Arijit Singh Retirement: मौजूदा दौर के सबसे लोकप्रिय गायकों में गिने जाने वाले अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग की दुनिया को अलविदा कहने का ऐलान कर दिया है। इस खबर ने न सिर्फ उनके फैन्स, बल्कि पूरी म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया है। अरिजीत ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर साफ किया कि अब वह फिल्मों के लिए बतौर प्लेबैक सिंगर कोई नया काम नहीं लेंगे।
अपने पोस्ट में अरिजीत ने लिखा, “आप सभी को नए साल की शुभकामनाएं। इतने सालों तक आपने मुझे जो प्यार दिया, उसके लिए दिल से धन्यवाद। अब वक्त आ गया है कि मैं प्लेबैक सिंगिंग से आगे बढ़ूं। यह सफर बहुत खूबसूरत रहा है।” इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
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संगीत बनाना जारी रहेगा, सिर्फ फिल्मों से दूरी (Arijit Singh Retirement)
अरिजीत ने अपने बयान में यह भी साफ किया कि वह संगीत से संन्यास नहीं ले रहे हैं। इससे पहले अपने निजी एक्स अकाउंट Atmojoarjalojo पर उन्होंने कई ट्वीट्स के जरिए यह बात रखी थी कि वह आगे भी म्यूजिक बनाते रहेंगे। उन्होंने लिखा, “भगवान मुझ पर बहुत मेहरबान रहे हैं। मैं हमेशा एक विद्यार्थी की तरह संगीत सीखता रहूंगा। मैं संगीत छोड़ नहीं रहा हूं, बस अब अपनी शर्तों पर काम करना चाहता हूं।”
उनका कहना है कि वह अब छोटे कलाकार की तरह प्रयोग करना चाहते हैं और अपने दिल के करीब के प्रोजेक्ट्स पर फोकस करेंगे। यानी साफ है कि अरिजीत फिल्मों से भले ही दूर हों, लेकिन म्यूजिक उनके जीवन का हिस्सा बना रहेगा।
रोमांटिक गानों की पहचान बने अरिजीत
अरिजीत सिंह आज के दौर में रोमांटिक गानों का पर्याय बन चुके हैं। उनके गाए गानों के बिना बीते एक दशक की बॉलीवुड लव स्टोरीज अधूरी लगती हैं। 2005 में रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरिजीत ने 2011 में फिल्म ‘मर्डर 2’ के गाने ‘फिर मोहब्बत’ से बॉलीवुड में एंट्री ली।
इसके बाद ‘तुम ही हो’, ‘चन्ना मेरेया’, ‘ऐ दिल है मुश्किल’, ‘केसरिया’, ‘बिनते दिल’, ‘तेरे इश्क में’, ‘गहरा हुआ’ जैसे दर्जनों सुपरहिट गानों ने उन्हें हर घर की आवाज बना दिया। दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके अरिजीत को 2025 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।
क्यों लिया प्लेबैक सिंगिंग से ब्रेक?
अरिजीत के इस फैसले को लेकर इंडस्ट्री में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे थकान से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे उनकी निजी पसंद बता रहे हैं। हालांकि, इसके पीछे एक और अहम वजह भी सामने आ रही है, जो है फिल्म डायरेक्शन। कम लोग जानते हैं कि अरिजीत सिंह सिर्फ गायक ही नहीं, बल्कि निर्देशक भी हैं। उन्होंने अब तक दो फिल्मों का निर्देशन किया है।
दो फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं अरिजीत
साल 2015 में आई बंगाली फिल्म ‘भालोबाशार रोज़नामचा’ अरिजीत का निर्देशन डेब्यू थी। यह सात शॉर्ट फिल्मों का कलेक्शन था, जिसे जोड़कर एक फीचर फिल्म का रूप दिया गया। हर कहानी अलग थी, लेकिन भावनात्मक तौर पर एक-दूसरे से जुड़ी हुई थी।
इसके बाद 2017 में उन्होंने ‘सिंपल नोट्स’ नाम की फिल्म डायरेक्ट की। ये दोनों फिल्में किसी बड़े स्टूडियो बैनर के तहत नहीं बनीं, बल्कि दोस्तों के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में शूट की गई थीं। खास बात यह रही कि कई मौकों पर अरिजीत ने खुद कैमरा संभाला, सिनेमैटोग्राफी देखी और एडिटिंग में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
निर्देशन की ओर बढ़ता झुकाव?
अरिजीत के करीबी मानते हैं कि ये फिल्में उनके लिए निर्देशन की दुनिया में एक तरह की तैयारी थीं। साल 2025 में निर्माता महावीर जैन ने अरिजीत सिंह के निर्देशन में बनने वाली एक नई फिल्म का ऐलान भी किया था। ऐसे में माना जा रहा है कि प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने के पीछे उनका फिल्म निर्देशन की ओर बढ़ता रुझान भी एक बड़ी वजह हो सकता है।
अगर आने वाले दिनों में अरिजीत सिंह माइक के सामने कम और कैमरे के पीछे ज्यादा नजर आएं, तो यह साफ हो जाएगा कि उनके करियर का अगला अध्याय निर्देशन से जुड़ा होगा।
एक युग का अंत, लेकिन नई शुरुआत
अरिजीत सिंह का प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास एक दौर के खत्म होने जैसा जरूर है, लेकिन उनके फैन्स के लिए राहत की बात यह है कि संगीत से उनका रिश्ता बरकरार रहेगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में अरिजीत हमें किस रूप में ज्यादा देखने को मिलते हैं… गानों के जरिए या कहानियों के जरिए।































