गुरु नानक देव जी की पाँच उदासियाँ

By: Shikha Mishra

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गुरु नानक देव जी की 5 उदासियां (यात्राएं) लगभग 1500-1524 ईस्वी के बीच मानवता, समानता और एक ओंकार का संदेश फैलाने के लिए की गई थीं। 

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पहली उदासी पूर्व दिशा से लगभग 1500-1506 ई. यह यात्रा 7 साल तक चली, जिसमें सुल्तानपुर से शुरू होकर पानीपत, दिल्ली, बनारस, नानकमत्ता, असम, और जगन्नाथ पुरी जैसे स्थान शामिल थे।

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दूसरी उदासी दक्षिण दिशा से लगभग 1506–1513 ई. में शुरू की  इस यात्रा के दौरान, गुरुजी ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और हैदराबाद से होते हुए रामेश्वरम और श्रीलंका तक की यात्रा की।

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 तीसरी उदासी उत्तर दिशा की और थी  1514-1518 ई. में इसमें कश्मीर, सुमेर पर्वत, नेपाल, ताशकंद, सिक्किम, तिब्बत और लद्दाख के दुर्गम क्षेत्रों की यात्रा शामिल थी।

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चौथी उदासी पश्चिम दिशा की और लगभग 1519-1521 ई. में यह यात्रा मक्का-मदीना और बगदाद इराक के लिए थी।

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पांचवीं उदासी के गुरूजी ने  1523-1524 ई. में गुरुजी ने पंजाब के क्षेत्रों जैसे- अमीनाबाद, सियालकोट में धर्म प्रचार किया और अपने अंतिम दिन करतारपुर साहिब में बिताए। 

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