250 करोड़ की ठगी का 'खेल': पैसा डबल का लालच देकर लोगों को बनाया अपना शिकार, कुछ यूं हुआ मामले का खुलासा!

By Ruchi Mehra | Posted on 9th Jun 2021 | टेक
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25 दिनों में पैसा डबल...हेरा फेरी फिल्म की ये स्कीम तो आपको याद ही होगी। कैसे अक्षय कुमार इस स्कीम में फंसकर मुश्किलों में आ जाते हैं। वो तो फिल्म थीं, लेकिन रियल लाइफ में भी ऐसा होता है। कई कंपनियां लोगों को उनका पैसा दोगुना करने का लालच देती हैं और फिर उनको ठग लेती है। 

लालच में लोगों को कुछ यूं फंसाया

ऐसा ही एक खुलासा 250 करोड़ की ठगी का भी हुआ, जो एक ऐप के जरिए किया गया। उत्तराखंड STF ने ये खुलासा किया। पैसे डबल करने का लालच देकर विदेश में बैठे लोगों ने इस ठगी को अंजाम दे रहे थे। इस ठगी के तार उत्तर प्रदेश के नोएडा से भी जुड़े हैं। पुलिस ने इस मामले में नोएडा से एक शख्स को गिरफ्तार किया। 

4 महीनों में ठग लिए 250 करोड़

ऐप पर ये लालच लोगों को दिया जाता था कि 15 दिनों के अंदर उनके पैसे डबल हो जाएंगे। ऐप था नाम था 'पॉवर बैंक', जिसे प्ले स्टोर से देश में 50 लाख से भी ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका था। ऐप के जरिए ठगों ने लोगों को अपने जाल में फंसाकर 250 करोड़ के बड़े फ्रॉड को अंजाम दिया और वो भी सिर्फ 4 महीनों में। 

लोगों को फंसाने के लिए पहले इस ऐप को डाउनलोड करने को कहा जाता था। फिर 15 दिनों में पैसे डबल करने का लालच देते थे। 

इस पूरी ठगी का खुलासा तब हुआ जब हरिद्वार के रहने वाले एक शख्स ने पुलिस को इसके बारे में बताया। दरअसल, उस व्यक्ति ने इस ऐप में दो बार पैसे जमा किए थे, जो 93 हजार और 72 हजार थे। इन पैसों को 15 दिनों में दोगुना करने का लालच दिया हुआ था, लेकिन जब ऐसा कुछ हुआ नहीं, तो शख्स ने पुलिस को इसकी शिकायत की। 

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई। इस दौरान सामने आया कि सभी धनराशि अलग-अलग अकाउंट से ट्रांसफर हुई। इसके बाद पता चला कि ये पूरा खेल 250 करोड़ की ठगी का है। 

विदेश से जुड़े है ठगी के तार

मामले के बारे में जानकारी देते हुए उत्तराखंड STF एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि ठगी करने वाले विदेशी निवेशकों के जरिए भारत के बिजनेसमैन को कमीशन का लालच देकर जोड़ा जाता था। पहले इस ऐप से लोगों को ऑनलाइन लोन दिया जाता। बाद में इसमें कुछ बदलाव किए गए और लोगों को 15 दिनों में उनका पैसा डबल करने का लालच दिया जाने लगा। लोगों ने इसमें पैसे निवेश करना शुरू किया। इसके लिए भारत के ही नागरिकों के बैंक खाते और मोबाईल नम्बर का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि भरोसा दिलाने के लिए शुरू में कुछ लोगों को पैसे बढ़ाकर वापस भी किए गए।

नोएडा से एक शख्स की हुई गिरफ्तारी

वहीं इस मामले में नोएडा से एक शख्स पुलिस के हत्थे चढ़ा है। आरोपी का नाम पवन पांडेय है। उसके पास से 19 लैपटॉप, 592 सिम कार्ड, 5 फोन, 4 ATM और एक पासपोर्ट बरामद किया गया है। जांच में ये भी पता चला कि धनराशि को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजा जा रहा था। 

देहरादून के ADG के मुताबिक इस ऐप को चीन की स्टॉर्ट अप योजना के तहत बनाया गया था। मामले को लेकर आईबी और रॉ जैसी जांच एंजेसियों को जानकारी दे दी गई है। 

Ruchi Mehra
Ruchi Mehra
रूचि एक समर्पित लेखक है जो किसी भी विषय पर लिखना पसंद करती है। रूचि पॉलिटिक्स, एंटरटेनमेंट, हेल्थ, विदेश, राज्य की खबरों पर एक समान पकड़ रखती हैं। रूचि को वेब और टीवी का कुल मिलाकर 3 साल का अनुभव है। रुचि नेड्रिक न्यूज में बतौर लेखक काम करती है।

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