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Budget 2026 में क्या सस्ता, क्या महंगा? यहां पढ़ें पूरी जानकारी

Nandani | Nedrick News

Published: 02 Feb 2026, 09:49 AM | Updated: 02 Feb 2026, 09:59 AM

Budget 2026 Highlights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट रहा। Budget 2026 में सरकार ने एक तरफ मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट, हेल्थ और ग्रीन एनर्जी सेक्टर को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार से जुड़ी कुछ गतिविधियों को महंगा कर दिया गया है। इस बजट का सीधा असर आम लोगों, मरीजों, निवेशकों, उद्योगों और विदेश यात्रा या पढ़ाई की योजना बना रहे लोगों पर पड़ेगा।

सरकार का कहना है कि यह बजट ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ऐसे समय में जब भारत को अमेरिका की ओर से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है, इस बजट पर सभी की खास नजर थी।

और पढ़ें: Budget 2026: सैलरी क्लास को राहत, निवेशकों पर सख्ती, किसानों-युवाओं-अल्पसंख्यकों पर फोकस 

इलाज और दवाइयां होंगी सस्ती | Budget 2026 Highlights

Budget 2026 की सबसे राहत भरी घोषणा गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए की गई है। सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 लाइफ-सेविंग दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। इससे इन दवाओं की कीमतें भारतीय बाजार में कम होने की उम्मीद है और मरीजों के इलाज का खर्च कुछ हद तक घट सकता है।

इसके अलावा 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली आयातित दवाओं और स्पेशल फूड पर भी अब कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। सरकार का मकसद साफ है महंगे इलाज की वजह से परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना।

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को सपोर्ट

बजट 2026 में घरेलू उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। माइक्रोवेव ओवन बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ जरूरी पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है। सी-फूड एक्सपोर्ट के लिए ड्यूटी-फ्री इनपुट की सीमा 1 फीसदी से बढ़ाकर 3 फीसदी कर दी गई है।

लेदर, सिंथेटिक फुटवियर और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट सेक्टर को भी राहत दी गई है। इन सेक्टरों के लिए ड्यूटी-फ्री इनपुट और समयसीमा बढ़ाई गई है, जिससे उत्पादन लागत घट सकती है और निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है।

न्यूक्लियर, EV और ग्रीन एनर्जी पर फोकस

सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले सालों में ग्रीन और क्लीन एनर्जी उसकी प्राथमिकता रहेगी। न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए आयात होने वाले उपकरणों पर 2035 तक कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सोलर पैनल और ग्रीन एनर्जी उत्पादन को सस्ता बनाने की दिशा में भी अहम फैसले लिए गए हैं। लिथियम-आयन बैटरी स्टोरेज सिस्टम से जुड़े कई इनपुट्स को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है।
सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोलर ग्लास के कच्चे माल, सोडियम एंटीमोनेट पर भी ड्यूटी हटा दी गई है। इन कदमों से EV, सोलर और बैटरी सेक्टर में उत्पादन लागत घट सकती है। हालांकि इसका पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुंचेगा या नहीं, यह कंपनियों की प्राइसिंग पॉलिसी पर निर्भर करेगा।

पर्सनल इम्पोर्ट और विदेश खर्च पर राहत

Budget 2026 में विदेश से जुड़े खर्चों पर भी राहत दी गई है। निजी इस्तेमाल के लिए विदेश से मंगाए जाने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दी गई है। इससे विदेश से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक आइटम या गिफ्ट अब पहले से सस्ते पड़ सकते हैं। विदेश यात्रा के टूर पैकेज पर TCS को 5 फीसदी या 20 फीसदी से घटाकर फ्लैट 2 फीसदी कर दिया गया है, वह भी बिना किसी लिमिट के।
इसी तरह विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर 10 लाख रुपये से ज्यादा की रकम पर TCS अब 5 फीसदी की जगह सिर्फ 2 फीसदी लगेगा। इससे विदेश जाने की योजना बना रहे भारतीयों को राहत मिल सकती है।

क्या-क्या हुआ महंगा

जहां एक ओर कई चीजें सस्ती हुई हैं, वहीं कुछ सेक्टर ऐसे भी हैं जहां लागत बढ़ेगी। शेयर बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग अब पहले से महंगी हो जाएगी। फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया है।

ऑप्शंस प्रीमियम पर STT 0.1 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी और ऑप्शन एक्सरसाइज पर 0.125 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया है। इससे F&O सेगमेंट में ट्रेडिंग करने वालों की लागत बढ़ेगी।

इसके अलावा कंपनियों के शेयर बायबैक पर प्रमोटर्स के लिए टैक्स स्ट्रक्चर सख्त किया गया है। अब प्रमोटर्स को कैपिटल गेन टैक्स के साथ अतिरिक्त टैक्स भी देना होगा, जिससे बायबैक के जरिए मुनाफा निकालना कम आकर्षक हो सकता है।

कुछ केमिकल्स जैसे पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड और चुनिंदा उपभोक्ता सामानों पर पहले मिलने वाली कस्टम ड्यूटी छूट खत्म कर दी गई है। अब इन पर 7.5 फीसदी तक ड्यूटी लगेगी, जिससे इनसे जुड़े उत्पाद महंगे हो सकते हैं। कुल मिलाकर मिनरल्स, स्क्रैप, शराब और तेंदूपत्ता जैसी चीजें महंगी होने की संभावना है।

कुल मिलाकर बजट का संदेश

Budget 2026 के विश्लेषण से साफ है कि सरकार ने एक तरफ उत्पादन, इलाज, ऊर्जा और रोजमर्रा के उपभोग को सस्ता करने की कोशिश की है, वहीं दूसरी तरफ वित्तीय लेन-देन और सट्टा गतिविधियों को महंगा किया है। इलाज के खर्च में कमी, विदेश यात्रा और शिक्षा पर टैक्स में राहत और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा ये इस बजट की बड़ी सकारात्मक बातें हैं।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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