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America’s richest Sikh: डॉलर के साम्राज्य में सिखों की धाक! अमेरिका के टॉप 5 रईस सिख और उनकी अनसुनी कहानी

Shikha | Nedrick News

Published: 26 Jan 2026, 10:17 AM | Updated: 26 Jan 2026, 10:17 AM

America’s richest Sikh: जब आप दुनिया के अमीरों की सूची निकाल कर देखेंगे तो उनमें से कई नाम आपको ऐसे मिलेंगे जो असल में भारतीय मूल के सिख है। सिखों ने दुनिया के कोने कोने में अपनी धाक जमाई है है, जिसमें क्या ब्रिटेन और क्या अमेरिका… भारत छोड़िये पूरी दुनिया में कई ऐसे देश है, जहां पूरा का पूरा क्षेत्र ही सिखों से भरा हुआ है… उन्ही में से एक देश है यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका। जहां करीब 5 लाख सिख रहते है…जो करीब 100 से भी ज्यादा समय से अमेरिकी की धरती का हिस्सा है,… उन्होंने यहां न केवल पैसे कमाया, बल्कि ये सिख अमेरिका की इकोनॉमी को बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाते है। समय के साथ सिखों ने अपने व्यापार को आगे बढ़ाया और आज कुछ ऐसे सिख है जो अमेरिका के अमीर सिखों में गिने जाते है। अपने इस वीडियो में हम अमेरिका में रहने वाले 5 अमीर सिखो के बारे में जानेंगे, जिनका प्रभाव यहां की इकॉनमी से लेकर राजनीति तक है।

1 – सबसे पहले है जय चौधरी

साल 1958 में पनोह पंजाब में जन्मे जय चौधरी साइबर सुरक्षा फर्म Zscaler के सीईओ हैं, वहीं उनकी संपत्ति 2025 के आंकड़ों के अनुसार करीब 17.9 अरब डॉलर है। उनके माता-पिता एक मामले की शान थे और वह अपने पिता की सबसे छोटी संतान थे बनारस के हिंदू विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरीकर जय चौधरी 1980 में आगे की पढ़ाई के लिए मात्र 22 साल की उम्र में अमेरिका चले गए। इसके बाद जय चौधरी ने IBM, Unisys और NCR में इंजीनियरिंग, सेल्स, मार्केटिंग और मैनेजमेंट में काम करना शुरू किया।

और 1996 से लेकर अभी तक वो पाँच सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर स्टार्टअप के फाउंडर बने है जिसमें SecureIT (1996 से 1998 तक, CipherTrust और CoreHarbor (2000–2006), AirDefense (2002–2008),और  जय चौधरी ने 2007 में Zscaler, एक ज़ीरो ट्रस्ट क्लाउड सिक्योरिटी कंपनी की स्थापना की। उनका लक्ष्य मार्क बेनिऑफ से प्रेरित होकर क्लाउड सिक्योरिटी का Salesforce बनाना था। जय चौधरी हमेशा अपने गांव पानोह आते रहते है, वहीं उन्होंने अपने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के विस्तार के लिए एक मिलियन डॉलर दान किया था। वो इस वक्त अमेरिकी नागरिक है, लेकिन भारत की तरक्की में भी उनका बड़ा योगदान है।

2 – दर्शन सिंह धालीवाल

साल 2020-21 में 3 कृषि कानूनो के खिलाफ जो पंजाब के किसानो से आंदोलन किया था वो तो आपको याद ही होगा.. तब पहली बार दर्शन सिंह धालीवाल का नाम सामने आया था। जनवरी 2023 में धालीवाल को प्रवासी भारतीय सम्मान से नवाजा गया था, दर्शन धालीवाल पंजाब के पटियाला के रहने वाले है, और अमेरिका के 350 से ज्यादा गैस स्टेशन के मालिक है, साल 1972 में मात्र 21 साल की उम्र में अमेरिका में कुछ कर दिखाने के जज्बे के साथ कदम रखने वाले धालीवाल आज सबसे बड़े पेट्रोल रिटेलर है। उन्होंने अमेरिका में रह कर ही मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की , और चार सालों तक नौकरी भी की, इसी बीच उन्होंने खेती बाड़ी से जुड़े व्यापार करना शुरु कर दिया, और धीरे धीरे प्रेट्रोल चैन को लेने लगे। वे अमेरिका के शिकागो में रहते है। वहीं 11 राज्यों में तकरीबन एक हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। जो बहुत बड़ी उपलब्धि है। वो एक स्कॉलरशिप प्रोग्राम भी चलाते हैं, जिसके तहत जरूरतमंद बच्चो को विस्कॉनसिन यूनिवर्सिटी में पढ़ने का मौका मिलता है। धालीवाल ने दावा किया था कि एयरपोर्ट से उन्हें वापिस भेजने के कारण खुद पीएम मोदी ने उनके माफी मांगी थी।

