Trending

Gallantry Awards 2026: गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को ‘अशोक चक्र’ से किया सम्मानित

Nandani | Nedrick News

Published: 26 Jan 2026, 10:18 AM | Updated: 26 Jan 2026, 10:18 AM

Gallantry Awards 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को सर्वोच्च शांति कालीन वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया। यह सम्मान कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्रदान किया गया। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय हैं, और उन्होंने पिछले साल जून में एक्सिओम-4 मिशन के तहत 18 दिन तक अंतरिक्ष की यात्रा की थी।

और पढ़ें: Republic Day 2026 Parade: हाइपरसोनिक मिसाइल से राफेल फ्लाईपास्ट तक, कर्तव्य पथ पर झांकियों ने लूटी महफ़िल

एक्सिओम-4 मिशन: अंतरिक्ष में भारत का गौरव (Gallantry Awards 2026)

एक्सिओम-4 मिशन अमेरिका की निजी कंपनी एक्सिओम स्पेस द्वारा संचालित किया गया था। इस मिशन में NASA, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की भागीदारी थी। शुभांशु शुक्ला के अलावा इस मिशन में तीन और अंतरिक्ष यात्री शामिल थे। इस मिशन के दौरान उन्होंने अंतरिक्ष में कई वैज्ञानिक प्रयोग किए और अंतरिक्ष में कृषि संबंधी परीक्षण भी सफलतापूर्वक किए, जैसे मेथी और मूंग के बीज उगाना। विशेषज्ञों का कहना है कि उनके इस प्रयास से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान को महत्वपूर्ण योगदान मिला और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन सकता है।

कौन है ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला?

शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ में हुआ। बचपन से ही उनका झुकाव अनुशासन, उड़ान और राष्ट्र सेवा की ओर रहा। उन्होंने जून 2006 में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू शाखा में कमीशन लिया। उनके पास Su-30 MKI, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 जैसे विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है। उन्होंने एक्सिओम-4 मिशन में पायलट की भूमिका निभाई और अंतरिक्ष में कई उन्नत वैज्ञानिक प्रयोग किए।

अंतरिक्ष की उड़ान से अशोक चक्र तक का सफर

ISS यात्रा के दौरान शुभांशु शुक्ला ने अद्वितीय साहस, त्वरित निर्णय क्षमता और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण का परिचय दिया। इसके लिए उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं और वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर बढ़ती भूमिका का भी प्रतीक माना जा रहा है।

अन्य वीरता पुरस्कार विजेता

बता दें, राष्ट्रपति ने देश की रक्षा में असाधारण साहस दिखाने वाले 70 सशस्त्र बलों के जवानों को वीरता पुरस्कार देने की भी मंजूरी दी। इसमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र, एक बार टू सेना मेडल (वीरता), 44 सेना मेडल (वीरता), छह नौसेना मेडल (वीरता) और दो वायुसेना मेडल (वीरता) शामिल हैं। इनमें से छह पुरस्कार मरणोपरांत दिए जाएंगे।

वहीं, ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा। वे भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हैं और उनके नाम 3,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव दर्ज है।

और पढ़ें: DDA New Housing Scheme: दिल्ली में अब घर बनाना आसान! DDA की नई योजना में 25% तक का डिस्काउंट

Nandani

nandani@nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2025- All Right Reserved. Designed and Developed by  Marketing Sheds