Jaya Kishori: जया किशोरी को लोग एक प्रसिद्ध कथावाचक, भजन गायिका और मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में जानते हैं। लेकिन उनकी पहचान सिर्फ अध्यात्म तक सीमित नहीं है। वे अपनी फिटनेस, सादा जीवन, अनुशासित दिनचर्या और सकारात्मक सोच के लिए भी जानी जाती हैं।
कौन हैं जया किशोरी?
जया किशोरी पहले नाम जया शर्मा था। उनका जन्म 13 जुलाई 1995 को पश्चिम बंगाल कोलकाता में हुआ था। हालांकि उनका पूरा परिवार राजस्थान के सुजानगढ़ का रहने वाला है। उनके गुरु पंडित गोविंद राम मिश्र ने उनकी भगवान श्री कृष्ण से प्रभावित होकर उन्हें ‘किशोरी जी’ की उपाधि दी थी। बहुत कम उम्र में ही उनका झुकाव अध्यात्म की ओर हो गया था। 7 साल की उम्र से वे भक्ति मार्ग पर चल पड़ी थीं। 9–10 साल की उम्र में वे सुंदरकांड, लिंगाष्टकम, शिव तांडव स्तोत्र जैसे कठिन पाठ करने लगी थीं।
Jaya Kishori की पहली कथा
जया किशोरी की पहली कथा कोलकाता के प्रसिद्ध श्री श्याम मंदिर, घुसुड़ीधाम में हुई थी। यह कथा उन्होंने बहुत छोटी उम्र में मारवाड़ी भाषा में की थी, जिसकी तैयारी उन्होंने करीब डेढ़ साल तक की थी। इसी से उन्हें पहचान मिलनी शुरू हुई। वे खासतौर पर नानी बाई का मायरा’, ‘नरसी का भात’ और श्रीमद्भागवत कथा के लिए जानी जाती हैं। उनका मानना हैं कि शरीर का ध्यान रखना भी एक तरह की पूजा है। इसलिए वे आध्यात्म के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी पूरा ध्यान देती हैं। हालांकि अपनी फिटनेस जर्नी में उनसे एक बड़ी गलती भी हुई थी, जिसका जिक्र उन्होंने खुद कई इंटरव्यू में किया है। गलत तरीके से किया वेट लॉस, फिर सीखा सही तरीका
यूट्यूब पर गुंजन शाउट्स नाम के चैनल पर दिए इंटरव्यू में जया किशोरी ने बताया कि एक समय उन्होंने जल्दी वजन घटाने के लिए क्रैश डाइट अपनाई थी। उस समय उन्हें लगा कि कम खाना ही वजन घटाने का सबसे आसान तरीका है। लेकिन इसका उल्टा असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ने लगा। तब उन्हें समझ आया कि वेट लॉस कोई 10–15 दिन का काम नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी की लाइफस्टाइल है। फैन्सी डाइट या क्रैश डाइट से नुकसान ज्यादा हो सकता है। संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और धैर्य सही तरीका है।जया
किशोरी की लाइफस्टाइल की खास बातें
बता दें कि जया किशोरी सादा और शाकाहारी भोजन पसंद करती है। उन्हें घर का बना साधारण खाना ज्यादा पसंद है जैसे दाल, चावल, पनीर, राजमा, दही। वे शुद्ध शाकाहारी हैं और बाहर के खाने से बचती हैं। कथावाचक जया किशोरी सुबह हेल्दी शुरुआत करती हैं। वह सुबह नट्स और एक चम्मच देसी घी से करती हैं। साथ में योग और प्राणायाम उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
वह व्यस्त कार्यक्रमों के बीच भी वे ब्रेक लेकर धार्मिक संगीत सुनती हैं या मोटिवेशनल किताबें पढ़ती हैं, ताकि मन सकारात्मक बना रहे। साथ ही कथाओं के दौरान वे साड़ी या कुर्ता जैसे पारंपरिक कपड़े पहनती हैं। आभूषण भी बहुत साधारण रखते हुए सादगी को प्राथमिकता देती हैं।
जया किशोरी का जीवन आध्यात्म और आधुनिकता का मेल
एक तरफ वे कृष्ण भक्ति में लीन हैं, वहीं दूसरी तरफ युवाओं तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया, वेबसाइट और यूट्यूब का सहारा लेती हैं। बता दें कि समय पर सोना-जागना, संतुलित आहार, मेडिटेशन के जरिए भावनाओं पर नियंत्रण — ये सब उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
युवाओं के लिए संदेश
एक मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में जया किशोरी युवाओं को self-love, धैर्य और सकारात्मक सोच का संदेश देती हैं। वे कहती हैं कि कठिन समय में घबराने की बजाय खुद पर विश्वास रखें और अनुशासन बनाए रखें।
जया किशोरी की जिंदगी इस बात का उदाहरण है कि अध्यात्म और आधुनिक जीवनशैली साथ-साथ चल सकते हैं। सादा भोजन, फिटनेस, अनुशासन, सकारात्मक सोच और भक्ति यही उनकी जीवनशैली की पहचान है। उनकी वेट लॉस जर्नी भी यही सिखाती है कि स्वास्थ्य के साथ कोई शॉर्टकट नहीं होता, सही लाइफस्टाइल ही असली समाधान है।



























