाख तक आय टैक्स फ्री, 5 लाख तक 5 फीसदी, 10 लाख तक 20 फीसदी और उससे ऊपर 30 फीसदी टैक्स लगता है।

न्यू टैक्स रिजीम को और पॉपुलर बनाने की तैयारी?

जानकारों का मानना है कि इस बजट में सरकार न्यू टैक्स रिजीम को और ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए कुछ बड़े ऐलान कर सकती है। सबसे अहम कदम स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाना हो सकता है। फिलहाल न्यू टैक्स रिजीम में 75 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये किए जाने की चर्चा है। अगर ऐसा होता है तो सैलरीड क्लास को सीधा फायदा मिलेगा। अभी स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़कर करीब 12.75 लाख रुपये तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं लगता।

NPS को लेकर भी हो सकता है बड़ा बदलाव

दूसरा बड़ा बदलाव NPS को लेकर हो सकता है। फिलहाल ओल्ड टैक्स रिजीम में NPS पर अतिरिक्त 50 हजार रुपये की छूट मिलती है, जबकि न्यू टैक्स रिजीम में यह सुविधा नहीं है। अगर सरकार न्यू टैक्स रिजीम में भी NPS, खासकर एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन को टैक्स फ्री या डिडक्शन के दायरे में लाती है, तो रिटायरमेंट सेविंग को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है। इससे कॉर्पोरेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए न्यू टैक्स रिजीम और ज्यादा आकर्षक हो जाएगी।

टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए?

फिलहाल टैक्सपेयर्स के लिए सबसे बेहतर रणनीति यही है कि वे बजट का इंतजार करें और अपनी इनकम व निवेश के हिसाब से टैक्स प्लानिंग करें। साफ है कि सरकार न्यू टैक्स रिजीम को आगे बढ़ाना चाहती है, लेकिन ओल्ड टैक्स रिजीम फिलहाल खत्म नहीं होने वाली। बजट के बाद तस्वीर और साफ हो जाएगी कि आने वाले समय में टैक्स सिस्टम किस दिशा में जाएगा।

और पढ़ें: Noida Software Engineer Death: 50 फीट गड्ढा, कोई बैरिकेड नहीं! ग्रेटर नोएडा में लापरवाही ने ली सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान

Nandani

nandani@nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2025- All Right Reserved. Designed and Developed by  Marketing Sheds