3-संत सिंह चटवाल

संत सिंह चटवाल ​​एक भारतीय मूल के अमेरिकी बिजनेसमैन हैं, जो कि ड्रीम होटल ग्रुप के फाउंडर हैं। वो कई होटल ब्रांड के मालिक है जिसमें द चैटवाल, ड्रीम होटल्स, टाइम होटल्स और अनस्क्रिप्टेड होटल्स शामिल हैं। ये होटल अमेरिका के साथ साथ इंटरनेशनल लेवल पर काम करते हैं। 1946 को जन्में संत सिंह चटवाल का परिवार आजादी के बाद फरीदकोट, पंजाब में आकर बस गया था। जहां उनका परिवार छोटा मोटा व्यापार करता था, लेकिन 18 साल की उम्र में भारतीय सशस्त्र बलों शामिल होकर एकमात्र विमानवाहक पोत, INS विक्रांत पर एक फाइटर पायलट के रूप में सेवा दी थी।

1967 में इथियोपिया के अदीस अबाबा में उन्होंने भारत छोड़ कर कमर्शियल एयरलाइनर के तौर पर काम करने के लिए इथियोपिया चले गए। लेकिन उन्हें काम के लिए दाढ़ी और पगड़ी हटानी पड़ती इसलिए उन्होंने इंकार कर दिया और अपने एक दोस्त के साथ मिलकर दो रेस्टोरेंट शुरु किये। इसके बाद उन्होंने 1975 में कनाडा के मॉन्ट्रियल, क्यूबेक में एक रेस्टोरेंट खोला। जिसके बाद उन्होंने अलग अलग समय पर लंदन, हांगकांग और कनाडा में रेस्टोरेंट खोले जिसके बाद उनकी कंपनी एक पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी बन गई।जिसे पहले हैम्पशायर होटल्स एंड रिसॉर्ट्स कहा जाता था लेकिन 2015 में इसका नाम बदलकर ड्रीम होटल ग्रुप कर दिया गया। फिलहाल चटवाल ​​बोर्ड के चेयरमैन है।

4- चरणजीत सिंह बत्थ –

कैलिफोर्निया वैसे तो अमेरिका में मिनी पंजाब के नाम से फेमस हो चुका है, लेकिन यहां रहने वाले एक पंजाबी मूल के अमेरिकी किसान चरणजीत सिंह बत्थ अपनी किसानी की टैक्नीक के दम पर अरबपति बनने वाले लोगो में शामिल है। वो 2024 में फ्रेस्नो में 30,000 एकड़ के फार्म के मालिक हैं, जिसे फ्रेस्नो काउंटी कहा जाता है। उन्होंने साल 1969 में सेंट्रल सैन जोकिन वैली के  50 एकड़ ज़मीन पर अंगूर की खेती शुरु की थी, जो समय के साथ बढ़ती गई और आज वह 14,000 एकड़ में अंगूर उगाते हैं वहीं सेंट्रल सैन जोकिन वैली से ही दुनिया के आधे से ज्यादा हिस्से में किशमिश भेजे जाते है। जो कि अंगूर की खेती से ही की जाती है। 2010 में किशमिश की फसल की कीमत $595 मिलियन के आसपास हो गई थी। चरण सिंह बत्थ अंगूर उंगाने और किशमिश के व्यापार में बड़ा योगदान दे रहे है। वो अमेरिका के सफल किसानों में से एक है। उन्हें Raisin King of US भी कहा जाता है।

5- अमन भूटानी – Aman Bhutani

भले ही आपने अमन भूटानी का नाम पहली बार सुना हो, लेकिन गो डैडी का नाम तो आपने सुना ही होगा। अमन भूटानी ने 2019 में गो डैडी से सबको परिचित कराया था, उससे पहले उन्होंने 2015 से 2019 तक ब्रांड Expedia Group के प्रेसिडेंट और 2010 से 2015 तक चीफ़ टेक्नोलॉजी ऑफ़िसर और दुनिया भर में इंजीनियरिंग के SVP के तौर पर काम किया, इसके अलावा JP Morgan Chase में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुके थे, 2025 तक अमनपाल सिंह भुटानी की अनुमानित नेट वर्थ 41.34 मिलियन डॉलर थी। अमन भूटानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में बैचलर ऑफ़ आर्ट्स की डिग्री हासिल की थी और इंग्लैंड के लंकाशायर में लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी से MBA किया था। आज अमन अमेरिका के अमीर और सफल सिखों में गिने जाते है। आपको बता दें, ये वो सिख है जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर अमेरिका में खुद को स्थापित किया है। इनकी सफलता पर हर एक भारतीय को गर्व महसूस होता है।

Shikha

shikha@nedricknews.com

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