ये है Z+ सिक्योरिटी से ऊपर की सुरक्षा,  जानें क्या है इसकी खासियत और भारत में किन लोगों के पास है

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 12 Nov 2024, 12:00 AM | Updated: 12 Nov 2024, 12:00 AM

SPG commando salary: भारत में सुरक्षा व्यवस्था को कई श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें X, Y, Z और Z+ श्रेणियां शामिल हैं। इनमें से Z+ सुरक्षा (Z Plus Security) को सबसे उच्च स्तर माना जाता है, जो प्रमुख व्यक्तियों को प्रदान की जाती है। हालांकि जेड प्लस सिक्योरिटी से ऊपर की सुरक्षा जेड प्लस एएसएल सिक्योरिटी को माना जाता है। यह सुरक्षा घेरा जेड प्लस सिक्योरिटी से ज्यादा मजबूत है। हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को जेड प्लस एएसएल सुरक्षा दी गई है। यह सुरक्षा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा के बराबर है। वहीं, इसके ऊपर भी एक विशेष सुरक्षा श्रेणी है, जिसे स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) सुरक्षा कहा जाता है। आईए आपको विस्तार से बताते हैं।

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क्या है ASL सुरक्षा?

ASL कई परतों वाला सुरक्षा घेरा है। इस श्रेणी की सुरक्षा का जिम्मा स्थानीय संगठनों जैसे कि संबंधित जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य द्वारा संभाला जाता है। जिस स्थान पर मोहन भागवत कार्यक्रम में शामिल होंगे, उसका निरीक्षण अब एक दल द्वारा किया जाएगा। जब दल को पूरी तरह से मंजूरी मिल जाएगी, तभी मोहन भागवत कार्यक्रम में जा सकेंगे। सरल शब्दों में कहें तो नई सुरक्षा श्रेणी के अनुसार मोहन भागवत जिस स्थान पर जाएंगे, वहां पहले से ही सीआईएसएफ के जवान मौजूद रहेंगे।

ASL security above Z+ security
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एएसएल सिक्योरिटी में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा है। हेलीकॉप्टर यात्रा भी विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हेलीकॉप्टरों में ही की जाती है और इस पर कुछ प्रोटोकॉल लागू होते हैं।

आधुनिक तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल

एडवांस्ड सिक्योरिटी लाइजन सिक्योरिटी के तहत खतरे के हिसाब से कमांडो की संख्या बढ़ाई या घटाई जा सकती है। साथ ही इसमें आंतरिक और बाहरी सुरक्षा घेरा होता है। इतना ही नहीं, यहां आधुनिक तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।

ASL security above Z+ security
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जेड प्लस सिक्यिरिटी का अपग्रेड वर्जन

जेड प्लस सुरक्षा में 55 सुरक्षाकर्मी होते हैं। जिसमें 10 एनएसजी कमांडो और बाकी सीआरपीएफ के जवान होते हैं। आपको बता दें कि एएसएल सुरक्षा प्रणाली जेड प्लस सुरक्षा का अपग्रेडेड वर्जन है। अभी तक सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पास ही ऐसी सुरक्षा प्रणाली है।

SPG सुरक्षा क्या है?

SPG यानी स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप भारत सरकार की एक विशिष्ट सुरक्षा एजेंसी है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके तत्काल परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस सुरक्षा का गठन 1988 में संसद के एक अधिनियम के माध्यम से किया गया था।

SPG security
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SPG सुरक्षा की विशेषताएँ:

  • कर्मियों की संख्या: एसपीजी सुरक्षा में शामिल कर्मियों की सही संख्या गोपनीय रखी जाती है, लेकिन यह ज्ञात है कि यह संख्या जेड+ सुरक्षा से अधिक है।
  • प्रशिक्षण और उपकरण: एसपीजी कर्मियों को अत्याधुनिक हथियारों, संचार उपकरणों और वाहनों से लैस किया जाता है। उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें मार्शल आर्ट, निहत्थे युद्ध कौशल और उच्च स्तरीय खुफिया जानकारी शामिल है।
  • सुरक्षा कवरेज: एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति की सुरक्षा उसके निवास या कार्यस्थल तक ही सीमित नहीं होती है, बल्कि देश और विदेश में उसकी यात्रा के दौरान भी प्रदान की जाती है।

SPG सुरक्षा किसे मिलती है?

वर्तमान में एसपीजी सुरक्षा केवल भारत के प्रधानमंत्री को ही प्रदान की जाती है। पहले यह सुरक्षा पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवारों को भी दी जाती थी, लेकिन 2019 में संशोधन के बाद अब यह सुरक्षा केवल वर्तमान प्रधानमंत्री तक ही सीमित है।

एसपीजी कमांडो का वेतन (SPG commando salary)

उनके पद और विशेषज्ञता के स्तर के आधार पर, एसपीजी कमांडो का वेतन अलग-अलग होता है। हालांकि, वे आम तौर पर अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के अधिकारियों से ज़्यादा कमाते हैं। नए भर्ती: एसपीजी में एक नवनियुक्त कांस्टेबल प्रति माह ₹70,000 से ₹90,000 तक कमा सकता है।

SPG और अन्य सुरक्षा श्रेणियों में अंतर:

  • Z+ सुरक्षा: इसमें लगभग 55 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें NSG कमांडो और पुलिस कर्मी शामिल होते हैं। यह सुरक्षा गृह मंत्रालय द्वारा प्रदान की जाती है।
  • SPG सुरक्षा: यह एक विशेष सुरक्षा बल है, जो केवल प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए समर्पित है। इसके कर्मियों की संख्या और संचालन गोपनीय होते हैं, और यह सुरक्षा स्तर Z+ से ऊपर माना जाता है।

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