Ajit Pawar Dhirubhai Ambani Controversy: क्या पेट्रोल चुरा कर अरबपति बनें धीरू भाई अम्बानी?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 17 Jun 2025, 12:00 AM | Updated: 17 Jun 2025, 12:00 AM

Ajit Pawar Dhirubhai Ambani Controversy: बारामती तालुका में मालेगांव सहकारी शक्कर कारखाने के चुनाव की तारीख 22 जून तय की गई है, और इस चुनाव को लेकर उपमुख्यमंत्री अजित पवार सक्रिय रूप से प्रचार में जुटे हुए हैं। अजित पवार ने खुद बी क्लास सहकारी समिति निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया है। चुनाव प्रचार के दौरान अजित पवार ने कई महत्वपूर्ण बयान दिए, जिनमें से एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

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अजित पवार का वायरल बयान- Ajit Pawar Dhirubhai Ambani Controversy

अजित पवार के इस वायरल बयान में उन्होंने उद्योगपति धीरूभाई अंबानी का जिक्र करते हुए कहा कि धीरूभाई अंबानी पेट्रोल पंप से करोड़पति बने थे। यह बयान उन्होंने एक सभा में दिया था, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। इस बयान का वीडियो सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने शेयर किया, जिसके बाद यह मुद्दा गरमा गया। अजित पवार ने आगे कहा कि अगर वह सहकारी संस्था की आलोचना नहीं करना चाहते तो क्या वह पेट्रोल पंप खोलते? उन्होंने यह भी कहा कि उनके गरीब बच्चे वहां काम करते थे, और पेट्रोल पंप पर काम करना कोई मामूली बात नहीं थी।

अंजलि दमानिया ने अजित पवार के बयान को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए इसे व्यापक रूप से फैलाया। इसके बाद से सोशल मीडिया में इस पर चर्चा तेज हो गई। अजित पवार का बयान वायरल होने के बाद कई लोग इसे लेकर आलोचना करने लगे, और कुछ ने इसे राजनीति का हिस्सा मानते हुए उनकी आलोचना की।

वायरल वीडियो की सच्चाई

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर एक नई विवाद की शुरुआत हुई है। वायरल वीडियो को लेकर यह दावा किया गया है कि पवार ने कहा था कि “धीरूभाई अंबानी पेट्रोल पंप से चोरी करते थे”, जबकि असली क्लिप में उन्होंने “भरने” शब्द का इस्तेमाल किया था। इसका मतलब यह था कि उन्होंने पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरने का जिक्र किया था, न कि चोरी का। इस गलत व्याख्या ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया।

अजित पवार का जवाब

इस विवाद के बाद अजित पवार ने अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा, “अगर मैंने कोई गलत शब्द इस्तेमाल किया है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना था और उन्होंने किसी का अपमान नहीं किया। उनका कहना था कि यदि वह सही शब्द का प्रयोग नहीं करते, तो इसका उन्हें खेद है।

सामाजिक कार्यकर्ता का निशाना

सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने इस मामले को लेकर अजित पवार पर निशाना साधा और उनके वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने इस मुद्दे को सिंचाई घोटाले और महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (MSC Bank) घोटाले से जोड़ते हुए एनसीपी नेतृत्व पर हमला बोला। दमानिया ने इसे “दोहरे मापदंड” करार दिया और अजित पवार पर अपनी तीखी टिप्पणी की।

एनसीपी का बयान

एनसीपी प्रवक्ता आनंद परांजपे ने अजित पवार के बयान पर सफाई देते हुए कहा कि पवार का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना था, न कि किसी को नीचा दिखाना। उन्होंने कहा कि पवार का संदेश यह था कि सीमित संसाधनों में भी अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी मुश्किल दूर की जा सकती है। परांजपे ने कहा कि बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत करना दुर्भाग्यपूर्ण था और इससे पवार का उद्देश्य पूरी तरह से गुमराह हुआ है।

मालेगांव सहकारी शक्कर मिल चुनाव

मालेगांव सहकारी शक्कर मिल का चुनाव बारामती की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। अजित पवार के खुद चुनाव लड़ने और उनके नेतृत्व में नीलकंठेश्वर पैनल के मैदान में उतरने से यह मुकाबला त्रिकोणीय या चौतरफा होने की संभावना जताई जा रही है। यह चुनाव न केवल सहकारी क्षेत्र से जुड़ा है, बल्कि बारामती की राजनीति में भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

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