Delhi high alert January 26: 77वें गणतंत्र दिवस से ठीक पहले देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी कर दी गई है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट्स के बाद दिल्ली पुलिस और तमाम सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट मोड पर हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में न सिर्फ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, बल्कि वांटेड आतंकियों के पोस्टर भी चस्पा किए गए हैं, ताकि आम लोग भी सतर्क रहें और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचा सकें।
रेलवे स्टेशनों पर बढ़ाई गई सुरक्षा, लगाए गए आतंकी पोस्टर | Delhi high alert January 26
रविवार रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दिल्ली पुलिस ने बड़े स्तर पर सुरक्षा जांच की और कई जगह वांटेड आतंकियों के पोस्टर लगाए। इसके अलावा पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, निजामुद्दीन, आनंद विहार, सराय रोहिल्ला जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भी ये पोस्टर नजर आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गणतंत्र दिवस के आसपास रेलवे स्टेशन सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं, क्योंकि यहां रोजाना लाखों यात्री आते-जाते हैं।
किन आतंकी संगठनों के पोस्टर लगाए गए
जो पोस्टर लगाए गए हैं, वे बब्बर खालसा इंटरनेशनल, जैश-ए-मोहम्मद, अल-कायदा और खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े कुख्यात आतंकियों के हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के चीफ अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला का है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक अर्श डल्ला कनाडा में बैठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी नेटवर्क चला रहा है और भारत में हमलों की साजिश रचने में सक्रिय है।
भीड़भाड़ वाले बाजारों में भी पुलिस की पैनी नजर
सिर्फ रेलवे स्टेशन ही नहीं, बल्कि दिल्ली के सबसे व्यस्त बाजारों में भी पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। सरोजनी नगर, करोल बाग, लाजपत नगर, पहाड़गंज, सदर बाजार और चांदनी चौक जैसे इलाकों में आतंकी पोस्टर लगाए गए हैं। पुलिस का साफ मकसद है कि अगर कोई व्यक्ति इन आतंकियों को पहचानता है या उनकी किसी संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानता है, तो तुरंत पुलिस को जानकारी दे। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध हरकत को नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी या इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल करें।
खुफिया एजेंसियों का अलर्ट: ‘हाइब्रिड मॉडल’ से खतरा
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इस बार खतरा सिर्फ विदेशी आतंकियों से नहीं, बल्कि एक नए ‘हाइब्रिड मॉडल’ से है। इसमें खालिस्तानी संगठनों के साथ-साथ बांग्लादेश स्थित कुछ आतंकी तत्व और स्थानीय गैंगस्टर मिलकर काम कर रहे हैं। विदेश में बैठे आतंकी हैंडलर अब खुद भारत नहीं आ रहे, बल्कि पंजाब और आसपास के राज्यों के गैंगस्टरों को फुट सोल्जर की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्हीं के जरिए हथियारों की सप्लाई, रेकी और हमलों की साजिश रची जा रही है।
पंजाब के गैंगस्टर बन रहे फुट सोल्जर
न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक एक इंटेलिजेंस अलर्ट में बताया गया है कि पंजाब के कई गैंगस्टर खालिस्तानी और कट्टरपंथी हैंडलर्स के लिए फुट सोल्जर के तौर पर काम कर रहे हैं। ये गैंगस्टर हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय बताए जा रहे हैं और धीरे-धीरे खालिस्तानी आतंकी संगठनों के संपर्क में आ रहे हैं। एजेंसियों का मानना है कि इन आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
दिल्ली समेत कई शहर निशाने पर
खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है कि 26 जनवरी के आसपास दिल्ली के साथ-साथ देश के कई अन्य बड़े शहरों को भी निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है। इसी वजह से सिर्फ राजधानी ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों की पुलिस को भी सतर्क रहने को कहा गया है। खास तौर पर संवेदनशील जगहों, वीआईपी मूवमेंट और बड़े आयोजनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पिछले धमाके के बाद और सख्ती
इस बार दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था इसलिए भी ज्यादा सख्त है, क्योंकि पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की घटना अभी लोगों के जेहन में ताजा है। उस धमाके में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान गई थी और बाद में एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ था। उसी घटना से सबक लेते हुए इस बार गणतंत्र दिवस को लेकर कोई ढील नहीं दी जा रही है।
मॉक ड्रिल से परखी गई तैयारियां
26 जनवरी की परेड से पहले दिल्ली पुलिस ने कई मॉक ड्रिल की हैं। खासकर उत्तरी दिल्ली में जनवरी के पहले पखवाड़े के दौरान चार बड़े मॉक ड्रिल अभ्यास किए गए। इनमें लाल किला, ISBT कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, खारी बावली, सदर बाजार और कई मेट्रो स्टेशन शामिल थे। इन अभ्यासों के जरिए यह देखा गया कि किसी आपात स्थिति में पुलिस और अन्य एजेंसियां कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दे सकती हैं।
जनता से सहयोग की अपील
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आतंकी साजिशों को नाकाम करने में जनता की सतर्कता सबसे बड़ी ताकत है। पुलिस ने साफ किया है कि गणतंत्र दिवस का जश्न तभी सुरक्षित और शांतिपूर्ण होगा, जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करे।
गणतंत्र दिवस परेड की भव्य तैयारी
बता दें, इस बार गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर कम से कम 30 झांकियां निकाली जाएंगी। ये झांकियां भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास की कहानी दिखाएंगी। परेड की थीम “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम” और “समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत” रखी गई है। यह आयोजन राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का प्रतीक भी होगा।
कुल मिलाकर, राजधानी दिल्ली इस वक्त पूरी तरह अलर्ट पर है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं और उम्मीद यही है कि 77वां गणतंत्र दिवस देशभर में शांति और गर्व के साथ मनाया जाएगा।
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